‘गांव छोड़ब नाहीं, जंगल छोड़ब नाहीं...', सालों पुराना गीत फिर बना छात्र प्रोटेस्ट की आवाज, जानिए इसकी पूरी कहानी
Gaon Chhodab Nahi Jungle Song History: झारखंड में आंदोलन और गीतों का नाता बहुत पुराना रहा है. यहां कई बार नारे सिर्फ नारे नहीं रहे, बल्कि गीत बने और फिर लोगों की आवाज बने. इन दिनों एक ऐसा ही गीत सुनने को मिल रहा है. जो इस तरह है ‘गांव छोड़ब नाहीं, जंगल छोड़ब नाहीं’. इस गीत को झारखंड के छात्र आंदोलन अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए गा रहे हैं. जल, जंगल और जमीन की लड़ाई से निकला यह गीत अब रोजगार और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े छात्र आंदोलन की आवाज बन गया है. इसकी खासियत यह है कि करीब दो दशक से ज्यादा टाइम गुजरने के बाद भी आज भी इसके शब्द इतने ही ताकतवर हैं. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
किस बारे में है यह गीत
‘गांव छोड़ब नाहीं, जंगल छोड़ब नाहीं’ का सीधा मतलब है कि जमीन, जंगल और अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ, इसका यह भी भाव है कि उसे कहीं छोड़कर कहीं नहीं जाना है. यही वजह है कि यह गीत सिर्फ सुनने के लिए नहीं बल्कि अपनी बातें कहने का भी जरिया बनता है. बल्कि अपनी बात रखने के लिए गाया जाता रहा है. इसके बोल विस्थापन, जमीन छिनने और विकास के नाम पर आदिवासी इलाकों में होने वाले बदलावों के सवाल से जुड़े हैं. आपको बता दें कि इस गीत की पॉपुलैरिटी इतनी ज्यादा है कि यह झारखंड से निकलकर ओडिशा, छत्तीसगढ़ और दूसरे आदिवासी इलाकों के स्ट्रगल में सुनाई देने लगा. 2019 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के किरंदुल में आदिवासी आंदोलन के दौरान भी यह गीत गूंजा था.
किसने लिखा था इस गीत को
इस गीत के रचनाकार पद्मश्री लोकगायक मधु मंसूरी हंसमुख को माना जाता है. साथ ही उन्हें इसके पहले गायक माने जाते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मधु मंसूरी ने खुद बताया था कि उनका संगीत और गीत दो चीजों से जुड़ा हुआ है , पहला आदिवासी संस्कृति को बचाए रखना और झारखंड को अलग राज्य बनाने का आंदोलन. वहीं, कई लोग इसे फिल्मकार मेघनाथ की रचना बताते हैं. बताया जाता है कि मधु मंसूरी ने बहुत कम उम्र में गीत गाना शुरू किया था. उनके गीत झारखंड आंदोलन की सभाओं में नारे की तरह इस्तेमाल होते थे. ‘गांव छोड़ब नाहीं’ 2007 में खास तौर पर पॉपुलर हुआ था. इसके बाद यह गीत अलग-अलग जन आंदोलनों में लगातार सुनाई देता रहा.
झारखंड आंदोलन के बाद पॉपुलर हुआ गीत
मधु मंसूरी हंसमुख का नाम झारखंड आंदोलन के सांस्कृतिक पक्ष से गहराई से जुड़ा रहा है. जब झारखंड को अलग राज्य बनाने के लिए आंदोलन हो रहा था उस समय यह गीत लोगों तक आंदोलन की बात पहुंचाने का माध्यम बना. झारखंड आंदोलन के दौरान मधु मंसूरी के गाए गीतों में लोगों की तकलीफ और अलग राज्य की मांग साफ सुनाई देती थी. ‘गांव छोड़ब नाहीं, जंगल छोड़ब नाहीं, माई-माटी छोड़ब नाहीं’ भी आंदोलन में नारे की तरह इस्तेमाल होता था. यही वह दौर था जब गीत धीरे-धीरे किसी एक कलाकार का गाना न रहकर आंदोलन की आवाज बना.
