क्या श्रीलंका में बदल जाएगी टीम इंडिया का ओपनिंग जोड़ी? वॉर्म-अप मैच से मिला बड़ा हिंट, जानें किसका कटेगा पत्ता
Team India : भारतीय क्रिकेट टीम में समय-समय पर अगल-अलग सलामी जोड़ियां रही हैं. टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल सलामी बल्लेबाजों में भारत के लिए वीरेंद्र सहवाग, सुनील गावस्कर, मुरली विजय और रोहित शर्मा जैसे अन्य खिलाड़ी रहे हैं. इन खिलाड़ियों ने अलग-अलग समय पर टीम इंडिया के लिए पारी की शुरुआत की है. टीम इंडिया के लिए कुछ समय पहले तक रोहित शर्मा और शिखर धवन पारी की शुरुआत करते थे.
इसके बाद इंडियन क्रिकेट टीम की ओपनिंग जोड़ी बदली और भारत के लिए केएल राहुल और रोहित शर्मा पारी की शुरुआत करने लेगे. इसके बाद एक बार फिर इंडिया की ओनिंग जोड़ी बदली और रोहित शर्मा शुभमन गिल के पास पारी की शुरुआत करने लगे. यहीं नहीं रोहित शर्मा ने फिर यशस्वी जायसवाल के साथ पारी की शुरुआत की. ऐसे में पिछले कुछ सालों में लगातार टीम इंडिया की ओपनिंग जोड़ी बदलती रही है.
We are underway in New Chandigarh ????
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भारत के लिए लंबे समय से यशस्वी जायसवाल पारी की शुरुआत कर रहे हैं. इस बाएं हाथ के बल्लेबाज के साथ पहले रोहित शर्मा ओपनिंग करते थे. फिर रोहित के संन्यास के बाद केएल राहुल को यशस्वी के नए ओपनिंग जोड़ीदार के तौर पर देखा गया. टीम इंडिया के लिए गौतम गंभीर के कार्यकाल में यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल लंबे समय से ओपनिंग कर रहे हैं.
क्या टीम इंडिया की बदल जाएगी ओपनिंग जोड़ी?
अब सवाल उठ रहा है कि, क्या भारत की ओपनिंग जोड़ी एक बार फिर बदले वाली है. क्या यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल अब टीम इंडिया के लिए ओपनिंग नहीं करेंगे. ये सवाल भारत और श्रीलंका इलेवन के बीच हुए वॉर्म-अप मैच से सामने आ रहे हैं. इस मुकाबले में कुछ ऐसा हुआ है, जिससे श्रीलंका में खेलने जाने वाली 2 टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले इस मामले को लेकर बड़ा हिंट मिला है.
दरअसल, भारत और श्रीलंका इलेवन के बीच खेले गए वॉर्म-अप मैच में भारत के लिए पहली पारी में केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल पारी की शुरुआत करने के लिए आए. यशस्वी 0 पर पवेलियन लौट गए और राहुल ने 40 रनों की पारी खेली. यहां तक सब ठीक था लेकिन इसके बाद दूसरी पारी में सब बदल गया. टीम इंडिया की ओपनिंग जोड़ी भी बदल गई.
इस अभ्यास मैच में भारत के लिए दूसरी पारी में यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल पारी की शुरुआत करने आए. बाएं और दाएं हाथ के दोनों बल्लेबाजों में मिलकर शानदार प्रदर्शन किया और पहले विकेट के लिए 100 रन जोड़ डाले. यशस्वी 61 रन बनाकर रिटायर्ड आउट हुए और शुभमन गिल 44 रन बनाकर आउट हो गए.
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????-run partnership up between Captain Shubman Gill & Yashasvi Jaiswal ????????
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श्रीलंका इलेवन के मैच के बाद जब केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल पारी की शुरुआत करने नहीं आए तो उसके बाद सवाल उठने लगे कि क्या, भारत और श्रीलंका के बीच खेली जाने वाली सीरीज में टीम इंडिया की ओपनिंग जोड़ी बदलने वाली है. क्या कप्तान शुभमन गिल फिर से अपनी पुरानी पोजिशन पर लौटने वाले हैं. अब गिल के पास कप्तानी का ताकत है, वो चाहें तो अपना ओपनिंग का स्लॉट यशस्वी जायसवाल के साथ फिर से हासिल कर सकते हैं. ऐसे में केएल राहुल को मिडिल ऑर्डर में खेलने का मौका मिलेगा.
