CJP Campaign: CJP की कोर टीम की बैठक, संस्थापक अभिजीत दीपके ने बेरोजगारी के खिलाफ देशव्यापी अभियान का किया ऐलान
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में CJP की कोर टीम की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसके बाद संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश में बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे एक देशव्यापी मुद्दा बनाने का बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में छात्रों के साथ-साथ जिस बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं ने हिस्सा लिया, उसने इस समस्या की गंभीरता को पूरी तरह उजागर कर दिया है।
दीपके के अनुसार, देश में विकराल रूप लेती बेरोजगारी अब किसी एक व्यक्ति की निजी समस्या नहीं रही, बल्कि यह पूरे राष्ट्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।
Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra: Cockroach Janta Party (CJP) founder Abhijeet Dipke announced a nationwide public outreach campaign beginning in September and urged citizens, particularly the youth, to join CJP and become part of the movement pic.twitter.com/3ez5mkqFV7
— IANS (@ians_india) August 6, 2026
#WATCH | Chhatrapati Sambhaji Nagar, Maharashtra | Cockroach Janta Party (CJP) Founder Abhijeet Dipke says, "Institutional accountability is in a dangerous situation in our country today. This is a dangerous sign for our democracy. Earlier, voters used to choose a government.… pic.twitter.com/W1kMLjWtI9
— ANI (@ANI) August 6, 2026
जंतर-मंतर के प्रदर्शन का संदेश और देशव्यापी अभियान की रूपरेखा
अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन ने यह संदेश दे दिया है कि रोजगार की मांग केवल छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग के युवा को प्रभावित कर रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए CJP ने इस मुद्दे को देश के हर राज्य और हर जिले तक पहुंचाने का फैसला किया है।
#WATCH | Chhatrapati Sambhaji Nagar, Maharashtra | On being asked if he will start a political party, Cockroach Janta Party (CJP) Founder Abhijeet Dipke says, "Our movement was successful because people rose above their own ideologies and political party lines to come together… pic.twitter.com/xQqgNBjzKk
— ANI (@ANI) August 5, 2026
इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए संगठन की ओर से विभिन्न स्थानों पर बैठकें, जनसंवाद, युवा सम्मेलन और जनजागरण अभियान चलाए जाएंगे। उनका मानना है कि जब तक इस ज्वलंत मुद्दे पर सरकार के खिलाफ व्यापक जनदबाव नहीं बनाया जाएगा, तब तक इसका ठोस समाधान निकलना बहुत कठिन होगा।
युवाओं से शांतिपूर्ण एकजुटता की अपील और नीति निर्माण में बदलाव की मांग
देश के युवाओं से आह्वान करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्हें अपने अधिकारों और रोजगार के हक के लिए शांतिपूर्ण व लोकतांत्रिक तरीके से एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण और देश के विकास में युवा रीढ़ की हड्डी समान हैं, इसलिए उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की सबसे पहली और मुख्य जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने पूरा विश्वास जताया कि यदि देश का युवा वर्ग संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करेगा, तो सरकार को विवश होकर बेरोजगारी को राष्ट्रीय नीति निर्माण के केंद्र में लाना ही होगा।
Video: जिन बेटियों को पढ़ाया-लिखाया, वही पिता की चिता तक न पहुंच सकीं; वीडियो कॉल पर दी अंतिम विदाई
हरियाणा के सोनीपत स्थित एक वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्ग शिवचरण रामरतन गुप्ता का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे निधन हो गया। उनके निधन के बाद वृद्धाश्रम प्रबंधन ने तुरंत उनकी तीनों बेटियों को सूचना दी और अंतिम संस्कार में शामिल होने का आग्रह किया।
हालांकि, नेपाल, उत्तर प्रदेश और मुंबई में रहने वाली तीनों बेटियां समय पर सोनीपत नहीं पहुंच सकीं। ऐसे में उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए अपने पिता को अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने कई लोगों को भावुक कर दिया।
पत्नी के निधन के बाद वृद्धाश्रम में अकेले रह रहे थे
जानकारी के अनुसार, शिवचरण रामरतन गुप्ता मूल रूप से मुंबई में कपड़ा कारोबार से जुड़े थे। करीब दो वर्ष पहले वह अपनी पत्नी मीना के साथ सोनीपत के एक वृद्धाश्रम में रहने आए थे। कुछ समय पहले उनकी पत्नी का भी निधन हो गया था, जिसके बाद वे वहीं अकेले रह रहे थे।
बीमारी के बाद हुई मौत
बताया जा रहा है कि लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे शिवचरण रामरतन गुप्ता ने मंगलवार तड़के अंतिम सांस ली। वृद्धाश्रम प्रबंधन ने उनके निधन की सूचना परिजनों को दी, लेकिन दूरी और समय की वजह से बेटियां अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकीं।
What’s even the point of life if you can’t be there for your parents’ last rites ? video from Sonipat Imagine attending the funeral of the people who raised you stood by you your whole life through a video call. No one should ever have to go through this. pic.twitter.com/qrAqOYFWzT
— Nikhil saini (@iNikhilsaini) August 5, 2026
वीडियो कॉल के जरिए दी अंतिम विदाई
अंतिम संस्कार के दौरान तीनों बेटियां वीडियो कॉल के माध्यम से जुड़ी रहीं और उसी माध्यम से अपने पिता को अंतिम विदाई दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोग भावुक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, बेटियों के अंतिम संस्कार में शामिल न हो पाने के पीछे की व्यक्तिगत परिस्थितियों की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इस घटना को उन्हीं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए।
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