एफ-1 में ऐतिहासिक कारनामा:11 साल के हैरी विलियम्स बने मैक्लारेन के सबसे युवा ड्राइवर, भविष्य का हैमिल्टन कहा जा रहा
फॉर्मूला-1 की दिग्गज टीम और मौजूदा चैम्पियन मैक्लारेन ने भविष्य के लिए एक बड़ा दांव खेला है। मैक्लारेन ने महज 11 वर्षीय ब्रिटिश कार्टर हैरी विलियम्स को अपने ‘ड्राइवर डेवलपमेंट प्रोग्राम’ में शामिल किया है। इसके साथ ही हैरी इस प्रतिष्ठित एकेडमी का हिस्सा बनने वाले इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। मैक्लारेन का यह प्रोग्राम वर्ल्ड चैम्पियन तैयार करने के लिए जाना जाता है। 7 बार के वर्ल्ड चैम्पियन लुईस हैमिल्टन 1998 में सिर्फ 13 साल की उम्र में इस प्रोग्राम से जुड़े थे। हैरी ने 11 साल की उम्र में साइन होकर हैमिल्टन का रिकॉर्ड तोड़ा। यह साइनिंग दिखाती है कि अब एफ-1 टीमें भविष्य के चैम्पियंस को स्कूल की उम्र से ही तैयार करने पर निवेश कर रही हैं। ब्रिटेन के हैरी ने गांव के छोटे ट्रैक से सीखी रेसिंग, उनकी रेसिंग में ‘कूल’ अंदाज - हैरी का जन्म 2015 में इंग्लैंड के चेशायर काउंटी के छोटे से गांव नीदर एल्डर्ली में हुआ था। महज छह साल की उम्र में हैरी ने छोटी रेसिंग कार से ड्राइविंग सीखना शुरू कर कार्टिंग की। तब ट्रैक पर उनकी फुर्ती देख लोग हैरान हो जाते थे। - उस दौरान जब वे पहली बार कार्ट में बैठे, तो पिता ने महसूस किया कि हैरी में रफ्तार और संतुलन की अच्छी समझ है। यहीं से उनकी कड़ी ट्रेनिंग की शुरुआत हुई। - रेस ट्रैक पर दबाव बढ़ते ही दिग्गजों की धड़कन 165 बीपीएम तक पहुंच जाती है, लेकिन हैरी का दिल 142 बीपीएम पर स्थिर रहता है। एक रेस के दौरान सामने आए इस डेटा ने मैक्लारेन के इंजीनियर्स को चौंका दिया था। बारिश और फिसलन भरे ट्रैक पर भी हैरी शांत दिमाग से फैसले लेते हैं। वे रेसिंग को सिर्फ मशीन नहीं, माइंड से समझते हैं। यही कंट्रोल और कूल एटीट्यूड उन्हें हमउम्र ड्राइवरों से अलग बनाता है। - 2021 में उन्होंने ‘सुपर वन सीरीज’ के जरिए मोटरस्पोर्ट्स की दुनिया में कदम रखा। यह वही सीरीज है, जहां से हैमिल्टन जैसे दिग्गजों ने शुरुआत की थी। यहां हैरी ने अपनी तकनीकी समझ और आक्रामक ड्राइविंग से कोचों को हैरान कर दिया। - फॉर्मूला ई ड्राइवर ओलिवर रोलैंड के मार्गदर्शन में हैरी ने रेसिंग की बारीकियां सीखीं, जैसे कब ओवरटेक करना है और डिफेंस में अपनी लाइन कैसे बनाए रखनी है। इसके बाद ब्रिटिश कार्ट चैम्पियनशिप में 700+ अंक के साथ टॉप 10 में पहुंचे। - 2025 सीजन में वे ब्रिटिश ओपन चैम्पियन बने और यूरोपियन चैम्पियनशिप में पांचवें स्थान पर रहे। लगातार अलग-अलग मंचों पर मिले इन नतीजों ने उन्हें इंटरनेशनल स्तर पर मजबूत दावेदार बना दिया और यहीं से मैक्लारेन टीम की नजर उन पर पड़ी। -हैरी ब्राजील के दिग्गज आर्यटन सेना को अपनी प्रेरणा मानते हैं। पढ़ाई में उन्हें विज्ञान में दिलचस्पी है। वहीं, रेसिंग के अलावा बास्केटबॉल खेलना उन्हें पसंद है।
महिला आरक्षण पर घमासान जारी, 27 अप्रैल को एमपी विधानसभा का विशेष सत्र, 26 अप्रैल को कांग्रेस निकालेगी पैदल मार्च
लोकसभा में नारी शक्ति वंदन बिल गिरने के बाद देश में सियासी घमासान मचा हुआ है। भाजपा और कांग्रेस लगातार एक दूसरे पर हमलावर है। इस बिल के समर्थन में जहां मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने 27 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। वही दूसरी तरफ सत्र से एक दिन पहले यानि 26 अप्रैल 2026 को एमपी कांग्रेस भोपाल में पैदल मार्च निकालने की तैयारी जा रही है जिसमें 33% महिला आरक्षण लागू करने की मांग की जाएगी।
