पाकिस्तान: बलूच छात्रा के अपहरण के खिलाफ क्वेटा में छात्रों का विरोध प्रदर्शन
क्वेटा, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में आम लोगों के जबरन गायब किए जाने के खिलाफ बुधवार को प्रांतीय राजधानी क्वेटा में बोलान मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने कॉलेज के बाहर धरना दिया। उन्होंने छात्रा की सुरक्षित वापसी की मांग की, जिसे कथित तौर पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने उठा लिया है।
बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने मंगलवार को क्वेटा में बीएमसी के गर्ल्स हॉस्टल से खदीजा बलूच को जबरन उठा लिया और किसी अज्ञात जगह पर ले गए। उनके गायब होने के बाद से अब तक उनके परिवार या दोस्तों को उनकी हालत या लोकेशन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
बीवाईसी ने कहा, “यह विरोध प्रदर्शन जबरन गायब किए जाने की घटनाओं को खत्म करने और राज्य को उसके मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार ठहराने की मांग है। साथ ही खदीजा बलूच की तुरंत और सुरक्षित रिहाई की भी मांग है।”
कमेटी ने यह भी कहा कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। पाकिस्तानी राज्य लंबे समय से बलूच परिवारों के खिलाफ जबरन गायब करने को सजा के तौर पर इस्तेमाल करता रहा है। इसमें छात्र, पत्नियां, बेटियां और पहले से पीड़ित लोग तक निशाना बनते हैं। खदीजा, जो पहले ही विधवा हैं, अब इसी सिस्टम की शिकार बनी हैं।
बीवाईसी ने बलूचिस्तान के लोगों से अपील की कि वे इस कथित दमन के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों।
बलूच महिला फोरम (बीडब्ल्यूएफ) ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी छात्रा को शैक्षणिक संस्थान के अंदर से उठाया जाना “मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन” है और यह दिखाता है कि अब पढ़ाई की जगहें भी खासकर महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं रह गई हैं।
बीडब्ल्यूएफ ने कहा, “यह घटना एक डरावनी सच्चाई को सामने लाती है कि अब शैक्षणिक संस्थान भी सुरक्षित नहीं हैं। हॉस्टल के अंदर से एक छात्रा का उठाया जाना कोई छोटी बात नहीं है, बल्कि यह उस माहौल को दिखाता है जिसमें बलूच महिला छात्राएं डर और असुरक्षा के बीच पढ़ाई कर रही हैं।”
फोरम ने छात्रों के इस विरोध का समर्थन करते हुए चेतावनी दी कि अगर इस मामले में चुप्पी, देरी या लापरवाही जारी रही, तो लोगों का गुस्सा और बढ़ेगा और कानून और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठेंगे।
बीडब्ल्यूएफ ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक संस्थाओं से अपील की कि वे इस मामले पर तुरंत ध्यान दें, चुप्पी तोड़ें और न्याय, जवाबदेही और बलूच महिला छात्रों की सुरक्षा के लिए दबाव बनाएं।
--आईएएनएस
एवाई/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
गुजरात के मुख्यमंत्री ने राज्य के बजट में 4 लाख करोड़ रुपए की वृद्धि का जिक्र किया
बोटाद, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बुधवार को बोटाद जिले में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गुजरात का राज्य बजट कांग्रेस शासन के दौरान 30,000 करोड़ रुपए से बढ़कर वर्तमान में 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।
आगामी स्थानीय स्वशासन चुनावों के संबंध में आयोजित विकास संकल्प सभा को संबोधित करते हुए पटेल ने राज्य के बजट में इस वृद्धि को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लगातार सरकारों के दौरान आर्थिक विकास के व्यापक विश्लेषण का हिस्सा बताया।
उन्होंने कहा कि भाजपा शासन से पहले गुजरात में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की संख्या 1.81 लाख थी, जो वर्तमान में बढ़कर 27 लाख से अधिक हो गई है।
औद्योगिक विकास का जिक्र करते हुए पटेल ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन ने गुजरात को देश का विकास इंजन और रोजगार का प्रमुख प्रदाता बनने में योगदान दिया है।
उन्होंने सभा को बताया कि राज्य की आर्थिक प्रगति विकास पर केंद्रित निरंतर नीतिगत प्रयासों का प्रतिबिंब है।
मुख्यमंत्री ने राजनीतिक विमर्श में आए बदलावों के बारे में भी बात की और कहा कि पहले के चुनावों में जाति और धर्म के आधार पर विभाजन देखने को मिलता था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को इससे मुक्त कराया है और विकासोन्मुखी राजनीति की शुरुआत की है। विपक्षी दलों के विपरीत, जो केवल चुनाव के दौरान ही दिखाई देते हैं, भाजपा कार्यकर्ता पूरे वर्ष जनता से जुड़े रहते हैं।
कल्याणकारी उपायों पर प्रकाश डालते हुए पटेल ने आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख किया और बताया कि आयुष्मान कार्ड के माध्यम से 10 लाख रुपए तक का इलाज निःशुल्क उपलब्ध है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर वित्तीय बोझ कम हुआ है और 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिक अब बिना किसी आय सीमा के इस योजना के अंतर्गत आते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत छोटे विक्रेता और स्ट्रीट हॉकर बिना गिरवी रखे ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इससे कई लाभार्थियों को उच्च ब्याज दर वाले ऋण के दुष्चक्र से बाहर निकलने में मदद मिली है।
--आईएएनएस
एमएस/
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