Bade Miyan Kidhar Chale: मेटियाबुरूज में मुस्लिम वोट बैंक पर टिकी जीत की कुंजी, TMC के सामने BJP और Congress बने दिक्कत
Bade Miyan Kidhar Chale: पश्चिम बंगाल की मेटियाबुरूज विधानसभा सीट राज्य की सबसे ज्यादा मुस्लिम बहुल सीटों में से एक है, जहां 29 अप्रैल को मतदान होना है. यहां करीब 70 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है, इसलिए चुनावी नतीजों में इस समुदाय की भूमिका बेहद अहम रहती है. 2011 से लेकर 2021 तक इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का दबदबा रहा है और हर बार पार्टी ने जीत हासिल की है. आपको बता दें कि मेटियाबुरूज को ‘मिनी लखनऊ’ के नाम से भी जाना जाता है. यहां सिब्तैनाबाद इमामबाड़ा स्थित है, जो नवाब वाजिद अली शाह का मकबरा है. उन्होंने अपने जीवन के आखिरी 31 साल यहीं बिताए थे. यह इलाका हुगली नदी के किनारे बसा है और अपनी संस्कृति व इतिहास के लिए जाना जाता है.
स्थानीय मुद्दे और उद्योग
यहां गारमेंट इंडस्ट्री, टेलरिंग और होलसेल कपड़ों का बड़ा कारोबार है, जो स्थानीय लोगों की आजीविका का प्रमुख साधन है. वहीं इस चुनाव में एसआईआर प्रक्रिया, महिला आरक्षण, भ्रष्टाचार और घुसपैठ जैसे मुद्दे चर्चा में हैं. खास बात यह है कि एसआईआर के दौरान करीब 70 हजार वोट हटाए गए, जिनमें से केवल 10 हजार ही बहाल हो पाए हैं, जिससे लोगों में नाराजगी है.
तीन प्रमुख पार्टियों के बीच मुकाबला
इस बार चुनाव में टीएमसी ने अपने मौजूदा विधायक अब्दुल खालिक मोल्ला को फिर से उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी ने युवा नेता वीर बहादुर सिंह को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने मोहम्मद मुख्तार पर भरोसा जताया है.
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किसके पक्ष में जाएगा वोट?
2021 के चुनाव में टीएमसी ने बीजेपी को 1.19 लाख वोटों से हराया था, लेकिन इस बार मुकाबला कड़ा माना जा रहा है. कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवार के मैदान में होने से वोटों का बंटवारा संभव है. बीजेपी का दावा है कि इस बार जनता बदलाव चाहती है, जबकि टीएमसी को भरोसा है कि 70 प्रतिशत से ज्यादा लोग उनके साथ हैं. अब असली फैसला जनता के वोट से ही होगा कि इस बार मेटियाबुरूज में किसकी जीत होती है.
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LIC Bima Sakhi Yojana: घर बैठे महिलाएं कमाएं लाखों, LIC की इस नई स्कीम में स्टाइपेंड और कमीशन की भरमार
LIC Bima Sakhi Yojana: भारत सरकार देश की महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं ला रही है. महिलाओं के उत्थान की इसी दिशा में दिसंबर 2024 में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, जिसका नाम है एलआईसी बीमा सखी योजना. यह योजना खास तौर पर उन महिलाओं के लिए तैयार की गई है जो अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हैं और समाज में एक नई पहचान बनाना चाहती हैं.
कितनी फायदेमंद है ये स्कीम
लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया यानी एलआईसी की इस स्कीम के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की कोशिश की जा रही है. अगर आप भी एक ऐसी महिला हैं जो घर के कामकाज के साथ अपनी कमाई करना चाहती हैं, तो यह योजना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है.
क्या है एलआईसी बीमा सखी योजना?
