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CUET PG 2026 पर नई अपडेट, रिजल्ट की तारीख घोषित, ऐसे करें चेक, जानें एडमिशन प्रोसेस

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सीयूईटी पीजी 2026 रिजल्ट (CUET PG 2026 Result) की तारीख घोषित कर दी है। इससे संबंधित एक पोस्ट एनटीए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “X” पर साझा किया है। जिसके मुताबिक परिणाम 24 अप्रैल 2026 को शाम 5 बजे तक घोषित किए जाएंगे। एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करके इसे डाउनलोड कर पाएंगे। अपडेट के लिए नियमित तौर पर आधिकारिक वेबसाइट https://exams.nta.nic.in/cuet-pg/ विजिट करते रहने की सलाह दी जाती है।

157 विषयों के लिए सीयूईटी पीजी परीक्षा का आयोजन देशभर के विभिन्न शहरों में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में 6 से लेकर 30 मार्च के बीच आयोजित किया गया था। 11 अप्रैल को उत्तर कुंजी जारी की गई थी। इस पर 14 अप्रैल 2026 तक इस पर आपत्ति दर्ज करने का मौका मिला था। फाइनल आंसर-की रिजल्ट से पहले या रिजल्ट के दिन ही जारी हो सकती है।

ऐसे चेक करें रिजल्ट 

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. होम पेज पर कैंडिडेट एक्टिविटी के सेक्शन में सीयूईटी पीजी 2026 रिजल्ट के लिंक पर क्लिक करें।
  3. स्क्रीन पर लॉगिन पेज खुलेगा। यहां एप्लीकेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करें।
  4. जिसके बाद स्कोर कार्ड नजर आएगा। इसे अच्छे से चेक करें। फिर डाउनलोड और सेव कर लें।
  5. भविष्य के संदर्भ में उम्मीदवार इसका प्रिंटआउट निकाल कर अपने पास रख सकते हैं।

कब तक वैध होगा परिणाम?

सीयूईटी पीजी स्कोर केवल शैक्षणिक सत्र 2026 -27 के लिए वैध होगा। यूनिवर्सिटी और संस्थाओं को उम्मीदवारों का स्कोर और डाटा शेयर किया जाएगा। सभी टेस्ट पेपर्स के मल्टीपल चॉइस वाले सवालों का इवैल्यूएशन फाइनल आंसर-की का इस्तेमाल करके किया जाएगा। मल्टीपल शिफ्ट पेपर के लिए अलग-अलग शिफ्ट या सेश में उम्मीदवारों को प्राप्त असली अंकों को एनटीए स्कोर में बदल जाएगा। अभ्यर्थी को स्कोर कार्ड डिस्पैच नहीं किया जाएगा। उन्हें रिजल्ट की डिजिटल कॉपी को ही सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा रिजल्ट पर पुनर्मूल्यांकन की सुविधा भी नहीं मिलेगी।

एडमिशन प्रोसेस जानें 

सिलेक्शन प्रोसेस में एनटीए का कोई योगदान नहीं होगा। सीयूईटी पीजी परिणाम घोषित के बाद  एडमिशन या काउंसलिंग प्रक्रिया अलग-अलग प्रोग्राम के लिए यूनिवर्सिटी अपने स्तर पर ही हैंडल करेंगी। मेरिट लिस्ट के आधार पर अलग-अलग मानदंडों हिसाब से कोर्स में दाखिला मिलेगा। छात्रों को अपने पसंदीदा कॉलेज की वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करना होगा।

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Delhi High Court में Kejriwal पर लगा कोर्ट कार्यवाही रिकॉर्डिंग का आरोप, अब नई बेंच करेगी PIL की सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस तेजस करिया ने बुधवार को एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। इस याचिका में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, AAP के कई अन्य नेताओं और पत्रकार से यूट्यूबर बने रवीश कुमार पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने कथित तौर पर कोर्ट की कार्यवाही को बिना अनुमति के रिकॉर्ड किया और उसे फैलाया। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय की अध्यक्षता वाली डिवीज़न बेंच ने कहा, "इस मामले की सुनवाई यह बेंच नहीं करेगी। इसे कल ऐसी बेंच के सामने लिस्ट किया जाए, जिसका सदस्य हममें से कोई एक (जस्टिस करिया) न हो। एक दिन पहले, दिल्ली हाई कोर्ट के वकील विशाल सिंह ने केजरीवाल और कई अन्य लोगों के खिलाफ एक याचिका दायर की, जिसमें उन पर कथित तौर पर 'साज़िश रचने' का आरोप लगाया गया है। यह साज़िश भारत की जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से रची गई थी, ताकि लोगों में यह धारणा बने कि 13 अप्रैल को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच के समक्ष हुई एक सुनवाई के मामले में न्यायपालिका को कुछ राजनीतिक दलों और केंद्र सरकार द्वारा प्रभावित किया जा रहा है।

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अपनी याचिका में सिंह ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) बनाने की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया से उन वीडियो को हटाने की भी मांग की और आरोप लगाया कि केजरीवाल ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन वीडियो को फैलाकर न्यायपालिका की छवि खराब की है। इस याचिका पर सुनवाई मूल रूप से आज होनी थी। हालांकि, जस्टिस करिया के खुद को सुनवाई से अलग कर लेने के बाद, अब इस पर सुनवाई कल होगी। जस्टिस डीके उपाध्याय यह तय करेंगे कि इस पीआईएल की सुनवाई कौन सी बेंच करेगी।

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13 अप्रैल को क्या हुआ था?

13 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े सीबीआई मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खुद को सुनवाई से अलग करने की मांग करते हुए न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठाया था। इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से संवेदनशील बताते हुए, उन्होंने पक्षपात की उचित आशंका का हवाला दिया और इस बात की ओर इशारा किया कि जज ने कथित तौर पर अधिवक्ता परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था; यह वकीलों का एक संगठन है जो RSS से जुड़ा हुआ है।

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