क्या सच में बदल जाएगी श्रीलंका में भारत की ओपनिंग जोड़ी?
वॉर्म-अप मैच के बाद ये सवाल आपके भी मन में उठ रहा है कि, क्या सच में श्रीलंका में भारत की ओपनिंग जोड़ी बदल जाएगी. तो हम आपको बता दें कि, इसके चांस बहुत कम है. ओपनिंग में केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं शुभमन गिल मिडिल ऑर्ड में अपना योगदान दे रहे हैं. वो नंबर 4 पर धमाल मचा रहे हैं. ऐसे में कोई वजह नहीं है कि, श्रीलंका में भारत की ओपनिंग जोड़ी बदली जाए. वो सिर्फ एक अभ्यास मैच था, जिसमें गिल ने पहली पारी में बल्लेबाजी नहीं की थी. ऐसे में उन्होंने खुद को दूसरी पारी में बल्लेबाजी का मौका देने के लिए ओपनिंग की थी.
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8वें वेतन आयोग: न्यूनतम पेंशन 45 हजार और मूल वेतन का 67% करने की मांग, जानें BPS के बड़े प्रस्ताव
8th Pay Commission: राजधानी दिल्ली में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की बैठकों का सिलसिला जारी है. वेतन और पेंशन में संशोधन को लेकर विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर संगठन आयोग के सामने अपनी-अपनी रूपरेखा पेश कर रहे हैं. इसी कड़ी में देश के प्रमुख संगठन 'भारत पेंशनर्स समाज' (BPS) ने आयोग के सामने पेंशनभोगियों के हित में कई बड़े और अहम बदलावों का प्रस्ताव रखा है.
8वें वेतन आयोग के सामने BPS की प्रमुख मांगें
संगठन ने अपने विस्तृत मेमोरेंडम में वेतन और पेंशन निर्धारण को लेकर कुछ ठोस सिफारिशें की हैं, जिनमें पेंशन की न्यूनतम सीमा को बढ़ाकर 45,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए. मौजूदा नियम के तहत पेंशन अंतिम मूल वेतन का 50% होती है, इसे बढ़ाकर 67% किया जाए. फैमिली पेंशन (पारिवारिक पेंशन) की दर को भी 50% करने की मांग रखी गई है. सैलरी और पेंशन का पूरा निर्धारण 5.2 फैमिली यूनिट के आधार पर किया जाए.
चंद्रलोक भवन में हुआ प्रभावी प्रेजेंटेशन
नई दिल्ली के जनपथ स्थित चंद्रलोक भवन में वेतन आयोग के कार्यालय में यह महत्वपूर्ण बैठक हुई. BPS के चेयरमैन आरके चौहान और महासचिव अविनाश राजपूत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के सदस्यों से मुलाकात की. इस दौरान संगठन ने एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) के माध्यम से केंद्र सरकार के पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स की मुख्य समस्याओं व मांगों को विस्तार से समझाया. आयोग के सदस्यों ने भी इस प्रेजेंटेशन को गंभीरता से सुना और प्रतिनिधियों के साथ सकारात्मक चर्चा की.
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क्या है भारत पेंशनर्स समाज (BPS) और इसकी अहमियत?
पेंशनर्स के अधिकारों के लिए काम करने वाला यह संगठन देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित मंचों में से एक है. यह जनवरी 1955 में स्थापित यह संगठन देश भर के लगभग 10 लाख पेंशनभोगियों का प्रतिनिधित्व करता है. इसके साथ 245 अन्य संबद्ध संघ भी जुड़े हुए हैं. BPS को नीति आयोग और 'पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग' द्वारा आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त है. यह संगठन स्वैच्छिक एजेंसियों की स्थायी समिति (SCOVA) में भी अपनी अहम भागीदारी निभाता है.
