Safe Driving Tips: भारत में सड़कों की स्थिति तेजी से बेहतर हो रही है, जिससे अब लोग अपनी कार से परिवार और बच्चों के साथ लंबी यात्राएं करना ज्यादा पसंद करने लगे हैं। हालांकि बच्चों के साथ सफर करते समय कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है, ताकि यात्रा सुरक्षित और आरामदायक बनी रहे। यहां हम आपको कुछ आसान लेकिन अहम टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप बिना परेशानी अपने सफर को पूरा कर सकते हैं।
सनरूफ से बाहर न निकालें अक्सर देखा जाता है कि लोग बच्चों के साथ सफर करते समय सनरूफ खोल देते हैं और बच्चे उसमें से बाहर निकलकर मजा लेते हैं। लेकिन यह आदत काफी खतरनाक साबित हो सकती है। अचानक ब्रेक लगने या सड़क पर झटके लगने से बच्चे को चोट लग सकती है। इसके अलावा ट्रैफिक नियमों के तहत ऐसा करना गलत है और पुलिस चालान भी काट सकती है।
चाइल्ड लॉक का करें इस्तेमाल कार में बच्चों के साथ यात्रा करते समय चाइल्ड लॉक का उपयोग जरूर करें। कई बार बच्चे खेल-खेल में चलते वाहन का दरवाजा खोल देते हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। चाइल्ड लॉक लगाने से दरवाजे अंदर से नहीं खुलते और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
सीट बेल्ट है जरूरी सफर के दौरान सीट बेल्ट लगाना सिर्फ बड़ों के लिए ही नहीं, बल्कि बच्चों के लिए भी बेहद जरूरी है। यह हादसे के समय सुरक्षा प्रदान करती है और अचानक ब्रेक लगने पर बच्चे को सीट से गिरने से बचाती है। साथ ही, सीट बेल्ट न लगाने पर ट्रैफिक चालान से भी बचा जा सकता है।
बच्चों के लिए खास सीट का उपयोग अगर आप छोटे या नवजात बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो उन्हें सामान्य सीट पर बैठाना सुरक्षित नहीं होता। इसके लिए बाजार में उपलब्ध चाइल्ड सेफ्टी सीट का उपयोग करना बेहतर विकल्प है। यह सीट बच्चों को मजबूती से पकड़कर रखती है और यात्रा के दौरान उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा देती है। इन आसान उपायों को अपनाकर आप बच्चों के साथ अपनी कार यात्रा को सुरक्षित, आरामदायक और चिंता मुक्त बना सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर "पूर्ण सैन्य वर्चस्व" का दावा करते हुए क्षेत्र में तीसरे विमानवाहक पोत की तैनाती की पुष्टि की है। USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश (CVN 77) अब हिंद महासागर और मध्य-पूर्व के रणनीतिक जलक्षेत्र में पहुंच चुका है, जिससे ईरान पर दबाव अपने चरम पर पहुंच गया है।
USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश की तैनाती
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, निमिट्ज़-श्रेणी का यह विशालकाय पोत 23 अप्रैल को अफ्रीका के पूर्वी तट से गुजरते हुए हिंद महासागर में दाखिल हुआ।
सैन्य शक्ति: इस पोत पर दर्जनों आधुनिक लड़ाकू विमान, मिसाइल सिस्टम और हजारों सैन्यकर्मी तैनात हैं।
त्रिकोणीय घेराबंदी: यह पोत पहले से तैनात USS जेराल्ड आर. फोर्ड और USS अब्राहम लिंकन के साथ मिलकर ईरान के समुद्री रास्तों की निगरानी करेगा।
रणनीतिक उद्देश्य: 'द वॉशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष-विराम के समय का उपयोग अमेरिकी सेना ने अपने हथियारों को फिर से लोड करने और जहाजों की स्थिति बदलने के लिए किया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर फिर से हमले शुरू किए जा सकें।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने X (पहले Twitter) पर एक बयान में कहा, "निमिट्ज़-श्रेणी का विमानवाहक पोत USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश (CVN 77) 23 अप्रैल को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के ज़िम्मेदारी वाले क्षेत्र में, हिंद महासागर में गश्त कर रहा है।" बयान में यह भी जोड़ा गया कि यह विमानवाहक पोत अफ्रीका के पूर्वी तट के पास से गुज़र रहा था।
USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश इस क्षेत्र में USS जेराल्ड आर. फोर्ड और USS अब्राहम लिंकन के साथ शामिल होगा। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि बुश के उद्देश्य क्या होंगे, लेकिन एक अधिकारी के हवाले से 'द वॉशिंगटन पोस्ट' ने बताया कि अमेरिकी सेना ईरान पर अपने हमले फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी ज़िक्र किया गया है कि ईरान के साथ हुए संघर्ष-विराम ने सेना को मध्य-पूर्व में "जहाज़ों और विमानों की स्थिति बदलने और उन्हें फिर से हथियारों से लैस करने" का समय दिया है।
ईरान की नौसैनिक नाकाबंदी
हालांकि, इस क्षेत्र में बुश का आगमन अमेरिका द्वारा ईरान की नाकाबंदी को और मज़बूत करने की एक चाल के तौर पर देखा जा रहा है। ट्रंप के अनुसार, इस नाकाबंदी का मकसद ईरान को आर्थिक रूप से कमज़ोर करना और उसकी अर्थव्यवस्था पर इतना दबाव डालना है कि वह शांति समझौते को स्वीकार करने के लिए मजबूर हो जाए। लेकिन ईरान ने अमेरिका की "मनमानी" मांगों को मानने से साफ इनकार कर दिया है और इस नाकाबंदी को पूरी तरह से गैर-कानूनी करार दिया है।
इसके बावजूद, ट्रंप ने दावा किया है कि यह नाकाबंदी "100 प्रतिशत असरदार" है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ चल रहे इस संघर्ष को खत्म करने के लिए उन पर "किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं" है। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि ईरान के साथ कोई भी समझौता तभी किया जाएगा, जब वह अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के सर्वोत्तम हितों के अनुरूप होगा। "यह बहुत ही टॉप सीक्रेट है... हमने नाकेबंदी के साथ जो किया है, वह कमाल का है, और कोई भी इसे पार नहीं कर पाता। कोई भी इसे पार करना नहीं चाहता; कोई कोशिश भी नहीं कर रहा... हमारा इस पर पूरा नियंत्रण है... ईरान ने सऊदी अरब, UAE, कतर, कुवैत, बहरीन और अन्य कई जगहों पर हमला किया—किसी को भी इसकी उम्मीद नहीं थी," अमेरिकी राष्ट्रपति ने गुरुवार को वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा।
KKR vs LSG Moments: आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबलों में से एक रविवार को कोलकाता नाइट राइडर्स ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सुपर ओवर में लखनऊ सुपर जायंट्स को हराया.इकाना क्रिकेट स्टेडियम में सुपर ओवर में लखनऊ से मिले 2 रनों के लक्ष्य को केकेआर ने रिंकू के बल्ले से निकले चौके के साथ पहले ही गेंद पर हासिल कर लिया. केकेआर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट खोकर स्कोरबोर्ड पर 155 रन लगाए थे. जवाब में लखनऊ सुपर जायंट्स ने भी 8 विकेट गंवाकर 155 रन बनाए और मुकाबला टाई हो गया. इसके बाद आईपीएल 2026 का पहला सुपर ओवर खेला गया. Mon, 27 Apr 2026 05:31:03 +0530