2010 के आसपास म्यूजिक वीडियो से बड़ी पॉपुलरैरिटी
गीत की लोकप्रियता सिर्फ झारखंड तक लिमिट नहीं रही. फिल्मकार और डॉक्यूमेंट्री से जुड़े के.पी. शशि ने इस गीत पर म्यूजिक वीडियो बनाया. अब इसे सिर्फ मंचों पर गाने के बजाय वीडियो के जरिए भी लोगों तक पहुंचाया जाने लगा. गीत की मैन बात अपनी जमीन, जंगल और मातृभूमि को छोड़ने से इनकार और अपने राइट्स को लेकर ही रही.
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आज दशकों के बाद झारखंड आंदोलन में क्यों गूंज रहा है यह पुराना गीत?
अब यही गीत झारखंड के छात्र आंदोलनों में सुनाई दे रहा है. जेपीएससी और जेएसएससी में गड़बड़ी और रोजगार के सवालों को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं. आज छात्रों की लड़ाई का मुद्दा जंगल या जमीन तक लिमिटेड नहीं है. उनके लिए सवाल पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं, नौकरी और फ्यूचर का भी है. लेकिन गीत का भाव वही है- अपनी जगह और अपने हक से पीछे नहीं हटना. इसीलिए दशकों पुरानी पंक्तियां आज छात्रों को भी अपनी स्टोरी जैसी लग रही हैं.
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज, टॉप-10 में शामिल हैं 4 भारतीय
Top-10 Wicket Taker In World Test Championship: भारतीय क्रिकेट टीम इस वक्त श्रीलंका दौरे पर है. जहां, दोनों टीमों के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाने वाली है. सीरीज का पहला मैच 15 अगस्त से शुरू होगा, जो गाले स्टेडियम में खेला जाएगा. भारत-श्रीलंका के बीच खेली जाने वाली ये टेस्ट सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है. इसलिए टीम इंडिया के डब्ल्यूटीसी के फाइनल में पहुंचने के लिहाज से ये सीरीज काफी अहम होने वाली है. जहां, बल्लेबाज अपनी-अपनी टीमों के लिए बड़ी पारियां खेलना चाहेंगे, तो वहीं गेंदबाज विकेटचटकाऊ गेंदबाजी से विपक्षी टीम पर भारी पड़ना चाहेंगे. तो आइए इस आर्टिकल में आपको उन टॉप-10 गेंदबाजों के बारे में बताते हैं, जिन्होंने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट चटकाए हैं...
10- जोश हेजलवुड
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया के स्टार पेसर जोश हेजलवुड का नाम 10वें स्थान पर आता है. हेजलवुड ने 2019 से अब तक 32 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसकी 61 पारियों में उन्होंने 20.54 के औसत से 131 विकेट लिए हैं. इस दौरान उन्होंने 7 बार फोर विकेट हॉल लिए हैं, तो वहीं 7 बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया है. उनका बेस्ट प्रदर्शन 5/8 का रहा.
9- स्टुअर्ट ब्रॉड
इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड का नाम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में नौवें नंबर पर काबिज है. ब्रॉड ने 2019 से 2023 के बीच इंग्लैंड के लिए 33 टेस्ट मैच खेले, जिसकी 63 पारियों में 24.09 के औसत से 134 विकेट लिए हैं. इस दौरान उन्होंने 7 बार फोर विकेट हॉल लिए. वहीं 3 बार फाइव विकेट हॉल लिए. उनका बेस्ट प्रदर्शन 6/31 का रहा.
8- मोहम्मद सिराज
भारतीय स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में आठवें स्थान पर आते हैं. सिराज ने 2020 से अब तक भारत के लिए 45 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसकी 84 पारियों में 29.66 के औसत से 139 विकेट लिए हैं. इस दौरान उन्होंने 8 बार फोर विकेट हॉल लिए और 5 बार फाइव विकेट हॉल लेने का कारनामा किया है. उनका बेस्ट प्रदर्शन 6/15 का रहा.
7- रवींद्र जडेजा
भारतीय स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा का नाम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में सातवें स्थान पर आता है. जडेजा ने 48 मैचौों की 89 पारियों में 26.87 के औसत से 156 विकेट लिए हैं. इस दौरान उन्होंने 10 बार फोर विकेट हॉल और 6 बार फाइव विकेट हॉल लिया. उनका बेस्ट प्रदर्शन 7/42 का रहा.
