सोनू निगम ने फैंस को दिया सरप्राइज, 'धुंरधर' का गाना सुनते देख खुद पहुंचे पास, वीडियो वायरल
सिंगर सोनू निगम के फैंस की तादाद बहुत बड़ी है और इसका सबूत एक वायरल वीडियो है. यह वीडियो नीदरलैंड्स का है, जहां सोनू निगम रॉटरडैम में अपने कॉन्सर्ट के लिए जा रहे थे. वीडियो में दिख रहा है कि सोनू अपनी गाड़ी में बैठे हैं और मुस्कुरा रहे हैं, तभी उन्हें सुनाई देता कि उनके आगे चल रही एक गाड़ी में कुछ लड़के 'धुरंधर' से उनका गाना 'ये इश्क इश्क' जोर-जोर से बजा रहे हैं. वीडियो में आगे सोनू निगम कहते हैं, "मेरा गाना सुन रहे हैं, उनको पता नहीं कि पीछे मैं खड़ा हूं क्योंकि हमारे शो पे आ रहे हैं ना ये." यह कहने के बाद सोनू ने अपने यंग फैंस को एक ऐसा सरप्राइज दिया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की होगी. सोनू ने अपने ड्राइवर से कहा कि गाड़ी उनके पास ले जाएं और फिर उन्होंने अपनी विंडो नीचे कर दी. जैसे ही फैंस ने देखा कि सोनू निगम उनकी गाड़ी के पास हैं, वे खुशी से हाथ हिलाने लगे और मुस्कुराने लगे. सोनू ने वीडियो के आखिर में कहा, "सो स्वीट." इस खुशमिजाज वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए सोनू ने लिखा, "जब आप देखते हैं कि आपके दर्शकों के लिए आपका कॉन्सर्ट उनकी गाड़ी में ही शुरू हो गया है."
कटनी जिला अस्पताल में शर्मनाक हरकत! मरीज तड़पता रहा, परिजनों से धुलवाई एंबुलेंस
मध्य प्रदेश के कटनी जिला अस्पताल में सामने आई यह घटना हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रही है। एक तरफ सड़क हादसे में घायल मरीज दर्द से तड़प रहा था, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल में मौजूद स्टाफ का रवैया इंसानियत को शर्मसार कर रहा था।
कटनी अस्पताल शर्मनाक घटना ने यह दिखा दिया कि आपातकालीन स्थिति में भी सिस्टम कैसे काम करता है। जब मरीज को तुरंत इलाज और बेहतर सुविधा की जरूरत थी, तब उसके परिजनों को एंबुलेंस साफ करने के लिए मजबूर किया गया।
क्या है पूरा मामला
कटनी अस्पताल शर्मनाक घटना उस समय हुई, जब 32 वर्षीय राहुल बर्मन सड़क दुर्घटना में घायल होकर अस्पताल पहुंचे। प्राथमिक इलाज के बाद जब उनकी हालत बिगड़ी, तो डॉक्टरों ने उन्हें जबलपुर रेफर करने का फैसला लिया। लेकिन आरोप है कि इसी दौरान 108 एंबुलेंस सेवा के एक कर्मचारी ने एंबुलेंस की सफाई खुद करने के बजाय मरीज के परिजनों से ही पानी डलवाकर गाड़ी साफ करवाई।
सवालों के घेरे में सिस्टम और जिम्मेदारी
कटनी अस्पताल शर्मनाक घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या अस्पताल में यही व्यवस्था है? जब किसी की जान खतरे में हो, तो क्या परिजनों को इस तरह के काम करने के लिए मजबूर किया जाना सही है? यह घटना सिर्फ एक कर्मचारी की गलती नहीं लगती, बल्कि पूरे सिस्टम की खामियों को उजागर करती है। अगर आपातकालीन सेवाओं में इस तरह की लापरवाही होगी, तो आम लोगों का भरोसा कैसे बना रहेगा?
108 सेवा पर उठे सवाल
कटनी अस्पताल शर्मनाक घटना के बाद 108 एंबुलेंस सेवा भी सवालों के घेरे में आ गई है। यह सेवा लोगों की जान बचाने के लिए शुरू की गई थी, लेकिन अगर इसी सेवा में इस तरह की असंवेदनशीलता देखने को मिले, तो यह चिंता की बात है। लोगों का कहना है कि जब एंबुलेंस का स्टाफ अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएगा, तो मरीजों की हालत और बिगड़ सकती है।
प्रशासन का बयान और जांच का भरोसा
कटनी अस्पताल शर्मनाक घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है। सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा ने कहा है कि इस मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, लोगों के मन में यह सवाल भी है कि क्या इस बार सच में कार्रवाई होगी या मामला कुछ समय बाद शांत हो जाएगा।
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