Delhi IAS Officer Transfer: दिल्ली में प्रशासनिक फेरबदल, तीन IAS अधिकारियों का रिलीविंग लेटर जारी
Delhi IAS Transfer: दिल्ली में एक अहम प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. गृह मंत्रालय, भारत सरकार के आदेश (संख्या 15041/05/2025-UTS.I, दिनांक 14.04.2026) के अनुपालन में दिल्ली सरकार (GNCTD) ने तीन IAS अधिकारियों को 24 अप्रैल 2026 (पूर्वाह्न) से कार्यमुक्त कर दिया है. ये अधिकारी अब अपने-अपने नए पदस्थापन स्थलों पर कार्यभार संभालेंगे.
इस सूची में के.सी. सुरेंदर को पुडुचेरी, सुशील सिंह को मिजोरम और प्रांजल जे. हजारिका को जम्मू एवं कश्मीर स्थानांतरित किया गया है. यह आदेश सेवा विभाग, दिल्ली सचिवालय द्वारा जारी किया गया है और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से लागू किया गया है.
इस फेरबदल को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि केंद्र शासित प्रदेशों में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.
चीन ने ट्रंप के दावे को किया खारिज, कहा- बिना सबूत के आरोप स्वीकार नहीं
बीजिंग, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका द्वारा रोके गए एक ईरानी जहाज में बीजिंग की ओर से भेजा गया “उपहार” हो सकता है।
शुक्रवार को बीजिंग में नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा, “चीन बिना किसी तथ्यात्मक साक्ष्य के लगाए गए आरोपों और अटकलों को खारिज करता है। देशों के बीच सामान्य व्यापार को बाधित या नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।”
दरअसल, ट्रंप ने मंगलवार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि अमेरिका ने एक जहाज को रोका है, जिसमें कुछ संदिग्ध सामान था। उन्होंने कहा, “यह शायद चीन की ओर से एक ‘गिफ्ट’ हो सकता है। मुझे इस पर आश्चर्य हुआ, क्योंकि मेरे राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अच्छे संबंध हैं और मुझे लगा था कि हमारे बीच समझ बनी हुई है।”
इससे पहले 21 अप्रैल को साउथ कैरोलिना की पूर्व गवर्नर निक्की हेली ने दावा किया था कि अमेरिका द्वारा हॉर्मुज़ स्ट्रेट में पकड़ा गया जहाज चीन से ईरान जा रहा था और उसमें मिसाइलों के लिए रासायनिक सामग्री हो सकती थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा था कि यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि चीन, ईरान सरकार को समर्थन दे रहा है।
वहीं, 20 अप्रैल को गुओ जियाकुन ने मीडिया रिपोर्ट्स में अमेरिकी कार्रवाई पर चिंता जताते हुए कहा था कि हॉर्मुज़ स्ट्रेट की स्थिति “जटिल और संवेदनशील” है। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा जहाज को जबरन रोकना चिंताजनक है और सभी पक्षों को जिम्मेदारी दिखाते हुए तनाव बढ़ाने से बचना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि हॉर्मुज़ स्ट्रेट, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, वैश्विक तेल व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल गुजरता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते इस क्षेत्र में हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं।
--आईएएनएस
डीएससी
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