6- कगीसो रबाडा
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के दौरान सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में छठवें स्थान पर कगीसो रबाडा का नाम आता है. रबाडा ने 2019 से 36 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसकी 65 पारियों में उन्होंने 22.31 के औसत से 164 विकेट लिए हैं. इस दौरान उन्होंने 7 बार फोर विकेट हॉल लिए और 8 बार फाइव विकेट हॉल लिए. उनका बेस्ट प्रदर्शन 6/46 का रहा.
5- जसप्रीत बुमराह
भारतीय स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में पांचवें स्थान पर हैं. बुमराह ने 2019 से अब तक भारत के लिए 42 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसकी 79 पारियों में 19.23 के औसत से 185 विकेट झटके हैं. 7 बार उन्होंने फोर विकेट हॉल लिए हैं और 13 बार फाइव विकेट हॉल लिए हैं. उनका बेस्ट प्रदर्शन 6/27 का रहा.
4- रविचंद्रन अश्विन
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में चौथे स्थान पर पूर्व भारतीय दिग्गज रविचंद्रन अश्विन का नाम आता है. अश्विन ने 2019 से 2024 तक भारत के लिए 41 टेस्ट मैच खेले, जिसकी 78 पारियों में उन्होंने 21.49 औसत से 195 विकेट झटके. उन्होंने 9 बार फोर विकेट हॉल लिए, तो 11 बार 5 विकेट हॉल भी लिए. उनका बेस्ट प्रदर्शन 7/71 का रहा.
3- पैट कमिंस
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर पैट कमिंस का नाम आता है. ऑस्ट्रेलिया के इस स्टार पेसर ने 2019 से अब तक ऑस्ट्रेलिया के लिए 52 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसकी 97 पारियों में 22.06 के औसत से 221 विकेट लिए हैं. उन्होंने इस दौरान 10 बार फोर विकेट हॉल लिए और 10 बार फाइव विकेट हॉल भी लिए. उनका बेस्ट प्रदर्शन 6/28 का रहा.
2- मिचेल स्टार्क
इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क का नाम आता है. स्टार्क ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में 2019 से अब तक ऑस्ट्रेलिया के लिए 54 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसकी 105 पारियों में 24.90 के औसत से 222 विकेट लिए. इस दौरान उन्होंने 10 बार फोर विकेट हॉल और 7 बार फाइव विकेट हॉल लिए. उनका बेस्ट प्रदर्शन 7/58 का रहा.
1- नाथन लॉयन
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियशिप में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में नंबर-1 पर नाथन लियॉन का नाम आता है. ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर नाथन लायन ने 2019 से 2025 के बीच ऑस्ट्रेलिया के लिए 55 मैच खेले, जिसकी 98 पारियों में उन्होंने 224 विकेट झटके. उनका औसत 26.96 का रहा. उन्होंने 13 बार फोर विकेट हॉल लिए और 10 बार फाइव विकेट हॉल लिए. उनका बेस्ट प्रदर्शन 8/64 का रहा.
WTC में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टॉप-10 गेंदबाजों की लिस्ट
| रैंक | गेंदबाज | टीम | टेस्ट | पारी | विकेट | औसत | 4 विकेट | 5 विकेट |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | नाथन लियोन | ऑस्ट्रेलिया | 55 | 98 | 224 | 26.96 | 13 | 10 |
| 2 | मिचेल स्टार्क | ऑस्ट्रेलिया | 54 | 105 | 222 | 24.90 | 10 | 7 |
| 3 | पैट कमिंस | ऑस्ट्रेलिया | 52 | 97 | 221 | 22.06 | 10 | 10 |
| 4 | रविचंद्रन अश्विन | भारत | 41 | 78 | 195 | 21.49 | 9 | 11 |
| 5 | जसप्रीत बुमराह | भारत | 42 | 79 | 185 | 19.23 | 7 | 13 |
| 6 | कगीसो रबाडा | दक्षिण अफ्रीका | 36 | 65 | 164 | 22.31 | 7 | 8 |
| 7 | रवींद्र जडेजा | भारत | 48 | 89 | 156 | 26.87 | 10 | 6 |
| 8 | मोहम्मद सिराज | भारत | 45 | 84 | 139 | 29.66 | 8 | 5 |
| 9 | स्टुअर्ट ब्रॉड | इंग्लैंड | 33 | 63 | 134 | 24.09 | 7 | 3 |
| 10 | जोश हेजलवुड | ऑस्ट्रेलिया | 32 | 61 | 131 | 20.54 | 7 | 7 |
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