Independence Day Slogans: 15 अगस्त के भाषण में शामिल करें आजादी के ये जोशीले नारे, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठेगा मंच
Famous Freedom Slogans for 15 August Speech in Hindi: 15 अगस्त के भाषण को जोशीला बनाने के लिए कौन से आजादी के नारे चुनें? यहां पढ़ें ऐसे प्रसिद्ध स्लोगन, जो आपके भाषण में देशभक्ति का जोश भर देंगे। साथ ही जानें स्वतंत्रता सेनानियों के प्रसिद्ध नारों के बारे में।
फ्रेशर्स के लिए नौकरी के अवसर बढ़े, 75 प्रतिशत कंपनियां भर्ती के मूड में; एआई स्किल्स की मांग तेज: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026 की दूसरी छमाही (जुलाई-दिसंबर) के दौरान भारत में फ्रेशर्स के लिए रोजगार के अवसर बेहतर हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 75 प्रतिशत नियोक्ता फ्रेशर्स की भर्ती करने की योजना बना रहे हैं।
टीमलीज एडटेक की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली छमाही में यह आंकड़ा 73 प्रतिशत था, जो यह दर्शाता है कि एंट्री-लेवल नौकरियों को लेकर कंपनियों का भरोसा बढ़ा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रिटेल, ई-कॉमर्स, टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र फ्रेश ग्रेजुएट्स की मांग बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। इन सेक्टर्स में व्यावहारिक कौशल रखने वाले युवाओं के लिए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सभी क्षेत्रों में भर्ती का माहौल एक जैसा नहीं है। कुछ उद्योगों में फ्रेशर्स की मांग में कमी भी देखने को मिली है।
आईटी सेक्टर में फ्रेशर्स को नियुक्त करने की मंशा वर्ष की पहली छमाही के 81 प्रतिशत से घटकर 76 प्रतिशत रह गई है। इसी तरह कंसल्टिंग, टेलीकॉम और मार्केटिंग एवं विज्ञापन क्षेत्रों में भी फ्रेशर्स की भर्ती की इच्छा में करीब 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
वहीं मीडिया एवं एंटरटेनमेंट तथा शिक्षा सेवाओं में फ्रेशर हायरिंग इंटेंट में 2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
टीमलीज एडटेक के संस्थापक एवं सीईओ शांतनु रूज ने कहा कि कंपनियां अब केवल डिग्री नहीं, बल्कि कौशल-आधारित प्रतिभा की तलाश कर रही हैं।
उन्होंने कहा, नियोक्ता अब फ्रेशर्स से अधिक व्यावहारिक और जॉब-रेडी स्किल्स की अपेक्षा कर रहे हैं। रिटेल, ई-कॉमर्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भर्ती बढ़ रही है क्योंकि यहां उद्योगों को तैयार उम्मीदवार मिल रहे हैं। वहीं आईटी और कंसल्टिंग कंपनियां एआई दक्षता, समस्या समाधान क्षमता और वास्तविक परियोजनाओं के अनुभव को प्राथमिकता दे रही हैं।
रूज के अनुसार, उच्च शिक्षा और कौशल विकास को एक साथ जोड़ना समय की आवश्यकता है, ताकि छात्र ऐसे कौशल के साथ संस्थानों से निकलें जिनकी उद्योगों में वास्तविक मांग है।
रिपोर्ट के मुताबिक, शहरों के आधार पर बेंगलुरु फ्रेशर्स की भर्ती के मामले में सबसे आगे है, जहां लगभग 90 प्रतिशत कंपनियां नए उम्मीदवारों को नियुक्त करने की योजना बना रही हैं। इसके बाद मुंबई (75 प्रतिशत) और चेन्नई (71 प्रतिशत) का स्थान है।
रिपोर्ट में उन स्किल-आधारित प्रमाणपत्रों की भी पहचान की गई है, जो युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ा सकते हैं। इनमें वीएलएसआई चिप डिजाइन, एआई इंजीनियरिंग, क्लाउड सिक्योरिटी, डिजिटल मार्केटिंग एनालिटिक्स और गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (जीएमपी) जैसे कोर्स प्रमुख हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Asianetnews
News Nation