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पेंशनर्स को सकारात्मक फैसलों की उम्मीद
वेतन आयोग के सदस्यों के साथ हुई इस बातचीत के बाद भारत पेंशनर्स समाज ने काफी संतुष्टि जाहिर की है. संगठन को उम्मीद है कि 8वां वेतन आयोग जब अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करेगा, तो उसमें पेंशनभोगियों की इन जायज मांगों और चिंताओं को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा. वर्तमान में आयोग केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, भत्ते और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों की तेजी से समीक्षा कर रहा है, जिस पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं.
| क्रम सं. | मुख्य मुद्दा (Category) | BPS की विस्तृत मांग (Demands) |
| 1 | वेटेड फैमिली यूनिट (5.2 फॉर्मूला) | न्यूनतम पेंशन की गणना 5.2 'वेटेड फैमिली यूनिट' के आधार पर हो। इसमें कर्मचारी (1.0), पति/पत्नी (1.0), दो बच्चे (0.8 प्रत्येक) और दो आश्रित माता-पिता (0.8 प्रत्येक) को शामिल किया जाए। |
| 2 | न्यूनतम वेतन व फिटमेंट फैक्टर | कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) 69,000 रुपये निर्धारित किया जाए और फिटमेंट फैक्टर को 3.83 पर रखा जाए। |
| 3 | न्यूनतम एवं पारिवारिक पेंशन | कम से कम पेंशन 45,000 रुपये प्रतिमाह हो। मुख्य पेंशन अंतिम वेतन की 67% हो, जबकि पारिवारिक पेंशन (Family Pension) अंतिम वेतन की 50% तय की जाए। |
| 4 | पेंशन में एकसमानता (Parity) | 1 जनवरी 2026 से पहले और बाद में रिटायर होने वाले सभी पेंशनर्स के बीच कोई भेदभाव न हो, दोनों के लिए समान पेंशन नियम लागू हों। |
| 5 | संशोधन की समयसीमा | वेतन और पेंशन में बदलाव का इंतज़ार 10 साल तक न कराया जाए, बल्कि हर 5 साल में इनमें संशोधन हो। |
| 6 | DA और DR में तिमाही बढ़ोतरी | पिछले 3 महीनों के औसत को आधार मानकर महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में हर तिमाही (Quarterly) वृद्धि की जाए। |
| 7 | मूल पेंशन में DR का विलय | जब भी महंगाई राहत (DR) का आंकड़ा 25% को पार कर जाए, तो उसे सीधे बेसिक पेंशन में जोड़ (Merge) दिया जाए। |
| 8 | HRA और LTC की सुविधा | कर्मचारियों की तरह ही पेंशनभोगियों को भी मकान किराया भत्ता (HRA) और यात्रा रियायत (LTC) का लाभ मिलना चाहिए। |
| 9 | स्वायत्त व वैधानिक निकाय | केंद्र सरकार के तहत आने वाले स्वायत्त (Autonomous) और वैधानिक निकायों के पेंशनर्स को भी 8वें वेतन आयोग का फायदा एक साथ दिया जाए। |
| 10 | चिकित्सा सुविधा और भत्ते (FMA) | CGHS नेटवर्क का दायरा बढ़ाकर कैशलेस इलाज सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) की राशि बढ़ाकर 5,000 रुपये की जाए। |
| 11 | ग्रामीण क्षेत्रों के पेंशनर्स | देश के जिन ग्रामीण या दूर-दराज के इलाकों में CGHS की सुविधा नहीं है, वहां रहने वाले पेंशनभोगियों के लिए पर्याप्त स्वास्थ्य सुरक्षा का इंतजाम हो। |
| 12 | कम्यूटेड पेंशन की बहाली | जो कर्मचारी 60 साल में रिटायर होते हैं, उनकी काटी गई (Commuted) पेंशन 15 साल की बजाय 11 साल बाद या 71 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) में फिर से बहाल कर दी जाए। |
| 13 | उम्र के आधार पर अतिरिक्त पेंशन | 80 वर्ष की बजाय 65 वर्ष की आयु से ही वृद्ध पेंशनर्स को अतिरिक्त पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो और इसे हर 5 साल के स्लैब में बढ़ाया जाए। |
| 14 | प्रभावी होने की तिथि | 8वें वेतन आयोग की सभी सिफारिशों, संशोधित वेतन और पेंशन भत्तों को 1 जनवरी 2026 की तारीख से ही लागू किया जाए। |
| 15 | BSNL पेंशनर्स के मुद्दे | BSNL के पेंशनभोगियों की चिकित्सा सुविधाओं और पेंशन समानता से जुड़ी पुरानी लंबित समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। |
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