Sita Navami 2026: आज है सीता नवमी, नोट करें पूजा का शुभ मुहूर्त, भूलकर भी न करें ये गलतियां
Sita Navami 2026: सनातन धर्म में माता सीता को देवी लक्ष्मी का अवतार माना गया है. माता सीता, श्रीराम जी की पत्नी, अयोध्या की रानी और राजा जनक की पुत्री थी. उनका जन्म हल करते समय खेत से हुआ था. इसलिए, उनकी जन्मकथा भी बहुत खास है. हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता नवमी मनाई जाती है. इस दिन को सीता जयंती या जानकी नवमी भी कहते हैं. इसे माता सीता के जन्मोत्सव के रूप में देखा जाता है. राम नवमी की तरह इस दिन को भी खास माना जाता है.
सीता नवमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:19 से सुबह 05:02
- अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:53 से दोपहर 12:45
- सायाह्न सन्ध्या- शाम 06:53 से शाम 07:58
- निशिता मुहूर्त- रात 11:57 से सुबह 12:41
- अमृत काल- शाम 06:29 से रात 08:04
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सीता नवमी पूजा विधि
आज के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनें. इसके बाद पूजा और व्रत का संकल्प लेना है. घर के मंदिर में लाल कपड़े के ऊपर माता सीता और राम जी की जोड़ी वाली तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें. अब उन्हें चंदन का तिलक करें. उन्हें वस्त्र पहनाएं, फल, फूल, मिठाई और जल अर्पित करें. घी का दीया जलाएं. अंत में आरती करें और मंत्रों का जाप करते हुए पूजा का समापन करें. नवमी तिथि के समाप्त होने के बाद व्रत का पारण करें.
पूजा में क्या चढ़ाएं?
सीता नवमी की पूजा के दौरान माता सीता को पीले फूल, गुड़ और घर की बनी मिठाइयां चढ़ाई जानी चाहिए. तुलसी दल और गाय के घी का दीया जलाना शुभ माना जाता है.
सीता नवमी पर करें इन मंत्रों का जाप
- श्री सीतायै नमः।।
- श्री सीतारामाभ्यां नमः।।
- ऊं ह्लीं श्रीं सीतायै नमः।।
सीता नवमी पर इन बातों का रखें ध्यान
सीता नवमी का दिन पवित्रता और सकारात्मकता का दिन होता है. इसलिए, इस दिन कुछ बातों का खास ख्याल रखना होता है. सीता नवमी के दिन गुस्सा करना, बहस करना या किसी के बारे में गलत नहीं सोचना चाहिए. घर आए मेहमानों या किसी भी इंसान के साथ खराब व्यवहार नहीं करना चाहिए. मांसाहार और शराब या अन्य तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए. घर को साफ-सुथरा रखें. माता सीता को स्वच्छता पसंद है.
सीता माता की आरती। Mata Sita ki Aarti (श्रीजनक-दुलारी की आरती)
आरती श्रीजनक-दुलारी की। सीताजी रघुबर-प्यारी की।।
जगत-जननि जगकी विस्तारिणि, नित्य सत्य साकेत विहारिणि।
परम दयामयि दीनोद्धारिणि, मैया भक्तन-हितकारी की।।
आरती श्रीजनक-दुलारी की।
सतीशिरोमणि पति-हित-कारिणि, पति-सेवा-हित-वन-वन-चारिणि।
पति-हित पति-वियोग-स्वीकारिणि, त्याग-धर्म-मूरति-धारी की।।
आरती श्रीजनक-दुलारी की।।
विमल-कीर्ति सब लोकन छाई, नाम लेत पावन मति आई।
सुमिरत कटत कष्ट दुखदायी, शरणागत-जन-भय-हारी की।।
आरती श्रीजनक-दुलारी की। सीताजी रघुबर-प्यारी की।।
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Uncovered with Manoj Gairola: Pakistan को US का सपोर्ट क्यों? ट्रंप के बयानों से खुली अमेरिका की असली नीति; India के लिए खतरा!
Uncovered with Manoj Gairola: पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान एक आतंकी देश है, यहां तक कि मध्य पूर्व के कुछ मुस्लिम देश भी पाकिस्तान की इन हरकतों से परेशान हैं. लेकिन अमेरिका का पाकिस्तान को पूरा सपोर्ट है, चाहे IMF का लोन हो या F-16 फाइटर जेट का मसला हो या फिर अमेरिका की धरती से भारत को न्यूक्लियर बम की धमकी देना. जनरल मुनीर को ट्रंप का पूरा समर्थन है. वहीं दूसरी ओर ट्रंप, भारत के खिलाफ एक गंदा माहौल बना रहे हैं. अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि भारत तो नरक का द्वार है और साथ ही भारतीयों के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल किया. जिस भी भारतीय ने ये पोस्ट पढ़ी उसे बुरा लगा. हमें भी बुरा लगा. लेकिन इसमें एक अच्छी बात ये है, कि अमेरिका 'एक्सपोज' हो गया. भारत को लेकर उनकी जो असली नीति थी और जो वो दिखाते थे उसमें एक बहुत बड़ा अंतर था. यानी हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और.
