Kaddu Ka Raita Recipe: गर्मियों में बोरिंग रायता को कहें बाय, ट्राई करें ये टेस्टी कद्दू का रायता, इस विधि से बनाएं
Kaddu Ka Raita Recipe: आपने रायते तो बहुत खाए होंगे पर क्या कभी कद्दू का रायता खाया है? अगर नहीं तो इस गर्मी इसे एक बार बनाकर जरूर चखे. कद्दू का रायता, बनाना बेहद सिंपल और झटपट बन जाता है. रायता गर्मियों की शान है. दोपहर का खाना हो या सुबह पराठों के साथ, रायता खाने से पेट को ठंडक मिलती है. साथ ही, खाना जल्दी पच भी जाता है. बूंदी का रायता या खीरे का रायता बहुत कॉमन हो गया है. ऐसे में इस बार कद्दू का यह रायता आपको काफी पसंद आने वाला है. चलिए जल्दी से नोट कर लीजिए कद्दू रायता बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी.
कद्दू का रायता खाने के फायदे
रायता भारतीय खाने की थाली का अहम हिस्सा है. गर्मी में इसे खाने से पाचन दुरुस्त रहता है. पेट ठंडा होता है, जिससे गैस, एसिडिटी, अपच या कब्ज नहीं होती है. कद्दू खाने से वेट लॉस भी होता है. कद्दू हमारी स्किन के लिए भी हेल्दी होता है. कद्दू का नियमित रूप से सेवन करने से हृदय स्वास्थ्य और आंखों की रोशनी भी मजबूत होती है. कद्दू इम्यूनिटी को बढ़ाता है. कद्दू खाने से नींद की समस्या से राहत मिलती है. ऐसे में गर्मियों में यदि नियमित रूप से कद्दू खाना है तो उसका रायता बनाकर खाना सबसे सही विकल्प होगा.
कद्दू का रायता बनाने की सामग्रियां
- कद्दू
- हरी मिर्च
- धनिया
- लहसुन
- काली सरसों के बीज
- काला नमक
- सफेद नमक
- दही
- आवश्यकतानुसार पानी
कद्दू रायता बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधी
- कद्दू का रायता बनाने के लिए सबसे पहले कद्दू को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें.
- इसके बाद इन्हें कूकर में 1 सीटी देकर पकाएं. आप इसमें थोड़ा सा पानी भी डाल सकता है.
- इसके बाद उबले हुए कद्दू को पीस कर पेस्ट बना लें.
- अब सिलबट्टे पर धनिया के पत्ते, बारीक कटी हरी मिर्च, लहसुन की कलियों और सरसों के दानों को एकसाथ पीस लें.
- अब इसमें काला नमक और सफेद नमक मिलाकर, दोबारा पीसे. ध्यान रहें यह दरदरा पेस्ट जैसा बनना चाहिए.
- दही में उबला हुआ कद्दू का पेस्ट, धनिया-मिर्च का पीसा मसाला डालें और मिक्स कर लें. कद्दू का पहाड़ी स्टाइल रायता तैयार है.
- आप इसे पराठे, रोटी या किसी भी खाने के साथ सर्व कर सकते हैं.
तड़का कैसे लगाएं?
अगर आप कद्दू के रायते में तड़का लगाना चाहते हैं तो उसके लिए एक फ्राई पैन में 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल गर्म करें. उसमें सूखी लाल मिर्च और जीरा डालकर फोड़ लें. तड़के को रायता में मिला लें. तड़के वाला रायता बनकर तैयार हो जाएगा.
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Disclaimer: इस खबर को सामान्य जानकारी के आधार पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
लेबनान में इजरायली हमले में एक और पीसकीपर की मौत, यूएन महासचिव गुटेरेस ने जताया दुख
संयुक्त राष्ट्र, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। लेबनान में इजरायली हमले में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई। संयुक्त राष्ट्र ने इजरायली हमले में मारे गए फ्रांसीसी सैनिकों को लेकर चिंता जाहिर की है। यूएन महासचिव के प्रवक्ता के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, लेबनान में यूनाइटेड नेशंस इंटरिम फोर्स (यूएनआईएफआईएल) में काम कर रहे दूसरे फ्रांसीसी सैनिक की शनिवार को हुए हमले में घायल होने से मौत से दुखी हैं।
गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बुधवार (लोकल टाइम) को एक बयान में कहा कि पीसकीपर्स पर हमले बंद होने चाहिए। ये अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन हैं और वॉर क्राइम की श्रेणी में आ सकते हैं।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने यूएन प्रवक्ता के हवाले से बताया कि पीसकीपर्स पर हुए सभी हमलों की तुरंत जांच होनी चाहिए और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन पर असरदार तरीके से मुकदमा चलाया जाना चाहिए और उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। इस बारे में, महासचिव शनिवार की घटना के बारे में लेबनानी अधिकारियों के बताए गए प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं।
गुटेरेस ने सभी लोगों से गुरुवार को घोषित इजरायल-लेबनान सीजफायर का सम्मान करने की अपील की। बयान में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र दुश्मनी खत्म करने और सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 1701 को पूरी तरह लागू करने की दिशा में डिप्लोमैटिक कोशिशों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसका मकसद हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच लड़े गए 2006 के लेबनान युद्ध को सुलझाना है।
गुटेरेस ने दूसरे शांति सैनिक के परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के साथ-साथ फ्रांस की सरकार और लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताई है।
बुधवार को पहले, स्टीफन दुजारिक ने मारे गए फ्रांसीसी सैनिक की पहचान 31 साल के कॉर्पोरल अनिसेट गिरार्डिन के रूप में की, जो एक स्पेशलिस्ट डॉग हैंडलर थे। गिरार्डिन इतनी बुरी तरह से घायल हुए थे कि बुधवार को पेरिस के एक हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया।
दुजारिक ने कहा कि जब दक्षिणी लेबनान में सड़क साफ करते समय यूएनआईएफिल की फ्रांसीसी टुकड़ी के साथ काम कर रही विस्फोटक ऑर्डनेंस डिस्पोजल टीम पर हमला हुआ, तो वह बुरी तरह घायल हो गए। यह कार्रवाई यूएनआईफिल के अलग-थलग पड़े ठिकानों तक दोबारा पहुंच बहाल करने के प्रयास के तहत की जा रही थी। गिरार्डिन शनिवार की घटना में मरने वाले दूसरे सैनिक थे।
एक और फ्रांसीसी सैनिक, जो बुरी तरह घायल हो गया था, उसे भी इलाज के लिए मंगलवार को पेरिस वापस भेज दिया गया। वह अभी भी मेडिकल केयर में है। दुजारिक ने कहा कि एक चौथा पीसकीपर, जिसे मामूली चोटें आई थीं, दक्षिणी लेबनान में अपनी यूनिट के साथ अपनी पोस्ट पर लौट आया है।
यूएन महासचिव के प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का शुरुआती अंदाजा था कि पीसकीपर पर नॉन-स्टेट हथियारबंद समूह हिज्बुल्लाह ने शायद हमला किया था।
--आईएएनएस
केके/पीएम
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