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69 साल के बुजुर्ग का लग्जरी अंदाज, शॉपिंग के लिए हेलिकॉप्टर से पहुंचा स्टोर, वजह जान छूट गई लोगों की हंसी!

अमेरिका के 69 साल के एक शख्स ने कार की बजाय हेलीकॉप्टर से सीधे शॉपिंग स्टोर पहुंचकर सभी को हैरान कर दिया. जब लोगों ने उनसे पूछा कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया, तो उनका जवाब सुनकर हर कोई हंसने लगा.

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टीम इंडिया का नया रूल-10 मिनट में 2km दौड़ना जरूरी:1200 मीटर की दौड़ 5.20 मिनट में पूरी करनी होगी; फिटनेस लेवल सुधारने की पहल

भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के लिए फिटनेस टेस्ट पास करना अब पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर टीम के खराब प्रदर्शन के बाद BCCI ने फिटनेस पैरमीटर्स को ज्यादा चैलेंजिंग बनाने का फैसला किया है। भारतीय खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस साबित करने के लिए दो तरह के टेस्ट से गुजरना होता है। इनमें एक ब्रोंको टेस्ट और दूसरा 2 किलोमीटर की दौड़ है। ब्रोंको टेस्ट के लिए पहले 6 मिनट का समय मिलता था। अब इसे 5 मिनट 15 सेकेंड से लेकर 5 मिनट 20 सेकेंड में पूरा करना होगा। इसके ठीक बाद 2 किलोमीटर की दौड़ 9 से 10 मिनट में पूरी करनी होगी। अब फिटनेस टेस्ट पास करना कठिन क्यों ब्रोंको टेस्ट में पांच सेट होते हैं। हर सेट में खिलाड़ियों को 20 मीटर अप-डाउन, 40 मीटर अप-डाउन और 60 मीटर अप-डाउन की दौड़ लगानी होती है। यानी एक सेट में कुल 240 मीटर दौड़ना होता है। पूरे टेस्ट में इस तरह के पांच सेट लगाने होते हैं। सेट के बीच कोई ब्रेक नहीं होता। पहले पूरे टेस्ट के लिए 6 मिनट का समय था। अब इसमें 40 सेकेंड तक की कमी की गई है। ब्रोंको टेस्ट के अलावा खिलाड़ियों को 2 किलोमीटर की रनिंग भी करनी होती है। पहले यह स्टैंड अलोन टेस्ट था। यानी इसे ब्रोंको के साथ नहीं लिया जाता था। पुराने नियम के तहत फास्ट बॉलर्स को 8 मिनट 15 सेकेंड में 2 किलोमीटर दौड़ना होता था। बाकी खिलाड़ियों के लिए 8 मिनट 30 सेकेंड का समय निर्धारित था। अब 2 किलोमीटर की रनिंग ब्रोंको टेस्ट के ठीक बाद करनी होगी। समय में कुछ रियायत दी गई है। खिलाड़ी 2 किलोमीटर की दौड़ 9 से 10 मिनट में पूरी कर सकते हैं। दोनों टेस्ट बैक टु बैक होंगे, लिहाजा खिलाड़ियों के लिए यह पहले से ज्यादा चैलेंजिंग है। ब्रोंको टेस्ट क्यो, अनफिट हर्षित-नीतीश को क्लियरेंस मिली थी बार-बार इंजरी पर फिजियो से जवाब-तलब खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने और इंग्लैंड के अनुकूल मौसम में भी मांसपेशियों में खिंचाव यानी क्रैम्प्स की शिकायतों के बाद BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया और टीम मैनेजमेंट ने टीम के फिजियो कमलेश जैन से जवाब-तलब किया है। उन्हें साफ कहा गया है कि किसी भी खिलाड़ी के कद या स्टार स्टेटस की परवाह किए बिना फिटनेस में कमी दिखे तो उसकी तुरंत जानकारी दें। मैनेजमेंट का मानना है कि कई खिलाड़ियों की मैदान पर मोबिलिटी घटी है और लंबे समय तक बल्लेबाजी के दौरान सीनियर बल्लेबाजों को दौड़कर रन लेने में परेशानी हो रही है। बुमराह श्रीलंका टेस्ट सीरीज से बाहर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) और टीम मैनेजमेंट के बीच तालमेल की कमी भी सामने आई है। बुमराह को 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज के पहले मैच तक फिट करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन CoE ऐसा नहीं कर सका। वहीं सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों को नए फिटनेस पैरामीटर्स की जानकारी भी देर से मिली। मोहम्मद सिराज जब श्रीलंका दौरे से पहले CoE पहुंचे तो अचानक ब्रोंको और 2K टेस्ट कराए जाने से हैरान रह गए। अब गैर-टेस्ट खिलाड़ियों को भी इन्हीं नए मानकों के अनुसार तैयारी करने के लिए कहा गया है। ओवर-ट्रेनिंग से बढ़ रहा बर्नआउट का खतरा 2023 वनडे वर्ल्ड कप, 2024 टी20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भारत का इंजरी मैनेजमेंट काफी प्रभावी रहा था। उस समय खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डाले बिना फिटनेस बनाए रखने पर जोर दिया जाता था। यो-यो टेस्ट भी छह महीने में एक बार या इंजरी से वापसी के समय ही कराया जाता था। अब CoE में खिलाड़ियों से बार-बार यो-यो, ब्रोंको और 2K टेस्ट कराए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इंजरी प्रिवेंशन पर फोकस करने के बजाय जरूरत से ज्यादा वर्कलोड देने से खिलाड़ी मानसिक और शारीरिक रूप से थक सकते हैं, जिससे चोट का खतरा भी बढ़ सकता है। ----------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… दूसरा टेस्ट: पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया:सीरीज 1-1 से बराबर; शफीक ने शतक लगाया, साजिद के 8 विकेट पाकिस्तान ने त्रिनिदाद एंड टोबैगो के पोर्ट ऑफ स्पेन में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबरी पर खत्म हुई। पहला टेस्ट वेस्टइंडीज ने 90 रन से जीता था। पूरी खबर

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  Sports

11 साल की बोधना ने रचा इतिहास, 17 साल के श्रेयस ने भी जीता ब्रिटिश खिताब

लंदन में 2026 ब्रिटिश शतरंज चैंपियनशिप में भारतीय मूल के दो युवा सितारों ने इतिहास रच दिया. 11 वर्षीय बोधना सिवानंदन ब्रिटेन की सबसे कम उम्र की महिला शतरंज चैंपियन बनीं, उन्होंने आयरलैंड की 14 वर्षीय त्रिशा कन्यमाराला को रैपिड प्लेऑफ में हराकर खिताब जीता. बोधना ने कोविड लॉकडाउन के दौरान शतरंज शुरू किया था और अब वह ब्लिट्ज, रैपिड और क्लासिकल तीनों प्रारूपों में ब्रिटिश खिताब जीत चुकी हैं. Mon, 10 Aug 2026 19:31:58 +0530

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