मूवी रिव्यू-आर्यभट्ट का जीरो:हिमांश कोहली की दमदार परफॉर्मेंस, कहानी में सादगी; लेकिन जानिए कहां हुई चूक?
हर इंसान की जिंदगी में एक वक्त ऐसा आता है, जब लोग उससे पहले हार मान लेते हैं और फिर वह खुद भी अपने आप पर भरोसा खोने लगता है। 'आर्यभट्ट का जीरो' ऐसे ही एक आम लड़के की कहानी है, जिसे दुनिया बार बार नाकाम साबित करती है। निर्देशक कमल चंद्र ने आत्मविश्वास और उम्मीद जैसे मजबूत विषय को हल्के फुल्के अंदाज में पेश करने की कोशिश की है। फिल्म दिल से बनाई गई है और उसका संदेश भी साफ है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले इसकी उड़ान को पूरी ऊंचाई तक नहीं पहुंचने देता। इसकी लेंथ 1 घंटा 54 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में से 3 स्टार रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी कैसी है? फिल्म की कहानी ब्रह्मगुप्त श्रीवास्तव उर्फ बग्गू (हिमांश कोहली) के इर्द गिर्द घूमती है। मध्यम वर्गीय परिवार का यह युवक जिंदगी में अपनी पहचान बनाना चाहता है, लेकिन लगातार मिल रही असफलताएं उसे अंदर से तोड़ देती हैं। परिवार की उम्मीदें, समाज के ताने और खुद पर से उठता भरोसा उसके संघर्ष को और मुश्किल बना देते हैं। हालात जैसे जैसे बदलते हैं, बग्गू भी खुद को बदलने की कोशिश करता है। आखिर कैसे एक ऐसा लड़का, जिसे हर कोई 'जीरो' समझता है, अपनी सबसे बड़ी ताकत खुद बनता है, यही फिल्म की कहानी है। अच्छी बात यह है कि फिल्म अपना संदेश बिना भाषण दिए सहज तरीके से कहती है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? पूरी फिल्म हिमांश कोहली के कंधों पर टिकी है और वह इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभाते हैं। रोमांटिक भूमिकाओं से अलग इस बार उन्होंने छोटे शहर के एक ऐसे युवक का किरदार निभाया है, जो बार बार टूटता है, लेकिन हार नहीं मानता। उनके चेहरे के भाव और भावनात्मक दृश्यों में ईमानदारी साफ दिखाई देती है। यह उनके करियर की बेहतर परफॉर्मेंस में से एक कही जा सकती है। बग्गू के पिता के किरदार में नीरज सूद शानदार हैं। उनका अभिनय बेहद सहज है और पिता बेटे के कई दृश्य दिल को छू जाते हैं। रवि किशन अपने चिर परिचित अंदाज में मनोरंजन का तड़का लगाते हैं और जहां भी आते हैं, ध्यान खींचते हैं। सोनाली सहगल और दर्शना बनिक अपने किरदारों के साथ न्याय करती हैं। हालांकि राजेश शर्मा, अलका अमीन और शिल्पा शिंदे जैसे अनुभवी कलाकारों को फिल्म में और बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता था। उनके किरदारों में और गहराई और स्क्रीन स्पेस की गुंजाइश साफ महसूस होती है। डायरेक्शन, तकनीकी पक्ष और कमियां निर्देशक कमल चंद्रा ने एक अच्छा विषय चुना है और कई जगह उनकी संवेदनशीलता भी नजर आती है। फिल्म छोटे शहर की दुनिया को विश्वसनीय तरीके से पेश करती है और वास्तविक लोकेशंस इसकी खूबसूरती बढ़ाती हैं। सिनेमेटोग्राफी भी कहानी के मूड के साथ अच्छी तरह चलती है। लेकिन सबसे बड़ी कमी स्क्रीनप्ले में दिखाई देती है। कहानी कई जगह भटकती है और कुछ दृश्य ऐसे लगते हैं जिन्हें आसानी से हटाया जा सकता था। उनसे न कहानी आगे बढ़ती है और न ही किरदारों में कोई खास बदलाव आता है। एडिटिंग में थोड़ी और कसावट होती तो फिल्म ज्यादा प्रभावशाली बन सकती थी। अच्छे विषय के बावजूद प्रस्तुति कई बार उतनी मजबूत नहीं लगती, जितनी हो सकती थी। म्यूजिक कैसा है? फिल्म का संगीत कहानी के साथ चलता है। गाने जब आते हैं तो अलग से बोझ नहीं लगते और कहानी का हिस्सा बनकर सामने आते हैं। हालांकि थिएटर से बाहर निकलने के बाद ऐसा कोई गीत याद नहीं रह जाता जिसे बार बार सुना जाए। बैकग्राउंड स्कोर कई भावनात्मक दृश्यों का असर जरूर बढ़ाता है। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? 'आर्यभट्ट का जीरो' एक ईमानदार कोशिश है, जो खुद पर भरोसा रखने का संदेश देती है। हिमांश कोहली का बदला हुआ अंदाज और उनका अभिनय फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। नीरज सूद और रवि किशन भी अच्छा साथ देते हैं। हालांकि ढीला स्क्रीनप्ले, कुछ अनावश्यक दृश्य और कई जगह धीमी पड़ती रफ्तार फिल्म को एक बेहतर अनुभव बनने से रोक देती है। अगर आपको छोटे शहरों की जमीन से जुड़ी, हल्की फुल्की और प्रेरणादायक कहानियां पसंद हैं, तो यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है।