बीमा सखी योजना असल में एक कौशल विकास और रोजगार पैदा करने वाला कार्यक्रम है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और छोटे कस्बों की महिलाओं को प्रशिक्षित करके उन्हें कुशल बीमा एजेंट बनाना है. अक्सर देखा गया है कि ग्रामीण इलाकों में बीमा की पहुंच कम होती है और लोग इसे समझने में हिचकिचाते हैं. ऐसे में वहां की स्थानीय महिलाएं, जिन्हें बीमा सखी के रूप में तैयार किया जाता है, लोगों को बीमा के फायदे बेहतर तरीके से समझा सकती हैं. इस योजना के तहत महिलाओं को तीन साल की लंबी ट्रेनिंग दी जाती है. इस ट्रेनिंग के दौरान उन्हें केवल किताबी ज्ञान नहीं दिया जाता, बल्कि फील्ड में काम करने के तरीके और बीमा की बारीकियां भी सिखाई जाती हैं.
कमाई का बेहतरीन मौका और स्टाइपेंड
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ट्रेनिंग के दौरान ही महिलाओं को पैसा मिलना शुरू हो जाता है. सरकार और एलआईसी ने यह तय किया है कि ट्रेनिंग लेने वाली हर महिला को तीन साल तक मासिक स्टाइपेंड दिया जाएगा. पहले साल में महिला को हर महीने 7 हजार रुपये दिए जाते हैं, यानी साल भर में वह 84 हजार रुपये कमा लेती है. दूसरे साल में यह राशि 6 हजार रुपये प्रति माह होती है और तीसरे साल में 5 हजार रुपये प्रति माह स्टाइपेंड मिलता है.
तीन साल की अवधि में कितनी कमाई?
तीन साल की इस अवधि में एक महिला को कुल मिलाकर 2 लाख रुपये से भी ज्यादा की सीधी आर्थिक सहायता मिल जाती है. इसके अलावा, अगर महिला पॉलिसी बेचती है, तो उसे मिलने वाला कमीशन अलग होता है. पहले साल में ही कमीशन के जरिए 48 हजार रुपये तक की अतिरिक्त कमाई की जा सकती है.
आवेदन करने का आसान तरीका
एलआईसी बीमा सखी योजना के लिए आवेदन करना बहुत ही सरल है और इसे घर बैठे ऑनलाइन पूरा किया जा सकता है. सबसे पहले आपको एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. वेबसाइट को इस तरह से बनाया गया है कि कम पढ़ी-लिखी महिलाएं भी इसे आसानी से समझ सकें.
ऐसे पूरा होगा रजिस्ट्रेशन
वेबसाइट खोलते ही आपको भाषा चुनने का विकल्प मिलता है, जहां आप अपनी पसंद के अनुसार हिंदी या अंग्रेजी चुन सकती हैं. इसके बाद आपको एलआईसी स्कीम्स वाले सेक्शन में जाकर बीमा सखी स्कीम का पेज खोजना होगा. इस पेज के सबसे नीचे आपको बीमा सखी के लिए यहां क्लिक करें का विकल्प दिखाई देगा. इस पर क्लिक करते ही एक नया फॉर्म खुलेगा, जिसमें मांगी गई जानकारी भरकर आप अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकती हैं.
आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम
यह योजना केवल पैसे कमाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक जरिया भी है. जब एक महिला आर्थिक रूप से स्वतंत्र होती है, तो उसका पूरा परिवार सशक्त बनता है. इस योजना के जरिए महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक मदद कर पा रही हैं, बल्कि समाज में बीमा के प्रति जागरूकता भी फैला रही हैं.
बदल रही ग्रामीण भारत की तस्वीर
सरकार की इस पहल से ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल रही है. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ये महिलाएं एक प्रोफेशनल बीमा सलाहकार के रूप में अपना करियर जारी रख सकती हैं और भविष्य में अपनी कमाई को और भी बढ़ा सकती हैं. अगर आप भी आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं, तो इस योजना का लाभ जरूर उठाएं.
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