NIA की बड़ी कार्रवाई: कोलकाता बम धमाका केस में मुख्य आरोपी गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मार्च 2026 में हुए पश्चिम बंगाल बम धमाका मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी को गिरफ़्तार किया है. यह धमाका बिजोयगंज बाज़ार थाना क्षेत्र के दक्षिण बामुनिया गांव में हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे.
गिरफ़्तार आरोपी की पहचान अहीदुल इस्लाम मोल्ला के रूप में हुई है, जो दक्षिण 24 परगना ज़िले के उसी इलाके का निवासी है. जांच एजेंसी के अनुसार, वह इस मामले में सह-साजिशकर्ता था और बम बनाने तथा घटना के बाद सबूत मिटाने में उसकी भूमिका सामने आई है. NIA की जांच में यह भी सामने आया है कि साजिश के तहत बम तैयार करते वक्त धमाका हो गया. इसके कारण साजिश में शामिल एक आरोपी की मौके पर ही मौत गई थी. इस मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस पहले ही एक अन्य आरोपी को गिरफ़्तार कर चुकी है, जबकि आगे की जांच जारी है.
साजिश और सबूत मिटाने में था शामिल
NIA की जांच में सामने आया है कि अहिदुल इस्लाम मोल्ला इस मामले में सह-साजिशकर्ता की तरह था. वह बम बनाने की तैयारी में लगा था. धमाके की योजना और घटना के बाद सबूत मिटाने का प्रयास हो रहा था. एजेंसी के अनुसार, आरोपी ने अपने साथियों के संग मिलकर पूरी साजिश को अंजाम दिया था. धमाके उसी दौरान हुए जब बम तैयार किए जा रहे थे.
पहले भी एक आरोपी गिरफ्तार
इसके केस मं पहले एक अन्य आरोपी को पश्चिम बंगाल पुलिस ने पकड़ा था. अब NIA इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका को जांचा है. NIA के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है. आने वाले समय में कई गिरफ्तारियां सामने आ सकती हैं. एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि बम किस लक्ष्य से तैयार किए गए और इसमें कौन-कौन शामिल है. इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे केस पर नजर बनाए हुए हैं.
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तेजी से करोड़पति बनना चाहते हैं लॉ स्टूडेंट्स, NLU में पढ़ाई जाए मनुस्मृति और अर्थशास्त्र: जस्टिस धर्माधिकारी
जस्टिस धर्माधिकारी ने इंडियन हिस्ट्री को सिलेबस का हिस्सा बनाने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि इंडिक साइंस और शाश्वत मूल्यों पर एक अलग कोर्स अनिवार्य होना चाहिए. इन पुराने मूल्यों ने हर भारी हमले के बाद भी भारतीय सभ्यता की मजबूत रीढ़ को थामे रखा. भारतीय संविधान के कई अहम हिस्सों में भी इन महान ग्रंथों की साफ झलक मिलती है. जातक कथाएं, पंचतंत्र और चाणक्य के उपदेश हर लॉ स्कूल के सिलेबस में जरूर होने चाहिए.
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