ट्रंप ने 8 महिलाओं की रिहाई का उठाया मुद्दा, ईरान से बोले- 'प्लीज इन्हें नुकसान न पहुंचाएं'
वाशिंगटन, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ट्रुथ सोशल पर कई पोस्ट किए, इनमें से एक ईरान को रोज दी जा रही धमकी से कुछ अलग है। इसमें आठ महिलाओं की तस्वीरें हैं जिन्हें वायरल पोस्ट्स के अनुसार तेहरान सजा देने वाला है। ट्रंप ने एक पोस्ट साझा करते हुए अपील की कि इन्हें रिहा कर दिया जाए और ये भी कि वार्ता का ये सटीक आगाज होगा।
ट्रंप ने लिखा- ईरान के नेताओं से, जो जल्द ही मेरे प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने वाले हैं: अगर आप इन महिलाओं को रिहा कर दें, तो मुझे बहुत खुशी होगी। मुझे यकीन है कि आप ऐसा करेंगे। अगर ऐसा करेंगे तो उनकी नजरों में आपका सम्मान बढ़ जाएगा। कृपया उन्हें कोई नुकसान न पहुंचाएं! यह हमारी बातचीत की एक बेहतरीन शुरुआत होगी!!!
जिस वायरल पोस्ट को शेयर किया गया है उसमें आठ युवतियों की तस्वीर हैं। इसमें बीता हेम्मती, गजल गलंदरी, गोलनाज नराघी, वीनस हुसैन नेजाद, पनाह मोवाहेदी, एंसियेह नेजाती, महबूबेह शबानी और डायना ताहेर अबादी शामिल हैं।
माना जाता है कि हेम्मती ईरान की पहली महिला प्रदर्शनकारी (जनवरी विद्रोह) हैं जिनकी मौत का फरमान सुनाया गया है। न्यूयॉर्क स्थित एक यहूदी मानवाधिकार गैर-लाभकारी संगठन, लॉफेयर प्रोजेक्ट, ने इसकी जानकारी दी।
ईरान के नेशनल काउंसिल ऑफ रेजिस्टेंस के अनुसार, उन पर तेहरान में ईरानी शासन के खिलाफ जनवरी में हुए विद्रोह को भड़काने का आरोप है।
द टेलीग्राफ के अनुसार, हुसैन नेजाद को ईरानी सुरक्षा बलों ने उनके कार्यस्थलों से उठा लिया था। उन पर भी विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने का आरोप लगाया गया।
फेमेना मानवाधिकार समूह के अनुसार, नराघी तेहरान के एक अस्पताल में 37 वर्षीय इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ हैं, और उन्हें जनवरी में सुरक्षा बलों ने अपने कब्जे में लिया। हेंगाव मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, शबानी पर घायल प्रदर्शनकारियों की मदद करने का आरोप है और उन्हें फरवरी में गिरफ्तार किया गया था।
सोशल मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नेजाती को जनवरी में हिरासत में लिया गया था और वह 5 साल के एक बच्चे की मां हैं। वहीं इन आठ में से दो नाबालिग बताई जा रही हैं।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
आरबीआई ने ई-मैंडेट नियमों को किया सख्त; अब 15,000 रुपए से ज्यादा ऑटो-डेबिट ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन जरूरी
मुंबई, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को डिजिटल पेमेंट में ई-मैंडेट के लिए नए और सख्त नियम जारी किए हैं। अब ऑटो-डेबिट जैसे बार-बार होने वाले पेमेंट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन (एडिशनल फैक्टर ऑफ ऑथेंटिकेशन-एएफए) जरूरी होगा।
ये नए नियम सभी पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर्स और उन संस्थाओं पर लागू होंगे जो कार्ड, प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट और यूपीआई के जरिए ऑटो-डेबिट पेमेंट संभालते हैं। इसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के ट्रांजैक्शन शामिल हैं। ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
नए नियमों के तहत, जो ग्राहक ई-मैंडेट सुविधा लेना चाहते हैं, उन्हें एक बार रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आरबीआई के अनुसार, मैंडेट तभी एक्टिव होगा जब सामान्य वेरिफिकेशन के अलावा अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन सफलतापूर्वक पूरा होगा।
केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी ई-मैंडेट के तहत पहला ट्रांजैक्शन अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन के साथ ही पूरा होगा।
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए आरबीआई ने कहा है कि 15,000 रुपए से ज्यादा के हर ऑटो-डेबिट ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा।
इसके अलावा, 1 लाख रुपए से ज्यादा के बड़े पेमेंट, जैसे इंश्योरेंस प्रीमियम, म्यूचुअल फंड निवेश और क्रेडिट कार्ड बिल, के लिए भी अतिरिक्त वेरिफिकेशन जरूरी होगा।
इस नए सिस्टम में ग्राहकों को लचीलापन भी दिया गया है। वे तय सीमा के अंदर फिक्स्ड या बदलने वाली (वेरिएबल) राशि के लिए ई-मैंडेट सेट कर सकते हैं।
अगर राशि बदलने वाली है, तो ग्राहक उसके लिए अधिकतम लिमिट भी तय कर सकते हैं।
किसी भी मौजूदा मैंडेट में बदलाव करने पर फिर से ऑथेंटिकेशन करना होगा।
हर ई-मैंडेट की एक तय वैधता अवधि होगी और ग्राहक कभी भी इसे बदल या रद्द कर सकते हैं।
आरबीआई ने निर्देश दिया है कि रजिस्ट्रेशन के समय इन सभी सुविधाओं की जानकारी ग्राहकों को साफ-साफ दी जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
सबसे अहम बात यह है कि ई-मैंडेट सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
साथ ही आरबीआई ने कहा है कि ई-मैंडेट के तहत होने वाले पेमेंट पर ग्राहकों द्वारा अलग से कोई अतिरिक्त सीमा या नियंत्रण लागू नहीं होगा, बल्कि यह तय नियमों के अनुसार ही काम करेगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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