कांग्रेस का यह पैदल मार्च माता मंदिर से रोशनपुरा तक निकाला जाएगा। इसमें भोपाल के साथ सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, राजगढ़ सहित अन्य जिलों के कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार इसकी अगुवाई करेंगे। कांग्रेस का कहना है कि वर्तमान 543 सीटों पर ही 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए।
दऱअसल, लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पास ना होने के बाद से बीजेपी विपक्षी दलों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश बीजेपी द्वारा जन आक्रोश महिला पद यात्रा निकाली गई थी जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित मंत्री और सांसद शामिल हुए थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि नारी सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान नहीं भूलती। संसद में बहनों के हक पर डाका डालने का जो काम किया गया है, उसके खिलाफ सरकार एक दिन का सत्र भी बुलाने जा रही है। कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों का हनन किया है।
इसके जवाब में दो दिन पहले भोपाल में महिला कांग्रेस ने भी कांग्रेस कार्यालय से बीजेपी कार्यालय तक पैदल मार्च और प्रदर्शन किया और नारी शक्ति वंदन बिल को छलावा बताया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ भी बीजेपी पर इस बिल के माध्यम से महिला आरक्षण के नाम पर जनता को भ्रमित कर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगा चुके है।
अब मोहन सरकार द्वारा मध्य प्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में विपक्ष को घेरने की पूरी तैयारी में है। चर्चा है सरकार कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी लाने जा रही है। विधानसभा के बाद नगरीय निकायों में भी इसी तरह निंदा प्रस्ताव लाए जाएंगे। इससे पहले 26 अप्रैल को कांग्रेस भोपाल में पैदल मार्च निकालने जा रही है। खबर है कि कांग्रेस भी विधानसभा के अंदर विधायक दल की ओर से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को बिना परिसीमन और जनगणना को ढाल बनाकर लागू करने का संकल्प प्रस्तुत करने और विधानसभा का घेराव करने जैसी रणनीति बना सकती है।
गौैरतलब है कि सितंबर 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पास किया गया था, जिसे केंद्र सरकार ने 16 अप्रैल 2026 से आधिकारिक तौर पर लागू (Notify) कर दिया है। इसके बाद सरकार 2023 के कानून में कुछ बदलाव करने के लिए ‘131वां संविधान संशोधन विधेयक 2026’ लाई। इसमें लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था, ताकि महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बाद भी पुरुषों की मौजूदा सीटों में कमी न आए। जिस पर17 अप्रैल 2026 को वोटिंग कराई गई। लेकिन दो-तिहाई बहुमत न मिलने के चलते लोकसभा में बिल गिर गया । इसके पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े। संविधान संशोधन के लिए 352+ वोटों (2/3) की जरूरत थी। 54 वोटों की कमी के कारण बिल पास नहीं हो सका। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से ही बीजेपी कांग्रेस और पूरे विपक्ष पर हमलावर है।
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