शेयर बाजार में पिछले हफ्ते जो गिरावट देखने को मिली, उसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार तीसरे सत्र तक बाजार दबाव में रहा और प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। मौजूद जानकारी के अनुसार, निफ्टी 50 सूचकांक तीन सत्रों में करीब 679 अंक टूट गया, जबकि बीएसई सेंसेक्स में बुधवार से शुक्रवार के बीच 2600 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखी गई है।
गौरतलब है कि बैंक निफ्टी भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा और मंगलवार के 57,371 के स्तर से गिरकर 56,089 पर बंद हुआ, यानी करीब 1300 अंकों की कमजोरी दर्ज की गई हैं। सेक्टर के लिहाज से देखा जाए तो सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे ज्यादा दबाव रहा, जहां 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, जबकि कमजोर माहौल के बावजूद उपभोक्ता सामान और ऊर्जा क्षेत्र में करीब 2 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है।
जानकारों का मानना है कि ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण बाजार में गिरावट आई है। बता दें कि बाजार अपने 50-दिवसीय औसत स्तर 24,300 (निफ्टी) और 78,000 (सेंसेक्स) के नीचे फिसल गया, जिसके बाद बिकवाली का दबाव और बढ़ गया है।
चॉइस ब्रोकिंग के कार्यकारी निदेशक सुमीत बगाड़िया के अनुसार, मौजूदा समय में बाजार का रुझान कमजोर बना हुआ है और निफ्टी 50 निकट भविष्य में 23,700 से 23,650 के स्तर का परीक्षण कर सकता है। उन्होंने बताया कि हालिया बंद स्तर 23,897 यह संकेत देता है कि बाजार में लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है और निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।
तकनीकी विश्लेषण के आधार पर देखें तो 23,650 से 23,700 के बीच निफ्टी के लिए समर्थन स्तर है, जबकि 24,050 से 24,150 के बीच प्रतिरोध देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 50 के नीचे खिसककर 49.21 पर आ गया है, जो कमजोर गति का संकेत देता है। वहीं, अस्थिरता सूचकांक में बढ़ोतरी यह दिखाती है कि बाजार में अनिश्चितता बढ़ रही हैं।
डेरिवेटिव आंकड़ों के अनुसार 24,000 और 24,100 के स्तर पर कॉल राइटिंग अधिक देखने को मिली, जबकि 23,900 और 23,800 पर पुट राइटिंग से यह संकेत मिलता है कि ये स्तर निकट भविष्य में सहारा दे सकते हैं।
शेयरों की बात करें तो सुमीत बगाड़िया ने भारतीय स्टेट बैंक, कोल इंडिया लिमिटेड और ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयरों में खरीदारी की सलाह दी है। उनके अनुसार भारतीय स्टेट बैंक का शेयर करीब 1100 के स्तर पर मजबूत आधार बना रहा है और इसमें ऊपर की तरफ बढ़त की संभावना बनी हुई हैं।
कोल इंडिया लिमिटेड में भी कीमतों का ढांचा सुधरता दिख रहा है और इसमें धीरे-धीरे तेजी का रुख बन सकता है, जबकि ग्रासिम इंडस्ट्रीज फिलहाल स्थिर दायरे में कारोबार कर रहा है और इसमें आगे बढ़त के संकेत मिल रहे हैं।
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