एमएस धोनी को विकेटकीपिंग करते देखना सीएसके के लिए अच्छा संकेत: आदित्य तारे
नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। आईपीएल 2026 में गुरुवार को लीग की दो सबसे सफल टीमें मुंबई इंडियंस (एमआई) और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) आमने-सामने होंगी। मुकाबला मुंबई के घरेलू मैदान वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच में सीएसके की तरफ से पूर्व कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज एमएस धोनी खेलेंगे या नहीं, चर्चा का विषय बना हुआ है।
लेंसकार्ट विवाद में पंडित धीरेंद्र शास्त्री की एंट्री, कंपनी की HR पॉलिसी पर कही ये बात
देश में इन दिनों लेंसकार्ट कंपनी सुर्खियों में छाई हुई है, वजह है- उनकी एचआर पॉलिसी. इन दिनों देश भर में कंपनी का खूब विरोध हो रहा है. अब इस मामले में बागेश्वरधाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री की भी एंट्री हो गई है. उन्होंने लेंसकार्ट कंपनी को चेतावनी दी है. दरअसल, पंडित शास्त्री 21 से 23 अप्रैल तक प्रयागराज में हनुमंत कथा कर रहे हैं.
जानें क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री
धीरेंद्र शास्त्री ने कथा के पहले दिन यानी मंगलवार को कंपनी के विवाद पर बात की, उन्होंने कहा कि एक कंपनी है लेंसकार्ट नाम की. उसने अपनी कंपनी के वर्करों को कहा है कि हमारे यहां कोई तिलक लगाकर नहीं आ सकता है. कोई मंगलसूत्र नहीं पहन सकता, सिंदूर नहीं लगा सकता है. अरे भाई तुम अपनी कंपनी लाहौर में खोल लो. भारत में क्या कर रहे हो. किसी को तुम अपनी कंपनी में कैसे रोक सकते हो. ये हमारे बाप का भारत है. जिस भी व्यक्ति को तिलक से, वंदन से, चंदन से, श्याम से, राम से, हनुमान से, बाबा बागेश्वर से तो वह पतली गली से लाहौर खिसक ले.
आज मंगलसूत्र पर उंगली उठाई, कल सनातन पर उठाएंगे
धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी कंथा में आगे कहा कि हम इसलिए हिंदुओं से एक बात हैं कि आज उन्होंने तुम्हारे मंगलसूत्र पर उंगली उठाई है, तिलक पर उंगली उठाई है, कल तुम्हारी बिरादरी पर उंगली उठाएंगे फिर तुम्हारे सनातन धर्म पर उंगली उठाएंगे, तुम्हारे बच्चों पर भी उंगली उठाएंगे. हम लोग अगर एकजुट नहीं होते हैं तो वह कल हमारी गीता और रामायण पर उंगलियां उठाएंगे. इस वजह से हम सबको संगम से एक बात सीखनी होगी. जैसे संगम में तीन नदियां आकर मिलती है और महासंगम बनाती हैं, वैसे ही हम सबको अपनी जातियों को छोड़ना होगा और हिंदू होकर एकता का परिचय देना होगा.
तिलक-कलावा पर बैन और हिजाब-पगड़ी को अनुमति
दरअसल, लेंसकार्ट का पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित पॉलिसी डॉक्युमेंट्स से शुरू हुआ. इस डॉक्युमेंट में दावा किया गया था कि कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से रोका गया है. वहीं, हिजाब, पगड़ी को अनुमति दे दी गई है. इस भेदभाव की वजह से विवाद सोशल मीडिया पर बढ़ गया. सोशल मीडिया एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने एक्स पर स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें उन्होंने कंपनी से सवाल किया कि अगर हिजाब की अनुमति है तो बिंदी और कलावा पर क्यों रोक है.
ये खबर भी पढ़े- लेंसकार्ट में ड्रेस कोड को लेकर विवाद, कंपनी ने मांगी माफी
कंपनी के सीईओ पीयूष बंसल को देनी पड़ी सफाई
विवाद बढ़ने पर खुद कंपनी के सीईओ पीयूष बंसल को बीच-बचाव के लिए उतरना पड़ा. उन्होंने कहा कि लेंसकार्ट हर एक धर्मों का सम्मान करता है. कर्मचारियों को अपने धार्मिक प्रतीक पहनने की पूरी आजादी है. हालांकि, विरोध में बैठे संगठनों ने इसे सही जवाब नहीं माना और आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया.
I have listened to your concerns and I understand your sentiment around this. I want to add more context to my earlier post.
— Peyush Bansal (@peyushbansal) April 16, 2026
The document currently circulating is an outdated internal training document. It is not an HR policy.
That said, it contained an incorrect line about…
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