ट्रंप का असली चेहरा
ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन और खासतौर से ट्रंप के Erratic Behaviour के कारण अब अमेरिका का असली चेहरा सामने आ गया और इससे भारत में उन राइट विंग सपोर्टर्स को भी बड़ा झटका लगा, जो ट्रंप के 'My Dear Friend Modi' जैसे बयानों के बहकावे में आ गए थे. या फिर 'Howdy Modi' के नशे में थे और ट्रंप को जिताने के लिए हवन कर रहे थे. उनका मानना था कि ट्रंप, मोदी के दोस्त हैं. जब ट्रंप फिर से राष्ट्रपति बनेंगे, तो अमेरिका भारत को सपोर्ट करेगा और भारत एक सुपरपावर बन जाएगा. लेकिन असलियत ये है कि अमेरिका कभी नहीं चाहता था कि भारत एक विकसित देश बनें.
दोस्ती के पर्दे में भारत को रोकने की रणनीति?
पिछले महीने नई दिल्ली में हुई एक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट क्रिस्टोफर लेंड्यू ने कहा कि 'India should Understand that we are not Going to make the same mistake with India that we made with China, 20 years ago.' यानी 'भारत को समझ जाना चाहिए कि हम भारत के साथ वो गलतियां नहीं करेंगे, जो हमने 20 साल पहले चीन के साथ की थीं.' वो गलतियां क्या हैं? वो गलती है कि हम इंडिया के साथ ट्रेड तो करेंगे, लेकिन इस तरीके से करेंगे कि कल इंडिया मजबूत होकर चीन की तरह हमारा राइवल ना बन जाए.
ये बात इतने Blunt तरीके से कही गई कि चीन के माउथपीस ग्लोबल टाइम्स ने भी इस पर ऑब्जेक्शन किया लेकिन ये बात सच है. हमेशा से ही अमेरिका की पॉलिसी रही है कि भारत एक Developed देश ना बन जाए. फिर चाहे वहां किसी भी सरकार हो भारत के विकास को रोकना ही अमेरिकी पॉलिसी का मूलमंत्र है.
अमेरिका के साथ भारत क्यों कर रहा ट्रेड डील?
अब सवाल ये उठता है कि जब अमेरिका भारत के लिए ऐसी नेगेटिव सोच रखता है तो दोनों के बीच इतना ज्यादा ट्रेड क्यों है? इसका जवाब ये है कि ये ट्रेड असल में भारत की जरूरत के साथ-साथ अमेरिका की मजबूरी भी है. इंडिया जैसा टेक्नोलॉजी और आईटी का बेस पूरे संसार में कहीं नहीं है. अमेरिका की सारी बड़ी टेक कंपनियों की सक्सेस में इंडिया की टेक्निकल मैनपावर का बहुत बड़ा रोल है. साथ ही अमेरिका, भारत को अपने टेक प्रोडक्ट्स के लिए एक बड़े मार्केट के रूप में देखता है. लेकिन वो ये भी चाहता है कि इंडिया एक सीमा से ज्यादा बड़ा ना बन पाए. अभी अमेरिका ने जो इंडिया पर हाई टैरिफ लगाए थे रूस से ऑयल खरीदने पर सेंक्शंस लगाए थे उसके पीछे यही सोच थी.
बाइडेन ने पाकिस्तान को दिए थे लाखों डॉलर
2022 में बाइडेन के शासनकाल में F-16 जेट्स की मैंटेनेंस के लिए लाखों डॉलर दिए थे. साल 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के ठीक बाद ट्रंप सरकार ने पाकिस्तान को F-16 अपग्रेड करने के लिए मदद दी. F-16 पाकिस्तानी एयरफोर्स में मौजूद सबसे पावरफुल फाइटर जेट है यानी अब एक बात तो साफ है कि अमेरिका में किसी भी पार्टी की सरकार हो पाकिस्तान को भारत के खिलाफ मजबूत बनाने में, किसी ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी है.
पाकिस्तान को US का सपोर्ट, भारत के लिए चैंलेज
अमेरिका ने 2002 से 2017 के बीच 15 साल में पाकिस्तान को 33 बिलियन डॉलर यानी लगभग 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की सहायता दी थी और इसका इस्तेमाल पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ आतंकियों को पालने-पोसने के लिए भी किया. बात इससे पहले की करें, तो 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान भी अमेरिका ने पाकिस्तान का खुलकर साथ दिया था. साल 1971 की जंग में तो पाकिस्तान को बचाने के लिए अमेरिका ने भारत के खिलाफ अपना सातवां बेड़ा भी, बंगाल की खाड़ी में भेज दिया था. इस युद्ध में बांग्लादेश आजाद हुआ था और इसी बांग्लादेश में दो साल पहले अमेरिका के डीप स्टेट ने, शेख हसीना की चुनी हुई सरकार को गिरवाकर एक ऐसी सरकार बनवा दी जो भारत विरोधी थी. तो ऐसे में ट्रंप और क्रिस्टोफर लेंड्यू के बयानों से हमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए. बल्कि हमें तो उनका धन्यवाद करना चाहिए क्योंकि उन्होंने एक सच्चाई समाने रख दी. जिसको हम देखना नहीं चाहते थे और साथ ही साथ, एक तरीके से हमें चैलेंज दे दिया कि हम एक पावरफुल देश बनकर दिखाएं.
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