बोलीविया की ओर भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, आठ मीट्रिक टन जीवनरक्षक और आवश्यक दवाइयों की खेप भेजी
नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने रविवार को बताया कि भारत ने बोलीविया की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आठ मीट्रिक टन जीवनरक्षक और आवश्यक दवाइयों की खेप भेजी है।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ग्लोबल साउथ के एक साझेदार देश की मदद के लिए भारत आगे आया है। भारत ने बोलीविया की सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षमता को समर्थन देने के लिए आठ मीट्रिक टन जीवनरक्षक और जरूरी दवाइयों की खेप भेजी है। भारत हमेशा एकजुटता और साझा प्रगति के जरिए सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार रहता है।
बोलीविया के उपराष्ट्रपति एडमंड लारा मोंटानो इस साल फरवरी में भारत आए थे। नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान उन्होंने भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने सौर ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटलीकरण, उच्च शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की थी।
बैठक के बाद उपराष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, बोलीविया के उपराष्ट्रपति एडमंड लारा मोंटानो ने आज नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। यह मुलाकात इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान हुई।
पोस्ट में आगे कहा गया, दोनों नेताओं ने भारत और बोलीविया के बीच लगातार मजबूत हो रहे द्विपक्षीय संबंधों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने सौर ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटलीकरण, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। साथ ही, बहुपक्षीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को और मजबूत करने के बारे में भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
बैठक में दोनों पक्षों ने सौर ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों, डिजिटलीकरण, उच्च शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने के उपायों पर विशेष रूप से चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने पिछले वर्ष जुलाई में भी दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया को तीन लाख खुराक एमआर (खसरा और रूबेला) वैक्सीन दान की थीं। इनके साथ टीकाकरण के लिए जरूरी अन्य चिकित्सा सामग्री भी भेजी गई थी।
बोलीविया में भारत के राजदूत रोहित वाधवाना ने बोलीविया की प्रशासनिक राजधानी ला पाज के एल आल्टो हवाई अड्डे पर आयोजित एक समारोह में इस खेप को औपचारिक रूप से सौंपा था।
इस अवसर पर बोलीविया की विदेश मंत्री सेलिंडा सोसा लुंडा, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री मारिया रेने कास्त्रो क्विसिकैंकी और उपमंत्री मैक्स एनरिकेज नावा भी मौजूद थे।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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'BCCI, CoE और टीम मैनेजमेंट के आपसी तालमेल में...,सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के हेड वीवीएल लक्ष्मण ने कह दी बड़ी बात
भारतीय टीम में इन दिनों चोटिल खिलाड़ियों की संख्या बढ़ती जा रही है. इस वक्त बीसीसीआई के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में कई खिलाड़ी मौजूद हैं, जो रिहैब की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं या फिर चोटिल हैं. इसी बीच रविवार, 9 अगस्त 2026 को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई और उसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बातें कही गईं. इस मीटिंग में बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने खुद बेंगलुरु पहुंचकर सेंटर के हेड वीवीएस लक्ष्मण और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात की. इस दौरान चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर और मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऑनलाइन इस मीटिंग का हिस्सा बने. CoE के हेड वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि BCCI, CoE और भारतीय टीम प्रबंधन के आपसी तालमेल में कोई कमी या गलतफहमी नहीं है. उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों के चोटिल होने और उनके रिकवरी समय को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह स्पष्टीकरण जारी किया.
चोटिल खिलाड़ियों को लेकर क्या बोले वीवीएस लक्ष्मण?
वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि बीसीसीआई, "सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, पुरुष और महिला टीमों के मैनेजर, डॉक्टर-फिजियो (SSM स्टाफ) और चयनकर्ता सभी मिलकर एक टीम की तरह काम कर रहे हैं. अगर कोई चोटिल खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक जल्दी ठीक नहीं हो पाता, तो COE हेड सीधे चीफ सिलेक्टर और हेड कोच से बात करते हैं. यह बातचीत बहुत आराम से होती है. प्लेयर्स भी इस बात को समझते हैं और मान लेते हैं कि वे अभी मैच खेलने के लिए पूरी तरह फिट नहीं हैं. यहां सबसे ज्यादा ध्यान खिलाड़ी की सेहत और टीम की जरूरत पर दिया जाता है, जिससे आपस में तालमेल बिठाना बहुत आसान हो जाता है."
No miscommunication between BCCI, CoE and Indian team management, says Laxman ????️
— Cricinfo (@cricinfo) August 9, 2026
???? https://t.co/FwsBG6ehqa pic.twitter.com/VkzSGAEnyt
प्लेयर्स के बढ़ते वर्कलोड की चिंता के सवाल पर वीवीएस लक्ष्मण ने क्या कहा?
वीवीएस लक्ष्मण ने खिलाड़ियों के बढ़ते वर्कलोड को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि यह चिंता का विषय है. जाहिर है, एलीट स्तर पर खेलते हुए आपसे 100% से अधिक देने की उम्मीद की जाती है. यदि आप ऐसा नहीं कर रहे हैं, तो आप अपनी भूमिका के साथ या टीम चुनने के उद्देश्य के साथ न्याय नहीं कर रहे हैं. इसमें कोई संदेह नहीं है कि आधुनिक पीढ़ी को शायद मेरे समय की तुलना में बहुत अधिक क्रिकेट खेलना पड़ता है. जाहिर है, टी20 के आने से अब 3 फॉर्मेट हो गए हैं, लेकिन यह ठीक है. COE और SSM स्टाफ ने जो भी पहल की हैं, उससे उन्हें फायदा होगा. यह न केवल कॉन्ट्रैक्टेड या लक्षित खिलाड़ियों के लिए है, बल्कि इससे राज्य के खिलाड़ियों को भी फायदा होगा. इसलिए मुझे लगता है कि आखिर चोटें किसी भी खिलाड़ी के जीवन का एक हिस्सा हैं."
चोट खेल का ही हिस्सा है - वीवीएस लक्ष्मण
वीवीएस लक्ष्मण ने चोट को खेल का एक अहम हिस्सा बताया है. उन्होंने कहा कि अगर आप सोचते हैं कि आप को चोट ना लगे तो शायद आप अपनी पूरी ताकत से नहीं खेल रहे हैं. लक्ष्मण ने कहा, "मैं बस इस बात को दोहराना चाहता हूं कि जब आप हाइएस्ट लेवल पर खेल रहे होते हैं, तो आप अपनी एक सीरीज खत्म करते हैं. उसके बाद से अगली सीरीज तक, आप खुद को बेहतर बनाने और अधिक फिट होने के लिए अपने आप ही कड़ी मेहनत करते हैं. भले ही आप ऐसा करते हैं, फिर भी उच्चतम स्तर पर खेलते हुए आप चोटिल हो सकते हैं. इसलिए यदि आप यह सोच रहे हैं कि चोटिल न हों, तो आप अपनी पूरी क्षमता से नहीं खेल रहे हैं. एक चीज जिस पर फोकस दिया जाना चाहिए और जो बहुत बड़े लेवल पर बदलाव हुआ है, वह यह है कि आप चोट को किस तरह देखते हैं. क्या आप चोट को एक नकारात्मक चीज के रूप में देखते हैं? या क्या आपको लगता है कि चोट खेल का एक स्वाभाविक हिस्सा है? आप जाहिर तौर पर बेहतर होते हैं और खिलाड़ियों की देखभाल करने की प्रक्रियाओं में आगे बढ़ते हैं, लेकिन चोटें तो लगनी ही हैं."
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