मध्य पूर्व तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा से लेकर उड़ानों तक हालात सामान्य, अब तक 2,729 से ज्यादा भारतीय नाविक सुरक्षित लौटे स्वदेश; 49 पिछले 24 घंटे में लौटे: सरकार
नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि देश के सभी बंदरगाहों पर किसी तरह की भीड़ या बाधा नहीं है। साथ ही, पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है और सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
समुद्री हालात को लेकर पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि पर्शियन गल्फ क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मंत्रालय विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और अन्य समुद्री एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि नाविकों की सुरक्षा और समुद्री संचालन बिना रुकावट जारी रहे।
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (डीजी शिपिंग) का कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है, जिसने अब तक 7,553 कॉल और 16,000 से ज्यादा ईमेल्स का जवाब दिया है। पिछले 24 घंटों में ही 150 कॉल और 394 ईमेल प्राप्त हुए हैं। अब तक 2,729 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित भारत वापस लाया जा चुका है, जिनमें 49 लोग पिछले 24 घंटों में लौटे हैं।
सरकार के अनुसार, देश भर के सभी बंदरगाह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी जाम या रुकावट की स्थिति नहीं है। इससे साफ है कि सप्लाई चेन पर फिलहाल कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है और जरूरी सामान की आवाजाही सुचारु बनी हुई है।
विदेश मंत्रालय लगातार खाड़ी और पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, सहायता और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
इसके लिए विशेष कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम कर रहा है और भारतीय दूतावासों में हेल्पलाइन भी लगातार चालू हैं। भारतीय मिशन स्थानीय सरकारों के संपर्क में हैं और समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर रहे हैं, जिसमें यात्रा, सुरक्षा और अन्य जरूरी जानकारी शामिल है।
उड़ानों की स्थिति में अब सुधार देखने को मिल रहा है। 28 फरवरी से अब तक करीब 12.38 लाख यात्री इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं। यूएई से भारत के लिए रोजाना करीब 110 उड़ानें संचालित हो रही हैं, जबकि सऊदी अरब और ओमान से भी फ्लाइट्स जारी हैं।
सरकार ने आगे बताया कि कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है और वहां से भी उड़ानें संचालित हो रही हैं। कुवैत का एयरस्पेस अब खुल चुका है और जल्द ही नियमित उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है। बहरीन और इराक से भी सीमित उड़ानें जारी हैं।
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ईरान का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है, लेकिन भारतीय दूतावास ने लोगों को वहां यात्रा न करने की सलाह दी है। जो लोग वहां मौजूद हैं, उन्हें जमीनी रास्तों से बाहर निकलने के लिए कहा गया है। अब तक 2,432 भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें 1,096 छात्र और 657 मछुआरे शामिल हैं।
वहीं इजरायल में भी एयरस्पेस खुल गया है और सीमित उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं, जिनके जरिए भारत लौटने का विकल्प उपलब्ध है।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का रद्द किया लाइसेंस, नियमों के उल्लंघन का आरोप
मुंबई, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का लाइसेंस रद्द कर दिया। आरबीआई ने कहा कि बैंक ने अपने लाइसेंस से संबंधित जरूरी नियमों का पालन नहीं किया।
केंद्रीय बैंक ने साफ किया कि अब यह बैंक किसी भी तरह की बैंकिंग सेवाएं नहीं दे सकेगा और इसे बंद करने (वाइंडिंग अप) के लिए हाई कोर्ट में आवेदन किया जाएगा।
आरबीआई ने अपने आदेश में कहा कि बैंक का लाइसेंस बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की धारा 22(4) के तहत 24 अप्रैल को कामकाज खत्म होने के बाद से रद्द कर दिया गया है।
अब पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को तुरंत प्रभाव से बैंकिंग का कोई भी काम करने की अनुमति नहीं है, जैसा कि एक्ट की धारा 5(बी) और 6 में बताया गया है।
आरबीआई ने यह भी कहा कि वह बैंक को बंद करने के लिए हाई कोर्ट में आवेदन करेगा।
हालांकि, केंद्रीय बैंक ने यह भरोसा दिलाया कि बैंक के पास इतना पैसा (लिक्विडिटी) है कि वह अपने सभी ग्राहकों की जमा राशि लौटा सकता है।
आरबीआई के अनुसार, बैंक को जारी रखने से न तो कोई फायदा होगा और न ही यह जनता के हित में है।
आरबीआई ने कहा कि बैंक ने अपने लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किया, जिससे बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के नियमों का उल्लंघन हुआ।
इससे पहले भी बैंक पर कार्रवाई की गई थी, और 11 मार्च 2022 से नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगा दी गई थी।
इसके बाद 31 जनवरी 2024 और 16 फरवरी 2024 को भी बैंक पर कई प्रतिबंध लगाए गए थे, जिनमें मौजूदा खातों में पैसे जमा करने, वॉलेट में टॉप-अप करने जैसी सेवाओं पर रोक शामिल थी।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation



















