‘चलने का अंदाज ठीक नहीं था...’, Air India पायलट पर यात्री ने लगाया नशे में होने का शक
4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट अचानक करीब 300 फीट नीचे आ जाने से यात्रियों की सांसें थम गईं। हालांकि, विमान कुछ देर बाद सामान्य हो गया, लेकिन घटना के बाद पायलट का व्यवहार यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
Sawan Somwar: सावन के दूसरे सोमवार पर बन रहा प्रदोष का संयोग, शिव रुद्राष्टकम पाठ से मिलेगा विशेष लाभ; जानें सही विधि
Sawan Somwar: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। इस पूरे महीने शिव भक्त अलग-अलग तरीके से भोलेनाथ की पूजा करते हैं। खासकर सावन के सोमवार को शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है। मान्यता है कि सोमवार के दिन भगवान शिव का व्रत और पूजन करने से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और जीवन में चल रही परेशानियों से राहत मिलती है। इस बार सावन का दूसरा सोमवार और भी खास माना जा रहा है, क्योंकि इसी दिन प्रदोष व्रत का संयोग भी बन रहा है। सोमवार और प्रदोष दोनों ही भगवान शिव को समर्पित माने जाते हैं। ऐसे में शिव आराधना का महत्व और बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शिव रुद्राष्टकम का श्रद्धापूर्वक पाठ करना शुभ माना जाता है।
शिव रुद्राष्टकम पाठ क्यों माना जाता है खास?
रुद्राष्टकम भगवान शिव की स्तुति में रचा गया एक प्रसिद्ध स्तोत्र है। इसमें भगवान शिव के स्वरूप और उनके गुणों का वर्णन करते हुए उनकी आराधना की जाती है। मान्यता है कि सावन में नियमित रूप से शिव स्तुति करने से मन को शांति मिलती है और भक्त का ध्यान सकारात्मक दिशा में जाता है। कई धार्मिक मान्यताओं में रुद्राष्टकम के पाठ को कार्यक्षेत्र से जुड़ी परेशानियों और मानसिक तनाव से राहत पाने के लिए भी उपयोगी बताया गया है। श्रद्धालु इसे विशेष रूप से सावन सोमवार और प्रदोष के अवसर पर पढ़ते हैं। हालांकि इसके फल को आस्था और धार्मिक विश्वास के रूप में ही देखना चाहिए।
सावन सोमवार पर कैसे करें रुद्राष्टकम का पाठ?
अगर आप सावन सोमवार के दिन रुद्राष्टकम का पाठ करना चाहते हैं तो सुबह स्नान करके पूजा के लिए तैयार हो जाएं। इसके बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर भगवान शिव का ध्यान करें। पूजा स्थल को साफ करके शिवलिंग या भगवान शिव की प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं। इसके बाद श्रद्धा के अनुसार भगवान शिव का जलाभिषेक करें। जलाभिषेक के लिए स्वच्छ जल का इस्तेमाल किया जा सकता है। पूजा के दौरान बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करने की परंपरा भी है। जलाभिषेक और पूजा पूरी करने के बाद शांत स्थान पर बैठकर रुद्राष्टकम का पाठ करें। पाठ के दौरान मन को एकाग्र रखने और जल्दबाजी न करने का प्रयास करें। पाठ पूरा होने के बाद भगवान शिव से अपनी मनोकामना और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना कर सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
सावन सोमवार के दिन पूजा से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। धार्मिक परंपराओं में सफेद, पीले, हरे या नारंगी जैसे सात्विक रंगों के वस्त्र पहनने की सलाह दी जाती है। पूजा के दौरान मन को शांत रखें और शिव मंत्र या स्तुति का श्रद्धापूर्वक जाप करें। यदि संभव हो तो मंदिर जाकर शिवलिंग के दर्शन और जलाभिषेक करें। घर पर पूजा करते समय भी पूजा स्थान की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूजा-पाठ श्रद्धा और नियमपूर्वक किया जाए। धार्मिक अनुष्ठानों को किसी निश्चित सांसारिक परिणाम की गारंटी के रूप में नहीं, बल्कि आस्था, सकारात्मकता और आध्यात्मिक साधना के रूप में देखना चाहिए।
करियर और कारोबार के लिए क्यों खास माना जाता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव की उपासना से व्यक्ति को मानसिक मजबूती और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। यही वजह है कि सावन सोमवार पर कई लोग अपने करियर, कारोबार और आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए शिव आराधना करते हैं। रुद्राष्टकम का पाठ करते समय मन को एकाग्र रखने से तनाव कम करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिल सकती है। कारोबार या नौकरी से जुड़ी किसी परेशानी के बीच यह साधना व्यक्ति को शांत होकर आगे की योजना बनाने की प्रेरणा दे सकती है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हरिभूमि.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Moneycontrol
Haribhoomi








