Lungi Ngidi Injury Update: लुंगी एनगिडी की चोट पर बड़ा खुलासा, डॉक्टर ने बताया- कैसे हैं, कब तक मैदान पर लौटेंगे
Lungi Ngidi Injury Latest Update: IPL 2026 में शनिवार को कैच लेते समय सिर के बल गिरने से लुंगी एनगिडी को चोटें आईं। उन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। जानें अस्पताल से ताजा अपडेट क्या आया है और अब एनगिडी की चोट कैसी है? पूरी रिपोर्ट और हेल्थ अपडेट यहां पढ़ें।
Bihar News: बच्चों के विकास पर अब डिजिटल नजर, आंगनबाड़ी सेविकाओं को मिलने वाला है स्मार्टफोन
Bihar News: बिहार में महिला एवं बाल विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है. राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को पूरी तरह डिजिटल तकनीक से जोड़ने का फैसला किया है. इस बड़ी योजना के तहत प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को अगले दो महीनों के भीतर नए एंड्रॉयड स्मार्टफोन मुहैया कराए जाएंगे.
ये है मुख्य उद्देश्य?
इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के पोषण और उनके प्रारंभिक विकास की निगरानी को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है. पटना के ज्ञान भवन में आयोजित पोषण पखवाड़ा 2026 के समापन समारोह के दौरान राज्य के डिप्टी सीएम और समाज कल्याण मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने यह महत्वपूर्ण घोषणा की.
स्मार्टफोन से आसान होगा बच्चों का आकलन
डिप्टी सीएम ने बताया कि स्मार्टफोन के साथ कार्यकर्ताओं को एक विशेष डिजिटल चेकलिस्ट यानी डीएसएस दी जाएगी. यह एक सरल माध्यम होगा जिसके जरिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की प्रगति का बारीकी से हिसाब रख सकेंगी. इसके माध्यम से बच्चों के शरीर की हलचल, बात करने का तरीका, सोचने समझने की शक्ति, सामाजिक व्यवहार और देखने सुनने की क्षमता जैसे छह प्रमुख मानकों पर उनकी स्थिति जांची जाएगी. इससे अगर किसी बच्चे के विकास में कोई देरी या कमी पाई जाती है, तो उसकी पहचान समय रहते हो सकेगी और उसे उचित चिकित्सीय सहायता दी जा सकेगी.
पोषण के मामले में बिहार ने गाड़ा झंडा
समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी ने कार्यक्रम में बताया कि बिहार ने पोषण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाई है. साल 2025 के पोषण माह में शानदार प्रदर्शन के बाद अब पोषण पखवाड़ा 2026 में भी बिहार ने देश भर में पहला स्थान प्राप्त किया है. इस दौरान राज्य में 71 लाख से भी ज्यादा जागरूकता गतिविधियां चलाई गईं. विभाग का मानना है कि बच्चे के मस्तिष्क का 85 प्रतिशत विकास शुरुआती छह सालों में ही हो जाता है, इसलिए इस अवधि में सही खानपान और खेल आधारित शिक्षा बहुत जरूरी है.
अभिभावकों के लिए व्हाट्सएप चैनल की शुरुआत
आधुनिक दौर को देखते हुए सरकार ने 'हमारे बच्चे, हमारा परिवार' नाम से एक व्हाट्सएप कम्युनिटी चैनल भी शुरू किया है. इस चैनल के माध्यम से माता पिता को बच्चों के पोषण, दिमागी विकास और उनकी देखभाल से जुड़ी जरूरी जानकारियां सीधे उनके मोबाइल पर भेजी जाएंगी. सरकार का लक्ष्य है कि आंगनबाड़ी, आशा और एएनएम के बीच बेहतर तालमेल बिठाकर बच्चों के स्वास्थ्य को सुधारा जाए. इसके अलावा गंभीर रूप से बीमार बच्चों को इलाज के लिए जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्रों तक भेजने की भी मजबूत व्यवस्था की गई है.ॉ
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कुपोषण के आंकड़ों में आई बड़ी गिरावट
सरकारी प्रयासों का असर अब जमीन पर भी दिखने लगा है. आंकड़ों के मुताबिक बिहार में कुपोषण के मामलों में काफी सुधार हुआ है. उम्र के हिसाब से बच्चों की लंबाई कम होने यानी स्टंटिंग की दर में कमी आई है. मार्च 2026 तक यह घटकर 40.60 प्रतिशत रह गई है. सबसे सुखद परिणाम कम वजन वाले बच्चों के मामले में मिले हैं, जहां यह आंकड़ा 41 प्रतिशत से घटकर अब मात्र 19.2 प्रतिशत पर आ गया है. स्मार्टफोन मिलने के बाद इन आंकड़ों में और भी सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है क्योंकि अब हर बच्चे की रिपोर्ट सीधे सरकार की निगरानी में होगी.
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