भारत और मिस्र के बीच पहली नौसेना-स्तरीय स्टाफ वार्ता, समुद्री रक्षा संबंधों की मजबूती का अहम कदम
काहिरा, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि भारत और मिस्र की नौसेनाओं के बीच पहली बार नौसेना-से-नौसेना स्टाफ वार्ता (एनएनएसटी) काहिरा में आयोजित की गई। यह बैठक भारत-मिस्र संयुक्त रक्षा समिति (जेडीसी) की 11वीं बैठक के दौरान हुई।
इस बातचीत को भारतीय दूतावास ने समुद्री सहयोग में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। दोनों देशों के बीच हुई इस बातचीत में ऑपरेशनल तालमेल, संयुक्त प्रशिक्षण, समुद्री क्षेत्र की जानकारी और नौसेना तकनीक और जहाज निर्माण में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हुई।
समुद्री सहयोग भारत और मिस्र के रक्षा संबंधों का एक अहम हिस्सा रहा है। यह बैठक दोनों देशों के बीच नौसैनिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
इससे पहले इसी हफ्ते काहिरा में हुई जेडीसी बैठक में भी दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर अच्छी और उपयोगी चर्चा की थी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद ने किया। इसमें रक्षा मंत्रालय और सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। वहीं मिस्र की तरफ से रक्षा मंत्रालय और सेना के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
दोनों पक्षों ने पिछली बैठक के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की और आगे के लिए एक रोडमैप तय किया। इसमें 2026-27 के लिए रक्षा सहयोग योजना पर सहमति बनी, जिसमें कई चीजें शामिल हैं। जैसे सैन्य स्तर पर अधिक संरचित बातचीत, संयुक्त प्रशिक्षण बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना, सैन्य अभ्यासों का दायरा और जटिलता बढ़ाना, और रक्षा उत्पादन और तकनीक में साझेदारी बढ़ाना।
भारतीय पक्ष ने अपने तेजी से बढ़ते रक्षा उत्पादन क्षेत्र की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि भारत का रक्षा उत्पादन 20 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा हो चुका है और भारत लगभग चार अरब डॉलर के रक्षा उत्पाद 100 से अधिक देशों को निर्यात कर रहा है।
दोनों देशों ने मिलकर रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इसमें संयुक्त रूप से रक्षा उपकरणों का विकास और उत्पादन करने की संभावनाओं पर काम करने की बात हुई। रक्षा क्षेत्र में उद्योग सहयोग अब भारत और मिस्र के रिश्तों का एक अहम हिस्सा बनता जा रहा है।
--आईएएनएस
एवाई/डीएससी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
कुवैत की उत्तरी सीमा पर इराकी ड्रोन का हमला, दो चौकियों को बनाया गया निशाना
कुवैत, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि इराक से आए विस्फोटक ड्रोन ने देश की उत्तरी सीमा पर बने दो चौकियों (पोस्ट) को निशाना बनाया।
मंत्रालय के बयान में कहा गया, “शुक्रवार सुबह कुवैत के उत्तरी जमीनी सीमा के दो केंद्रों पर दो फाइबर-ऑप्टिक वायर से कंट्रोल होने वाले विस्फोटक ड्रोन से हमला किया गया। ये ड्रोन इराक से आए थे। इस हमले में सिर्फ सामान का नुकसान हुआ है, किसी की जान नहीं गई।”
मंत्रालय ने यह भी कहा कि घटना के बाद संबंधित अधिकारियों ने तुरंत जरूरी कदम उठाए और स्थिति को संभाल लिया।
गुरुवार को कुवैत के नागरिक उड्डयन के महानिदेशक शेख हमूद मुबारक हमूद अल-सबह ने घोषणा की थी कि कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट का एयरस्पेस फिर से खोल दिया गया है। यह एयरस्पेस 28 फरवरी से क्षेत्र में चल रही स्थितियों के कारण एहतियातन बंद किया गया था।
कुवैत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, बाद में पब्लिक अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन ने बताया कि एयरपोर्ट के टर्मिनल चार और पांच रविवार से कुछ खास जगहों के लिए फिर से शुरू किए जाएंगे। शेख हमूद ने कहा कि यह फैसला स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर लिया गया है, ताकि उड़ानें पूरी सुरक्षा और सावधानी के साथ दोबारा शुरू हो सकें। यह पूरी प्रक्रिया धीरे-धीरे एयरपोर्ट को पूरी तरह चालू करने की योजना का हिस्सा है।
उन्होंने यह भी बताया कि ईरान और उससे जुड़े हथियारबंद समूहों के हमलों की वजह से एयरपोर्ट की कुछ सुविधाओं को नुकसान पहुंचा था, जिसकी जांच पूरी कर ली गई है और मरम्मत का काम जारी है। शुरुआत में कुछ टर्मिनलों से ही उड़ानें चलाई जाएंगी और हालात के हिसाब से धीरे-धीरे इसे बढ़ाया जाएगा।
इससे पहले अप्रैल की शुरुआत में इराक के एक सशस्त्र गुट सराया औलिया अल-दम ने कुवैत, जॉर्डन और सीरिया में हुए हमलों की जिम्मेदारी ली थी।
दस अप्रैल को कुवैत की सेना ने बताया था कि 24 घंटे के अंदर कुवैती हवाई क्षेत्र में सात दुश्मन ड्रोन देखे गए, जिन्हें सेना ने रोक लिया। सेना के प्रवक्ता ने कहा था, ईरान के हमलों में नेशनल गार्ड की कई अहम जगहों को निशाना बनाया गया, जिससे कुछ जवान घायल हुए। उनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है। साथ ही काफी सामान का नुकसान भी हुआ है।”
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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