चौथी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 20,589 करोड़ रुपए, 6 रुपए प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान
मुंबई, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही यानी जनवरी-मार्च तिमाही के लिए 20,589 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट घोषित किया। इसके साथ ही कंपनी ने 6 प्रति शेयर डिविडेंड देने की भी घोषणा की।
आरआईएल के एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, इस तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा (नेट प्रॉफिट) और सहयोगी कंपनियों से मिलने वाला लाभ साल-दर-साल 8.9 प्रतिशत कम हुआ है।
हालांकि, कंपनी की कुल आय (ग्रॉस रेवेन्यू) 12.9 प्रतिशत बढ़कर 3,25,290 करोड़ रुपए हो गई। ओ2सी (ऑयल-टू-केमिकल), डिजिटल सर्विसेज और रिटेल कारोबार में मजबूत प्रदर्शन के कारण सभी सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली।
तेल और गैस सेगमेंट की आय में कमी आई, जिसका कारण केजी-डी6 गैस उत्पादन में प्राकृतिक गिरावट बताया गया।
इस तिमाही में कंपनी का कैपेक्स (पूंजीगत खर्च) 40,560 करोड़ रुपए रहा।
जियो प्लेटफॉर्म्स का ईबीआईटीडीए 17.9 प्रतिशत बढ़कर 20,060 करोड़ रुपए हो गया। जियो के कुल ग्राहक 52.4 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं, जिनमें 26.8 करोड़ 5जी यूजर्स शामिल हैं।
वहीं रिलायंस रिटेल का ईबीआईटीडीए 3.1 प्रतिशत बढ़कर 6,921 करोड़ रुपए रहा और कंपनी के स्टोर्स की संख्या 20,000 से ज्यादा हो गई है।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कुल नेट प्रॉफिट रिकॉर्ड 95,610 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल से 18.3 प्रतिशत ज्यादा है।
31 मार्च 2026 तक कंपनी का कुल कैपेक्स 1,44,271 करोड़ रुपए रहा। कंपनी ओ2सी और न्यू एनर्जी बिजनेस में बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर रही है, साथ ही जियो और रिटेल नेटवर्क का विस्तार भी कर रही है।
कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग की दिशा में कंपनी लगातार आगे बढ़ रही है, जो एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने बताया कि पूरे साल में 19 प्रतिशत ईबीआईटीडीए ग्रोथ रही, जिसका मुख्य कारण मोबाइल, ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सेवाओं में बढ़ती मांग है।
अंबानी ने कहा कि जियो एआई और नई तकनीकों को आम लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा और भविष्य में भारत के डिजिटल विकास को आगे बढ़ाएगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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Jharkhand News: झारखंड के सरकारी कर्मचारियों की चांदी, अब 10 लाख तक का इलाज मुफ्त
Jharkhand News: झारखंड सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके परिवार के सदस्यों के जीवन को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है. गुरुवार को राजधानी रांची के नामकुम स्थित आरसीएच परिसर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान 'राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना' को अमली जामा पहनाया गया.
योजना के क्रियान्वयन के लिए MOU साइन
इस योजना के क्रियान्वयन के लिए झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी (JASAS) और मशहूर बीमा कंपनी टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए. इस मौके पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे. स्वास्थ्य मंत्री ने इस समझौते को राज्य के इतिहास में मील का पत्थर बताया और कहा कि कर्मचारी सरकार की रीढ़ हैं, इसलिए उनकी सेहत का ख्याल रखना सरकार की पहली जिम्मेदारी है.
कितना मिलेगा बीमा कवर और लाभ?
इस नई योजना के तहत राज्य के कर्मचारियों को दो अलग-अलग स्तरों पर स्वास्थ्य बीमा की सुरक्षा दी गई है. अगर कोई कर्मचारी सामान्य बीमारी की चपेट में आता है, तो उसे 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी. वहीं, अगर बीमारी गंभीर है और बड़े ऑपरेशन या लंबे इलाज की जरूरत पड़ती है, तो यह कवर बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक कर दिया जाएगा. सरकार ने यह भी साफ किया है कि अगर किसी विशेष परिस्थिति में इलाज का खर्च 10 लाख रुपये से भी ऊपर चला जाता है, तो अतिरिक्त राशि का भुगतान झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के खास फंड से किया जाएगा. इससे कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बिल्कुल नहीं पड़ेगा.
कौन-कौन से लोग उठा सकेंगे फायदा?
सरकार ने इस योजना का दायरा बहुत बड़ा रखा है ताकि अधिक से अधिक लोग सुरक्षित हो सकें. इसे मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा गया है. पहली श्रेणी में राज्य सरकार के सभी वर्तमान अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं. दूसरी श्रेणी में पेंशन पाने वाले पूर्व कर्मचारी, वर्तमान और पूर्व विधायक, साथ ही विभिन्न बोर्ड और निगमों के कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मी शामिल किए गए हैं. इसमें सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षकों को भी जगह मिली है. तीसरी श्रेणी में झारखंड अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति के तहत रजिस्टर्ड सभी वकीलों को शामिल किया गया है, जो कि एक बड़ा और सराहनीय कदम है.
देश के बड़े अस्पतालों में होगा कैशलेस इलाज
झारखंड सरकार की इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका नेटवर्क है. अब राज्यकर्मियों को इलाज के लिए भटकना नहीं होगा. देश के 200 से ज्यादा शहरों के 400 से अधिक नामी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी. इसमें सीएमसी वेल्लोर, एआईजी हैदराबाद, टाटा के सभी बड़े अस्पताल, मेदांता गुरुग्राम और अपोलो चेन्नई जैसे बड़े संस्थान शामिल हैं. इन अस्पतालों में राज्य के कर्मचारी अपना और अपने परिवार का इलाज बिना कैश दिए करवा सकेंगे.
योजना की कुछ अन्य खास बातें
इस स्वास्थ्य बीमा योजना को बहुत ही लचीला और जनहितैषी बनाया गया है. इसमें किसी भी तरह का वेटिंग पीरियड नहीं रखा गया है, यानी बीमा होने के पहले दिन से ही सारी सुविधाएं शुरू हो जाएंगी. अगर किसी को पहले से कोई बीमारी है, तो उसे भी इस कवर में शामिल किया गया है. इसके लिए अलग से कोई मेडिकल टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होगी. महिला कर्मचारियों के लिए इसमें प्रसव और नवजात शिशु की देखभाल की विशेष व्यवस्था की गई है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए कोई उम्र सीमा तय नहीं है, जिससे बुजुर्ग पेंशनभोगियों को बड़ी राहत मिलेगी.
डिजिटल पोर्टल से मिलेगी सारी जानकारी
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने एक खास डिजिटल पोर्टल भी लॉन्च किया है. कर्मचारी इस पोर्टल पर जाकर अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं और योजना के बारे में सारी जानकारी ले सकते हैं. इस अवसर पर एड्स के बेहतर इलाज के लिए रिम्स और एड्स कंट्रोल सोसाइटी के बीच भी एक समझौता हुआ. स्वास्थ्य मंत्री ने गर्व के साथ कहा कि झारखंड इस तरह की व्यापक बीमा योजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि टाटा कंपनी के साथ मिलकर सरकार अपने कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने में सफल होगी.
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