प्रदीप रावत के निधन पर बेटे का खुलासा:ICU में दिया गया CPR, एक महीने पहले ब्लड कैंसर का पता चला, पहले समझा गया इन्फेक्शन
मुंबई में मंगलवार शाम दिग्गज अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में निधन हो गया। सरफरोश, लगान और गजनी जैसी फिल्मों में यादगार अभिनय करने वाले रावत के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने हिंदी, क्षेत्रीय सिनेमा और टेलीविजन में काम किया। बुधवार दोपहर मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर समेत फिल्म जगत के कई लोग शामिल हुए। दो महीने पहले रिपोर्ट थी सामान्य अभिनेता के बेटे विक्रमादित्य रावत ने अंतिम संस्कार के बाद मीडिया से बात करते हुए बताया कि परिवार को पहले लगा था कि उन्हें पेट का मामूली संक्रमण है। हालांकि, बाद में डॉक्टरों ने उन्हें ब्लड कैंसर होने की पुष्टि की। विक्रमादित्य ने बताया कि दो महीने पहले ही उनके पिता की मेडिकल रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य थी। आईसीयू में दी गई सीपीआर विक्रमादित्य ने पिता के अंतिम पलों को याद करते हुए कहा कि 4 अगस्त को उनकी प्लेटलेट्स गिरकर 3 हजार रह गई थी, जबकि यह 3 लाख से ऊपर होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वे आईसीयू के बाहर इंतजार कर रहे थे और अंदर डॉक्टर उन्हें सीपीआर दे रहे थे। यह देखकर उन्हें स्थिति का अंदाजा हो गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन है कि उनके पिता अब बेहतर जगह पर हैं और इतने लोगों को वहां देखकर वे खुश होंगे। शुरुआत में पेट का संक्रमण समझा था बेटे ने बताया कि जब वे डॉक्टर के पास गए तो उन्होंने इसे पेट का संक्रमण बताया और दवाएं दीं, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। मां के कहने पर जब ब्लड टेस्ट कराया गया तो व्हाइट ब्लड सेल काउंट बहुत ज्यादा था। इसके बाद उन्हें कोकिलाबेन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 99 फीसदी ब्लड कैंसर होने की आशंका जताई थी। अगले दिन इसकी पुष्टि हो गई। सलमान खान ने दी श्रद्धांजलि प्रदीप रावत के निधन पर फिल्म जगत के कई सितारों ने उन्हें याद किया। सलमान खान ने सोशल मीडिया पर उनके साथ एक फोटो शेयर की। उन्होंने लिखा कि उनके साथ कई अच्छे पल बिताए हैं और वे उनकी आत्मा की शांति की कामना करते हैं। एक्टर प्रदीप रावत का अंतिम संस्कार 5 अगस्त को मुंबई की बेस्ट कॉलोनी के पास गोरेगांव (पश्चिम) में किया गया। उनके बेटे विक्रमदित्य अपने पिता का शव देखकर भावुक हो गए। लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में मंगलवार शाम निधन हो गया। इसी बीच आमिर खान और रजा मुराद समेत कई सेलेब्स प्रदीप रावत के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे। सलमान खान ने प्रदीप के साथ पुरानी फोटो शेयर कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। देखें तस्वीरें- हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने बताया था कि एक्टर कैंसर से पीड़ित थे। उन्हें यह बीमारी दोबारा लौट आई थी। पिछले एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। महाभारत में अश्वत्थामा का रोल निभाया था प्रदीप रावत ने एक्टिंग करियर की शुरुआत बीआर. चोपड़ा के टीवी शो महाभारत से की थी। वे अश्वत्थामा के रोल में नजर आए थे। प्रदीप ने इसके बाद हिंदी, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में वे लगान, सरफरोश, गजनी और ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। तेलुगु फिल्म सई (Sye) से उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा और कई यादगार विलेन के किरदार निभाए। तमिल फिल्म गजनी (2005) में उनके डबल रोल को काफी पसंद किया गया। बाद में उन्होंने इसी भूमिका को हिंदी रीमेक गजनी में भी निभाया। