Anupamaa 19 April 2026: रुपाली गांगुली और अद्रिजा रॉय स्टारर टीवी सीरियल अनुपमा का रविवार का एपिसोड काफी धमाकेदार रहने वाला है। कोठारी और शाह परिवार समेत अब अनुपमा भी मुश्किल में है।
आशा भोसले के निधन के बाद उनके फैंस और परिवार के लोग इस गहरे सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। जनाई भोसले ने इसी बीच आशा के साथ उनकी कुछ पुरानी यादें सोशल मीडिया पर साझा की हैं।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड जल्द ही मेंस सीनियर सेलेक्शन कमेटी के चेयरमैन अजीत अगरकर का कार्यकाल बढ़ाने जा रहा। जानकारी के मुताबिक, उनका कॉन्ट्रैक्ट जून 2026 में खत्म हो रहा, जिसे एक साल के लिए बढ़ाकर जून 2027 तक किया जाएगा। बोर्ड इस फैसले के जरिए टीम में स्थिरता और निरंतरता बनाए रखना चाहता, खासकर अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए।
अगरकर के कार्यकाल में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। उनकी अगुआई में टीम ने आईसीसी ट्रॉफी का लंबा सूखा खत्म किया और 2024 व 2026 में लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप जीते। इसके अलावा टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी भी अपने नाम की और 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंची। ऐसे में बीसीसीआई उन्हें आगे भी इस भूमिका में बनाए रखना चाहता।
अगरकर का कार्यकाल बढ़ सकता सूत्रों के मुताबिक, अगरकर के फैसलों में साहस और साफगोई देखने को मिली है। उन्होंने टीम चयन में कई बड़े और चौंकाने वाले फैसले लिए, जो बाद में सही साबित हुए। बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि उनके कार्यकाल में टीम का ट्रांजिशन काफी सहज रहा और चयन समिति ने बिना डर के फैसले लिए।
इस दौरान भारतीय टेस्ट टीम में बड़ा बदलाव भी देखने को मिला। दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली, रोहित शर्मा, आर अश्विन के टेस्ट से हटने के बाद टीम को नए सिरे से तैयार करना पड़ा। चयन समिति ने नए कप्तान भी चुने, जिसमें टेस्ट टीम की कमान शुभमन गिल को सौंपी गई जबकि टी20 में सूर्यकुमार यादव को कप्तान बनाया गया।
हालांकि टेस्ट टीम का प्रदर्शन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहा है। इंग्लैंड दौरे पर टीम ने सीरीज ड्रॉ कराई, लेकिन घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 से हार ने भी टीम की कमजोरियों को उजागर किया, खासकर स्पिन के खिलाफ बल्लेबाजी को लेकर चिंता बनी हुई है।
वहीं सीमित ओवर के फॉर्मेट में टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। अगरकर ने चयन में कई साहसी फैसले लिए, जैसे टी20 वर्ल्ड कप के लिए ईशान किशन की वापसी और गिल को बाहर करना। यह फैसला चर्चा में रहा, लेकिन टीम संतुलन के लिहाज से इसे जरूरी माना गया।
अगरकर ने कप्तानी को लेकर भी बड़ा फैसला लिया। उन्होंने हार्दिक पंड्या की जगह सूर्यकुमार यादव को टी20 कप्तान बनाने का समर्थन किया। उनका मानना था कि कप्तान ऐसा होना चाहिए जो सभी मैच खेल सके। चयन समिति का एक और खास पहलू यह रहा कि उसने खिलाड़ियों को दूसरा मौका देने में हिचकिचाहट नहीं दिखाई। प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों की वापसी को प्राथमिकता दी गई।
कुल मिलाकर, अगरकर के कार्यकाल में टीम ने बदलाव के दौर को अच्छे से संभाला है। यही वजह है कि BCCI उन्हें आगे भी इस जिम्मेदारी में बनाए रखना चाहता है, ताकि टीम आने वाले बड़े टूर्नामेंट में मजबूत प्रदर्शन कर सके।