बीडब्ल्यूएफ ने 3x15-प्वाइंट सिस्टम को मंजूरी दी, जनवरी 2027 से होगा लागू
नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) ने शनिवार को खेलों में स्कोरिंग के तरीके में एक बड़े बदलाव को मंजूरी दे दी। जनवरी 2027 से, इसके सदस्य संघों से मिले भारी समर्थन के बाद, एक नया 3x15-प्वाइंट सिस्टम इस्तेमाल किया जाएगा।
समुद्र में ईरान का बड़ा एक्शन: होर्मुज से दो जहाजों को किया जब्त, भारत आ रहा 'MSC' जहाज भी निशाने पर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की नौसेना ने एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से दो व्यापारिक जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया है।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडो ने हेलिकॉप्टर के जरिए इन जहाजों पर उतरकर सैन्य कार्रवाई की और इन्हें ईरानी बंदरगाह की ओर मोड़ दिया, इस घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में हड़कंप मच गया है क्योंकि होर्मुज की खाड़ी दुनिया के सबसे व्यस्त तेल व्यापार मार्गों में से एक है।
ईरान का दावा है कि ये जहाज समुद्री नियमों का उल्लंघन कर रहे थे, हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई इजरायल और पश्चिमी देशों को कड़ा संदेश देने के लिए की गई है।
जब्त किए गए जहाजों में से एक जहाज 'MSC' से जुड़ा है, जो सीधे तौर पर भारत की ओर आ रहा था, इस जहाज पर सवार क्रू मेंबर्स की सुरक्षा को लेकर अब चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि अक्सर ऐसे जहाजों पर भारतीय नाविक भी बड़ी संख्या में तैनात होते हैं।
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक इस जहाज का संबंध इजरायली अरबपतियों से बताया जा रहा है, जिसकी वजह से ईरान ने इसे निशाना बनाया, भारत के विदेश मंत्रालय की इस पूरी घटना पर पैनी नजर है और वे लगातार ईरानी अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि जहाज पर सवार लोगों और कार्गो की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, इस जब्ती ने समुद्री व्यापार जगत में सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
ईरानी मीडिया के मुताबिक जिन जहाजों को जब्त किया गया है, उनका संबंध इजरायल के साथ होने के पुख्ता इनपुट मिले थे, ईरान लंबे समय से धमकी दे रहा था कि वह अपने समुद्री क्षेत्र से गुजरने वाले इजरायली हितों से जुड़े जहाजों को निशाना बनाएगा, 'MSC' से जुड़ा यह जहाज लंदन स्थित 'जोडिएक मैरीटाइम' कंपनी का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसका स्वामित्व इजरायली व्यवसायी ईयाल ओफ़र के पास है।
ईरान का मानना है कि इन जहाजों के जरिए खुफिया जानकारी या प्रतिबंधित सामान ले जाया जा रहा था, यही कारण है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बिना समय गंवाए बीच समुद्र में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया और जहाजों को डिटेन कर लिया।
होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली इस तरह की सैन्य कार्रवाइयों का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर पड़ता है, दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है और जहाजों की जब्ती से सप्लाई चेन बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है।
अमेरिका और ब्रिटेन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है, सुरक्षा एजेंसियों ने इस क्षेत्र से गुजरने वाले अन्य व्यापारिक जहाजों को भी 'हाई अलर्ट' पर रहने की सलाह दी है, यदि यह गतिरोध लंबा खिंचता है तो आने वाले दिनों में भारत सहित कई देशों में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है।
ईरान द्वारा जहाजों को जब्त किए जाने की यह घटना मिडिल ईस्ट में एक बड़े सैन्य संघर्ष की आहट मानी जा रही है, इजरायल ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर उसके जहाजों या नागरिकों को निशाना बनाया गया तो वह इसका मुंहतोड़ जवाब देगा, इस कार्रवाई ने अमेरिका को भी सक्रिय कर दिया है।
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