लालच ने बनाया ‘विलन’! बहू ने रची घर में डकैती की साजिश, 24 घंटे में पुलिस ने खोला राज
सुबह होते ही जब बहू ने शोर मचाया और डकैती की बात कही, तो हर कोई यही सोच रहा था कि घर में कोई बड़ा अपराध हुआ है। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इस भिंड डकैती साजिश की असली कहानी कुछ और ही है। पुलिस के लिए भी शुरुआत में यह मामला सामान्य चोरी जैसा ही था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सच्चाई सामने आने लगी।
कैसे रचा गया पूरा प्लान
भिंड डकैती साजिश को अंजाम देने के लिए महिला ने पूरी तैयारी की थी। उसने घर की पिछली दीवार को तोड़ा ताकि यह लगे कि कोई बाहरी व्यक्ति जबरन अंदर घुसा है। इसके बाद उसने अलमारी को तोड़कर उसमें रखे सामान को बिखेर दिया, जिससे चोरी का माहौल साफ दिखाई दे।
इतना ही नहीं, उसने गहनों का डिब्बा गायब कर दिया और कुछ सामान पास के खेत में फेंक दिया, ताकि कहानी और भी असली लगे। यह सब कुछ इतनी बारीकी से किया गया था कि पहली नजर में कोई भी इसे असली डकैती मान ले।
सुबह होते ही महिला ने चिल्लाकर गांव वालों को इकट्ठा किया और बताया कि कुछ अज्ञात लोग घर में घुस आए, उसके साथ मारपीट की और गहने लेकर फरार हो गए। इस बयान ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
पुलिस जांच में खुलने लगी परतें
भिंड डकैती साजिश की जांच जब पुलिस ने शुरू की, तो शुरुआत में यह मामला सामान्य लूट का ही लगा। पुलिस ने मौके पर फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों को बुलाया और आसपास के संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाई।
लेकिन जांच के दौरान महिला के बयान में कई विरोधाभास सामने आए। उसने जो कहानी बताई, वह हर बार थोड़ी-थोड़ी बदल रही थी। यही वह बिंदु था, जहां से पुलिस को शक हुआ कि मामला कुछ और ही है।
सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ, जब महिला ने मारपीट की बात कही, लेकिन उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले। यह बात पुलिस के शक को और गहरा करने लगी।
सख्त पूछताछ में टूटी कहानी
भिंड डकैती साजिश का सच तब सामने आया, जब पुलिस ने महिला से सख्ती से पूछताछ की। लगातार सवालों और तथ्यों के सामने महिला ज्यादा देर तक अपनी कहानी नहीं बचा सकी।
आखिरकार उसने स्वीकार कर लिया कि उसने ही पूरी साजिश रची थी। उसने बताया कि गहनों के लालच में उसने यह कदम उठाया और खुद ही चोरी का नाटक किया।
महिला ने पुलिस को वह जगह भी बताई, जहां उसने गहने छिपाए थे। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने सभी गहने बरामद कर लिए। इस तरह भिंड डकैती साजिश का पूरा सच सामने आ गया।
सीता नवमी पर शुभ मुहूर्त में करें पूजा, इस विधि से माता जानकी को करें प्रसन्न
वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को सीता नवमी से रूप में मनाया जाता है। इस दिन को माता जानकी के प्राकट्य दिवस के रूप में पहचाना जाता है। इस साल 25 अप्रैल शनिवार यानी आज यह पर्व मनाया जा रहा है। चलिए पूजा का शुभ मुहूर्त और सही विधि जान लेते हैं ताकि शुभ परिणाम प्राप्त किया जा सके।
वैशाख का महीना वैसे भी बहुत शुभ माना गया है। इस समय में की गई पूजा, पाठ और दान-धर्म व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लेकर आता है। अगर आप माता-पिता और भगवान राम का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं तो शुभ मुहूर्त में सही विधि से पूजा पाठ कर सकते हैं। चलिए इस बारे में जानते हैं।
सीता नवमी का शुभ मुहूर्त
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत 24 अप्रैल को शाम 7:21 पर हो चुकी है। इसका समापन 25 अप्रैल को शाम 6:27 पर होगा। चलिए आपको पूजा के मुहूर्त के बारे में बता देते हैं।
पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 11:01 से दोपहर 1: 38 मिनट तक है। अगर दोपहर में पूजा करना चाहते हैं तो यह समय 12:19 से है।
कैसे करें पूजा
- सुबह जल्दी उठकर स्नान कर माता सीता का ध्यान कर आपको व्रत का संकल्प लेना है।
- अब अपने घर के मंदिर में एक लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर उस पर माता सीता और प्रभु श्री राम की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।
- अब आपको माता जानकी और भगवान राम को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करना है। इस दौरान माता सीता को सोलह श्रृंगार की सामग्री जरूर अर्पित करें।
- अब आपको माता जानकी को सिंदूर अर्पित करना है और इसे प्रसाद स्वरूप अपने माथे पर लगाना है। शादीशुदा महिलाएं इसे मांग में लगा सकती हैं क्योंकि ये अखंड सौभाग्य का प्रतीक होता है।
- अब रोली, चावल और धूप-दीप जलाकर माता सीता को ताजे फल और मिठाई अर्पित करें।
- इस दौरान सीता चालीसा का पाठ कर मंत्रों का जाप जरुर करें।
- अब आपको घी का दीपक जलाकर माता सीता और भगवान राम की आरती करनी है।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।
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