'जहां भी मर जाऊं, वहीं दफन कर दो', लकी अली अपनी मौत के लिए हैं तैयार, कॉन्सर्ट में फैंस के नाम दिया खास संदेश
‘ओ सनम’, ‘गोरी तेरी आंखें कहें’ जैसे गानों को आवाज देने वाले सिंगर लकी अली ने अपने कॉन्सर्ट में फैंस के नाम खास मेसेज शेयर किया. सालों से फैंस से मिल रहे प्यार के बारे में बात करते हुए लकी अली कहते हैं कि एक दिन उन्हें भी जाना होगा और वो अब इसके लिए तैयार हैं. वो हर वक्त सफर करते हुए यही सोचते हैं कि जहां मरें, उन्हें वहीं दफन कर दिय़ा जाता है.
जयपुर के फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 9 गिरफ्तार, 88 साल के बुजुर्ग का चोरी मोबाइल बना सुरागHIMANS
Delhi Cyber Police: दिल्ली पुलिस की साइबर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो राज्यों से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गैंग चोरी किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड के जरिए लोगों के बैंक खातों तक पहुंच बनाकर उनकी जमा-पूंजी निकालता था. पुलिस ने जयपुर में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर के साथ-साथ मेरठ और गाजियाबाद में सक्रिय म्यूल अकाउंट सप्लाई नेटवर्क को भी ध्वस्त किया है. इस पूरी कार्रवाई को सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के DCP रोहित राजबीर सिंह, IPS की निगरानी में अंजाम दिया गया. वहीं साइबर पुलिस की टीम ने इंस्पेक्टर योगराज दलाल, SHO/PS Cyber के नेतृत्व और ACP पहाड़गंज सौरभ नरेंद्र की समग्र निगरानी में इस अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया.
88 साल के बुजुर्ग के चोरी मोबाइल से खुला साइबर गैंग का राज
मामले की शुरुआत पश्चिम पटेल नगर निवासी 88 वर्षीय बुजुर्ग की शिकायत से हुई. 19 मई 2026 को उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया था. इसके दो दिन बाद 21 मई को जब उन्होंने नया सिम जारी कराया तो उनके बैंक खाते से पैसे निकलने के SMS मिले. पीड़ित के Canara Bank खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 25 हजार, 20 हजार और 25 हजार रुपये, यानी कुल 70 हजार रुपये निकाल लिए गए. पीड़ित ने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद 23 जुलाई 2026 को PS Cyber Central District में FIR नंबर 36/2026, धारा 318(4) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया.
DCP रोहित राजबीर सिंह की निगरानी में बनाई गईं दो टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए DCP रोहित राजबीर सिंह, IPS के निर्देशन में साइबर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. SHO इंस्पेक्टर योगराज दलाल की अगुवाई और ACP सौरभ नरेंद्र की निगरानी में दो अलग-अलग टीमों को कार्रवाई के लिए रवाना किया गया. पहली टीम को जयपुर भेजा गया, जबकि दूसरी टीम ने मेरठ और गाजियाबाद में म्यूल बैंक अकाउंट सप्लाई करने वाले आरोपियों पर कार्रवाई की.
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जयपुर में पकड़ा गया साइबर फ्रॉड का मुख्य ऑपरेटर
जांच के दौरान पुलिस ने बैंकिंग ट्रांजैक्शन और डिजिटल गतिविधियों को ट्रैक किया. इससे पता चला कि इस नेटवर्क की तकनीकी गतिविधियां जयपुर से संचालित की जा रही थीं, जबकि मेरठ और गाजियाबाद से म्यूल बैंक अकाउंट, डेबिट कार्ड, POS मशीन और सिम कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे थे. पुलिस टीम ने जयपुर के झोटवाड़ा स्थित एक मकान पर छापेमारी की. यहां कॉल सेंटर की तर्ज पर साइबर फ्रॉड का सेटअप चल रहा था. पुलिस ने मौके से मुख्य ऑपरेटर निखिल सोनी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया. छापेमारी के दौरान लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल फोन, राउटर, बैंक पासबुक, डायरियां और 4 लाख रुपये कैश बरामद किए गए.
मेरठ-गाजियाबाद में भी एक साथ छापेमारी
इसी दौरान दूसरी पुलिस टीम ने मेरठ और गाजियाबाद में कार्रवाई की. यहां से म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वाले अमर जाटव, हर्ष, मोहन और वाशु को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने इनके कब्जे से कई मोबाइल फोन, POS मशीन, डेबिट कार्ड और सिम कार्ड बरामद किए.
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9 आरोपी गिरफ्तार, बड़ी मात्रा में सामान बरामद
इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक बरामदगी में:
- 4 लैपटॉप
- 2 मोबाइल टैब
- 52 मोबाइल फोन
- 145 सिम कार्ड
- 70 डेबिट कार्ड
- 13 बैंक पासबुक
- 6 POS मशीन
- 4 हाई-स्पीड इंटरनेट राउटर
- 4 लाख रुपये कैश
- पीड़ितों और ट्रांजैक्शन की जानकारी वाली डायरियां शामिल हैं.
चोरी के मोबाइल से बैंक खाते खाली करने का पूरा नेटवर्क
जांच में सामने आया कि गैंग का नेटवर्क अलग-अलग स्तरों पर काम करता था. मोबाइल चोरी करने वाले आरोपी लोगों के फोन को निशाना बनाते थे. इसके बाद सिम और बैंकिंग एक्सेस का इस्तेमाल कर पीड़ितों के खातों से रकम म्यूल बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती थी. जयपुर में मौजूद तकनीकी ऑपरेटर इन बैंकिंग गतिविधियों को संचालित करते थे. इसके बाद POS मशीन और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए रकम को तेजी से निकाल लिया जाता था.
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19 साइबर शिकायतों से जुड़ने के संकेत
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, बरामद डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच जारी है. शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के तार NCCRP पर दर्ज 19 शिकायतों से जुड़ते हुए मिले हैं. पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल फोन, लैपटॉप और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि इस सिंडिकेट द्वारा की गई कुल साइबर ठगी की रकम और इसके अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके.
DCP रोहित राजबीर सिंह की नागरिकों से अपील
DCP सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट रोहित राजबीर सिंह, IPS ने नागरिकों को सलाह दी है कि मोबाइल फोन चोरी या गुम होने की स्थिति में तुरंत सिम कार्ड ब्लॉक करवाएं. चोरी हुए मोबाइल को CEIR पोर्टल के जरिए ब्लॉक कराएं, ताकि उसका गलत इस्तेमाल न हो सके. किसी भी अनधिकृत बैंक ट्रांजैक्शन की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत करें. दिल्ली पुलिस ने लोगों से साइबर फ्रॉड के मामलों में देरी किए बिना शिकायत दर्ज कराने की अपील की है.
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