'आपने मुझे अनुमति दी, अब आप गोली चला रहे हैं', सामने आया भारतीय जहाज पर गोलीबारी की घटना का ऑडियो क्लिप
US Iran War: ओमान के उत्तर में ईरानी नौसेना द्वारा गोलीबारी किए गए दो भारतीय टैंकरों में से एक, सनमार हेराल्ड से कथित तौर पर प्राप्त एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है. इस रिकॉर्डिंग में टैंकर के एक अधिकारी को तेहरान की नौसेना से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने के बावजूद भारतीय ध्वज वाले जहाज पर गोलीबारी की.
बता दें कि शनिवार को दो भारतीय जहाजों- जग अर्नव और सनमार हेराल्ड पर ईरानी नौसेना ने गोलीबारी की, जो तेहरान के उन पूर्व बयानों के विपरीत है जिनमें उसने कहा था कि अमेरिका और इजरायल के साथ संघर्ष में शामिल न होने वाले देशों को निशाना नहीं बनाया जाएगा. मरीन ट्रैफिक के अनुसार, जग अर्नव एक भारतीय ध्वज वाला मालवाहक पोत है जो सऊदी अरब के अल जुबैल से भारत जा रहा था. वहीं, सनमार हेराल्ड इराक से भारत के लिए कच्चा तेल ले जा रहा था.
'मुझे वापस मुड़ने दो'
सनमार हेराल्ड से कथित तौर पर एक ऑडियो सामने आया है, जिसमें जहाज का एक नाविक कह रहा है, "आपने मुझे जाने की अनुमति दी थी. मेरा नाम आपकी सूची में दूसरे नंबर पर है. आप अभी गोलीबारी कर रहे हैं. मुझे वापस मुड़ने दो."
भारत ने विरोध दर्ज कराया
विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर ईरान के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए भारत में ईरानी राजदूत को तलब किया. तेहरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथली को शाम 6:30 बजे बैठक के लिए बुलाया गया. बैठक में राजदूत ने विदेश मंत्रालय के पाकिस्तान-अफगानिस्तान-ईरान डेस्क के संयुक्त सचिव से मुलाकात की. विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि विदेश सचिव ने गोलीबारी की घटना पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की और व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को भारत द्वारा दिए जाने वाले महत्व पर जोर दिया.
Audio reportedly from the Indian oil tanker fired on by Iranian Navy
— Shashank Mattoo (@MattooShashank) April 18, 2026
“You gave me clearance to go. My name is second on your list. You are firing now. Let me turn back!” pic.twitter.com/iMeY7fzwkq
बयान में आगे कहा गया कि, "व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की इस गंभीर घटना पर अपनी चिंता दोहराते हुए, विदेश सचिव ने राजदूत से आग्रह किया कि वे ईरान के अधिकारियों को भारत का दृष्टिकोण बताएं और जलडमरूमध्य से भारत आने वाले जहाजों के आवागमन को सुगम बनाने की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पुनः शुरू करें. ईरान के राजदूत ने इन विचारों को ईरानी अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया."
होर्मुज जलडमरूमध्य पर अभी भी मंडरा रहा संकट
बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल के परिवहन का मार्ग है. जहां 28 फरवरी के बाद से भारी संकट बना हुआ है. इस संकट की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हवाओं हमलों के बाद हुई. एक शीर्ष ईरानी अधिकारी ने शनिवार को कहा कि जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता, तब तक यह रणनीतिक जलमार्ग नहीं खुलेगा. इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अंतिम शांति समझौता अभी भी बहुत दूर है.
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'हम अभी भी अंतिम वार्ता से बहुत दूर'
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने टेलीविजन पर अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका के साथ वार्ता में कुछ प्रगति हुई है, "लेकिन अभी भी कई मतभेद हैं और कुछ मूलभूत मुद्दे अनसुलझे हैं." उन्होंने आगे कहा कि दो सप्ताह का युद्धविराम बुधवार को समाप्त होने वाला है, जब तक कि इसे बढ़ाया नहीं जाता या कोई शांति समझौता नहीं हो जाता, तब तक तनाव और बढ़ गया है.
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Chardham Yatra 2026: अक्षय तृतीया पर आज से चारधाम यात्रा का शुभारंभ, गंगोत्री-यमुनोत्री के खुले कपाट, जानें कब खुलेंगे केदारनाथ-बद्रीनाथ?
Chardham Yatra 2026: उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का आज 19 अप्रैल रविवार से विधिवत आगाज हो गया है. अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं. इसके साथ ही देशभर से लाखों भक्तों की आस्था का यह महापर्व शुरू हो चुका है. हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में इन पवित्र धामों के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता का भी अद्भुत अनुभव कराती है. आज गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के बाद केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट कब खुलेंगे चलिए जानते हैं.
कब खुलेंगे केदारनाथ और बद्रीनाथ के कपाट?
चारधाम यात्रा के बाकी दो प्रमुख धामों की तिथि भी घोषित हो चुकी है. 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे. इसके बाद 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे. इन दोनों धामों के खुलने के बाद यात्रा पूरी तरह से शुरू मानी जाती है. श्रद्धालु इन तिथियों का बेसब्री से इंतजार करते हैं.
कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
- चारधाम यात्रा पर जाने के लिए सबसे पहले uttarakhandtourism.gov.in वेबसाइट पर जाएं.
- मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी के जरिए अकाउंट बनाएं.
- इसके बाद लॉगिन करें और ‘मैनेज टूर’ विकल्प पर क्लिक करें.
- अपनी यात्रा की तारीख और धाम का चयन करें.
- सभी जरूरी जानकारी भरकर फॉर्म सबमिट करें.
- रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आपको एक QR Code और पास मिलेगा.
- अगर ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध न हो, तो हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑफलाइन पंजीकरण भी कराया जा सकता है.
चारधाम यात्रा का धार्मिक महत्व
चारधाम यात्रा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र यात्राओं में गिनी जाती है. मान्यता है कि इन चारों धामों के दर्शन करने से व्यक्ति के पाप समाप्त हो जाते हैं. साथ ही उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. यह यात्रा मानसिक शांति देती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाती है. हिमालय की गोद में बसे ये धाम प्रकृति और आस्था का अनोखा संगम हैं.
गंगोत्री धाम का महत्व
गंगोत्री धाम को मां गंगा का उद्गम स्थल माना जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार, राजा भगीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर गंगा धरती पर अवतरित हुई थीं. यहां स्नान और दर्शन करने से जीवन के पाप धुल जाते हैं और आत्मा को शुद्धि मिलती है.
यमुनोत्री धाम का महत्व
यमुनोत्री धाम मां यमुना को समर्पित है. धार्मिक मान्यता है कि यहां पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय खत्म होता है. यह धाम प्राकृतिक सौंदर्य से भी भरपूर है. पहाड़ों और झरनों के बीच स्थित यह स्थान श्रद्धालुओं को खास अनुभव देता है.
केदारनाथ धाम का महत्व
केदारनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है. यह मंदिर ऊंचे पहाड़ों के बीच स्थित है. यहां पहुंचने के लिए कठिन यात्रा करनी पड़ती है. मान्यता है कि केदारनाथ के दर्शन से साधकों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है.
बद्रीनाथ धाम का महत्व
बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु को समर्पित है. यह वैष्णव संप्रदाय का प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है. कहा जाता है कि यहां दर्शन करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है और जीवन के दुख समाप्त हो जाते हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. न्यज नेशन इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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