नीमच पुलिस ने नशे के कारोबार पर कसा शिकंजा, 4 किलो से अधिक अवैध अफीम के साथ दो आरोपियों को दबोचा
नीमच में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस आए दिन तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में अब रतनगढ़ थाना पुलिस की जाट चौकी टीम ने अफीम तस्करी के मामले में दो आरोपियों गिरफ्तार किया है एवं उनके कब्जे से 4 किलो 100 ग्राम अवैध अफीम समेत बाइक और मोबाइल बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, 9 अगस्त 2026 को जाट चौकी पुलिस टीम रतनगढ़-जाट रोड स्थित चावंडिया फंटे पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने मोटरसाइकिल सवार एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पीठ पर टंगे पिट्ठू बैग के अंदर छिपाकर रखी गई एक प्लास्टिक की थैली बरामद हुई। जैसी ही थैली खोलकर देखी तो मौजूद पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। थैली की जांच करने पर उसमें अवैध मादक पदार्थ अफीम मिली, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
आरोपियों की हुई पहचान
बता दें कि पुलिस ने जिन दो आरोपियों को पकड़ा है उनकी पहचान हो चुकी है। पुलिस ने पहला आरोपी जिसका नाम शांतिलाल पिता भवाना धाकड़, उम्र 40 वर्ष है। यह ग्राम बोराव, थाना भैंसरोडगढ़, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) का निवासी है। वहीं दूसरा आरोपी कैलाश पिता नंदलाल धाकड़, उम्र 36 वर्ष है। यह भी चित्तौड़गढ़, राजस्थान का निवासी है।
पुलिस द्वारा जब्त की गई सामग्री
बता दें कि पुलिस ने जो माल जब्त किया है। उसमें 4 किलो 100 ग्राम अवैध अफीम है जिसकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख 50 हजार रुपए बताई जा रही है। वहीं राजस्थान पासिंग क्रमांक RJ 09 SP 6239 एक प्लेटिना मोटरसाइकिल एवं एक मोबाइल फोन जब्त किया है।
आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही मामले में अफीम के स्रोत और इसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ जारी है। रतनगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से राजस्थान से जुड़े अफीम तस्करी नेटवर्क पर भी पुलिस की नजर होने के संकेत मिले हैं। हालांकि आगे की जांच में ही पूरे नेटवर्क और अफीम की सप्लाई के स्रोत का खुलासा हो सकेगा।
जबलपुर के रांझी में ‘बोल कांवड़िया, बोल बम’ की गूंज, सीएम डॉ. मोहन यादव ने बजाया डमरू, कांवड़ियों पर फूल बरसाए
सावन के पवित्र सोमवार पर संस्कारधानी जबलपुर का रांझी क्षेत्र भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आया। यहां आयोजित संस्कार कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ‘बोल कांवड़िया, बोल बम’ के जयकारों और ढोल-नगाड़ों की थाप से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी यात्रा में शामिल हुए और कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। उन्होंने स्वयं कांवड़ उठाई और डमरू बजाते हुए श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया।
‘बोल कांवड़िया, बोल बम’ के जयकारों से जबलपुर का रांझी क्षेत्र गूंज उठा। भक्तों का रोम-रोम रोमांचित हो गया और ढोल-नगाड़ों की थाप पर पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। मुख्यमंत्री ने फूलों की बारिश कर कांवड़ियों का जोरदार स्वागत किया। उन्होंने खुद कांवड़ उठाई, उत्साह से डमरू बजाया और दादा गुरु के साथ पैदल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान कई जनप्रतिनिधि भी उनके साथ थे।
मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों पर फूल बरसाए
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा “आज सावन मास का पवित्र सोमवार है। मां नर्मदा का आशीर्वाद सबको मिल रहा है। भगवान भोलेनाथ को जल अर्पण करने के लिए कांवड़िये मां नर्मदा का जल लेकर जा रहे हैं। कांवड़ियों का सैलाब समुद्र की लहर के समान दिखाई दे रहा है। जहां तक नजर जाती है, वहां तक कांवड़िये ही कांवड़िये दिख रहे हैं।” उन्होंने कहा कि ये कांवड़िये अपनी साधना, भक्ति और संकल्प लेकर निकले हैं। मां नर्मदा भी जल के रूप में इस यात्रा में शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सावन का पवित्र सोमवार भगवान भोलेनाथ की आराधना का विशेष अवसर है। कांवड़िए मां नर्मदा का जल लेकर भगवान शिव को अर्पित करने के लिए निकले हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा में इतनी बड़ी संख्या में कांवड़ियों की मौजूदगी समुद्र की लहरों जैसी दिखाई दे रही है। जहां तक नजर जा रही है, वहां तक कांवड़िए ही नजर आ रहे हैं।
सनातन संस्कृति का महत्व बताया
इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भारत की जड़ों में सनातन संस्कृति है। यह संस्कृति आत्म अनुशासन, प्रगति और उल्लास का मार्ग दिखाती है तथा जीवन की चुनौतियों से संघर्ष करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा इस यात्रा में शामिल संत जीवन के एक अलग मर्म का संदेश भी दे रहे हैं। जीवन का उद्देश्य केवल खाना-पीना नहीं, बल्कि पवित्र मार्ग पर चलते हुए परमात्मा तक पहुंचना है। उन्होंने दादा गुरु के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने जल के आधार पर जीवन जीने की साधना का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा के कण-कण में शंकर का वास है और दादा गुरु का आशीर्वाद सभी को मिलता रहे। उन्होंने संस्कार कांवड़ यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं और बधाई दी।
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