आईडीबीआई बैंक की विनिवेश प्रक्रिया जारी, सरकारी बैंकों के विलय को लेकर फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं : निर्मला सीतारमण
पुणे, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि सरकार की योजना आईडीबीआई बैंक के विनिवेश को जारी रखने की है।
वित्त मंत्री का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब आईडीबीआई बैंक के विनिवेश को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और इससे पहले के राउंड में बोली सरकार द्वारा निर्धारित किए गए रिजर्व प्राइस से काफी नीचे आई थी।
मूल योजना के अनुसार, सरकार को आईडीबीआई बैंक में 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी, जबकि एलआईसी को 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचनी थी, जिससे कुल मिलाकर बिक्री के लिए रखी गई हिस्सेदारी 60.72 प्रतिशत थी। पहले के बाजार मूल्यों के आधार पर, इस हिस्सेदारी का संयुक्त मूल्य लगभग 72,000 करोड़ रुपए आंका गया।
आईडीबीआई बैंक के विनिवेश की प्रक्रिया 7 जनवरी, 2023 से चल रही है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने पुणे में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के महाराष्ट्र सर्कल के स्थानीय मुख्यालय के नए परिसर के उद्घाटन के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि फिलहाल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय को लेकर कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और एक उच्च स्तरीय बैंकिंग समिति इस मामले की जांच करेगी।
सीतारामण ने आगे कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि घरेलू गतिविधियों विशेष रूप से कृषि पर आधारित होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का विशाल आकार और मजबूत आंतरिक खपत बड़े बैंकों की आवश्यकता पैदा करती है। देश की घरेलू मांग स्वयं विकास को बनाए रखने में सक्षम है।
उन्होंने आगे कहा,“मैं फिर से दोहराती हूं कि घरेलू खपत और घरेलू अर्थव्यवस्था की अच्छी प्रगति ने हमारा साथ दिया है। हमारे निर्यातकों ने वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण उत्पन्न सभी टैरिफ और अन्य चुनौतियों के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया है। यह उनकी सूझबूझ, नए बाजारों की खोज और उनके बेहतर प्रदर्शन के कारण संभव हो पाया है। निर्यात इसलिए ठीक चल रहा है क्योंकि वे नए बाजार ढूंढने और अपनी वृद्धि को बनाए रखने में सक्षम हैं।”
--आईएएनएस
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Dc vs PBKS: दिल्ली कैपिटल्स के लिए आसान नहीं होगा पंजाब किंग्स से सामना
दिल्ली कैपिटल्स को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के अपने अभियान को फिर से पटरी पर लाने के लिए शनिवार को होने वाले मुकाबले में तालिका में शीर्ष पर चल रही पंजाब किंग्स के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।
पिछले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद से 47 रन से हार का सामना करने वाली दिल्ली के लिए वापसी की राह काफी चुनौतीपूर्ण होगी। इसके लिए उसके ज्यादातर खिलाड़ियों को एक साथ अच्छा प्रदर्शन करना होगा। छह मैचों में तीन जीत और तीन हार के साथ दिल्ली फिलहाल अंकतालिका के छठे स्थान पर है, जबकि पंजाब किंग्स छह मुकाबलों में 11 अंकों के साथ शीर्ष पर काबिज है। उनका एकमात्र अंक तब गया था जब कोलकाता में मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था।
दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या उसकी बल्लेबाजी में अस्थिरता रही है। केएल राहुल, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स और समीर रिजवी ने कुछ पारियों में योगदान दिया है, लेकिन पूरी टीम एक साथ प्रदर्शन करने में नाकाम रही है। सलामी बल्लेबाज पथुम निसांका शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में असफल रहे हैं, जिससे मध्यक्रम पर दबाव बढ़ गया है। कप्तान अक्षर पटेल से भी उम्मीद की जा रही है कि वह बल्ले और रणनीति दोनों में अधिक जिम्मेदारी निभाएं।
पिछले मैच में उनके कुछ निर्णयों पर भी सवाल उठे हैं, खासकर गेंदबाजी बदलावों को लेकर। विस्फोटक अभिषेक शर्मा के खिलाफ उन्होंने कामचलाऊ गेंदबाज नितीश राणा को लगातार इस्तेमाल किया, जो असरदार साबित नहीं हुआ। दिल्ली का क्षेत्ररक्षण भी चिंता का विषय रहा है। टीम ने कुछ मैचों में स्टंपिंग के मौके गंवाए, रन-आउट में गलतियां कीं और आसान कैच छोड़े, जिसका उसे काफी नुकसान हुआ है।
बल्लेबाजों की तुलना में गेंदबाजी इकाई अपेक्षाकृत बेहतर रही है, लेकिन शानदार लय में चल रहे पंजाब के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने के लिए उसमें अधिक आक्रामकता की जरूरत है। पंजाब किंग्स की टीम इस समय पूरी लय में नजर आ रही है। उन्होंने हाल ही में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ इस सत्र का सबसे बड़ा स्कोर, सात विकेट पर 254 रन, बनाया। सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह ने 211 रन बनाकर शानदार फॉर्म दिखाया है और तेज शुरुआत दी है।
कप्तान श्रेयस अय्यर भी 208 रन के साथ बेहतरीन लय में हैं। इसके अलावा प्रियांश आर्य और कूपर कोनोली ने भी क्रमशः 211 और 223 रन बनाकर टीम की बल्लेबाजी को गहराई और आक्रामकता दी है। प्रियांश अपने घरेलू मैदान में एक और दमदार पारी खेलना चाहेंगे। गेंदबाजी में भी पंजाब संतुलित नजर आई है, जहां अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, मार्को यानसन, विजयकुमार वैशाक और जेवियर बार्टलेट ने लगातार योगदान दिया है। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए पंजाब किंग्स इस मुकाबले में स्पष्ट रूप से प्रबल दावेदार हैं, जबकि दिल्ली कैपिटल्स को अपनी उम्मीदें बनाए रखने के लिए कोई भी गलती करने से बचना होगा।
दिल्ली कैपिटल्स: अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल, करुण नायर, डेविड मिलर, पथुम निसांका, साहिल पारख, पृथ्वी साव, अभिषेक पोरेल, ट्रिस्टन स्टब्स, समीर रिजवी, आशुतोष शर्मा, विपराज निगम, अजय मंडल, त्रिपुराना विजय, माधव तिवारी, औकिब नबी डार, नीतीश राणा, टी. नटराजन, मुकेश कुमार, दुष्मंथा चमीरा, लुंगिसानी एनगिडी, काइल जैमीसन, कुलदीप यादव।
पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), प्रियांश आर्य, पायला अविनाश, हरनूर सिंह, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), विष्णु विनोद (विकेटकीपर), नेहल वढेरा, अजमतुल्लाह उमरजई, कूपर कोनोली, मार्को यानसन, मुशीर खान, मिचेल ओवेन, शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, सूर्यांश शेडगे, अर्शदीप सिंह, जेवियर बार्टलेट, युजवेंद्र चहल, प्रवीण दुबे, बेन ड्वारशुइस, लॉकी फर्ग्यूसन, हरप्रीत बराड़, विशाल निशाद, विजयकुमार वैशाख, यश ठाकुर।
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