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म पैरोडी, मलयालम फिल्म चाइना टाउन, बंगाली फिल्म हीरो 420 और भोजपुरी फिल्म क्रैक फाइटर में भी एक्टिंग की थी। आमिर खान को बहन ने डांट दिया था फिल्म लगान में देवा का किरदार पहले एक्टर मुकेश ऋषि को ऑफर हुआ था, लेकिन साउथ की कई फिल्मों में व्यस्त होने के कारण उन्होंने यह फिल्म नहीं की। इसके बाद यह रोल प्रदीप रावत को मिला था। दरअसल, फिल्म सरफरोश में प्रदीप रावत का काम देखकर आमिर खान काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने आधी रात करीब 12 बजे प्रदीप के घर के लैंडलाइन पर फोन किया। उस समय प्रदीप घर पर नहीं थे। उनकी बहन ने फोन उठाया। ‘मैं आमिर खान बोल रहा हूं’ सुनकर उन्होंने इसे प्रैंक कॉल समझा। उन्होंने डांटते हुए कहा, ‘क्यों बदमाशी कर रहे हो?’ बाद में आमिर ने लेखक उमाशंकर पाठक से बात कराई, जिन्हें परिवार पहचानता था। तब सबको यकीन हुआ कि फोन सच में आमिर खान का है। आमिर ने प्रदीप को अगले दिन ऑफिस बुलाकर फिल्म का कॉन्ट्रैक्ट साइन कराया और साइनिंग अमाउंट का चेक दिया। फिर इस तरह उन्हें फिल्म लगान में काम मिला था। प्रदीप रावत के कारण सलमान को नहीं मिली गजनी 27 मार्च 2025 को मुंबई में फिल्म सिकंदर की प्रेस मीट के दौरान सलमान से पूछा गया था कि क्या वाकई आमिर से पहले आपको गजनी मिली थी। इस पर एक्टर ने कहा था, 'मैंने भी सुना है। मैंने ये प्रदीप से सुना है। हम उसे गजनी बुलाते हैं। वो मेरे दोस्त हैं। हमने 4-5 फिल्में साथ की हैं। उसने एक बार कहा था, मुरुगदास (गजनी के डायरेक्टर) बहुत अनुशासित हैं, इतने सिंसियर हैं, सलमान कैसे काम कर लेगा उनके साथ, सलमान को गुस्सा बहुत आता है।' सलमान ने आगे कहा, 'मतलब वो मेरे साथ 5 पिक्चरें कर चुका है, उसके बाद वो ये बोलता है। उसके बाद मैं बेचारे से मिला ही नहीं। मिलेगा तो उससे पूछूंगा कि मैं कब गुस्सा हुआ तेरे से।' सोनू सूद ने प्रदीप रावत को दी श्रद्धांजलि एक्टर सोनू सूद ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर प्रदीप रावत की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर शेयर कर लिखा, ‘प्रदीप रावत भाई, आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। आप हमेशा याद आएंगे।’ प्रदीप रावत की 2 शादियां हुई थीं प्रदीप रावत की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उनकी दो शादियां हुईं। NBT की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी पहली शादी ज्यादा समय तक नहीं चली और करीब साढ़े पांच महीने में दोनों का तलाक हो गया। प्रदीप रावत ने बताया था कि पहली पत्नी ने उन पर और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए थे, हालांकि बाद में मामला खत्म हो गया। इसके बाद उनकी मुलाकात साउथ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी कल्याणी रावत से हुई। दोनों ने कुछ समय तक एक-दूसरे को डेट किया और साल 2006 में शादी कर ली। इस शादी से उनका एक बेटा है, जिसका नाम विक्रमादित्य रावत है। यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन: राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले फिल्ममेकर भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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