ईरान ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एयरस्पेस आंशिक रूप से खोला
तेहरान, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान ने शनिवार को अपने पूर्वी हिस्से से गुजरने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए अपना एयरस्पेस थोड़ा खोल दिया है। देश की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।
सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बताया कि देश के एयरस्पेस का एक हिस्सा शनिवार, 18 अप्रैल को सुबह 7:00 (0330 जीएमटी ) बजे से फिर से खोल दिया गया है।
तस्नीम न्यूज एजेंसी ने सिविल एविएशन की ओर से जारी किए गए एक बयान के आधार पर कहा कि यूएस-इजरायल के हमले के बाद ईरान के एयरस्पेस को बंद करने का फैसला लिया गया था। वर्तमान हालात में संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशानुसार, इस मामले की नेशनल सिविल-मिलिट्री कोऑर्डिनेशन कमेटी (सीएमसी) में सिक्योरिटी और सेफ्टी दोनों नजरिए से समीक्षा की गई।
बयान में आगे कहा गया, इसके अनुसार, और नोटिस टू एयरमेन (एनओटीएएम) के आधार पर, देश के एयरस्पेस और कई एयरपोर्ट 18 अप्रैल को सुबह 7:00 बजे से फिर से खोल दिए गए हैं। ईरान के एयरस्पेस के पूर्वी हिस्से का एयरस्पेस ईरानी आसमान से गुजरने वाली इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए खुला है।
सिविल एविएशन अथॉरिटी ने यह भी कहा कि नागरिकों को यात्री सेवा सर्विस देने के लिए, सैन्य और नागरिक क्षेत्र की तकनीकी और संचालन संबंधी तैयारी के आधार पर, देश के एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन धीरे-धीरे फिर से शुरू किए जाएंगे।
हालांकि, तीन घंटे से ज्यादा समय बाद भी, फ्लाइट ट्रैकर वेबसाइट पर कोई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट ईरान से गुजरती हुई नहीं दिखी। यह भी पता चला कि कई फ्लाइट्स लंबा चक्कर लगाकर उसके एयरस्पेस से बच रही थीं।
बता दें, 28 फरवरी से यूएस-इजरायल के संयुक्त एयर स्ट्राइक से शुरू हुए संघर्ष पर 40 दिन बाद 8 अप्रैल को अस्थाई विराम लगा। 2 हफ्ते तक किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने के लिए ये विराम लगाया गया। इस बीच हर गुजरते दिन के साथ ईरान-यूएस के संबंध कभी सामान्य तो कभी तल्ख लगते हैं। बयानों और टिप्पणी के जरिए दोनों ही पक्ष खुद को दूसरे से बेहतर बताने की कोशिश करते हैं।
यूरेनियम संवर्धन और होर्मुज को पूरी तरह से सबके लिए खोलने को लेकर अभी पेच फंसा हुआ है। शुक्रवार को जहां खबर आई की ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का ऐलान कर दिया है तो वहीं कुछ घंटों बाद ही शनिवार को दोबारा बंद करने की घोषणा कर दी गई। आरोप लगाया जा रहा है कि यूएस सीजफायर डील को लगातार तोड़ रहा है।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
फायदेमंद है ये कड़वाहट, बीमारियों का काल तो लिवर के लिए 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करता है नीम
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। आजकल की व्यस्त और अनियमित दिनचर्या लिवर की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन गई है। बाहर का तला-भुना खाना, अनियमित खान-पान, तनाव और लापरवाही लिवर को नुकसान पहुंचाती है। लोगों में जागरूकता लाने के लिए हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है। आयुर्वेद में नीम को लिवर के लिए ‘सुरक्षा कवच’ बताया गया है।
नीम की कड़वाहट भले ही आपको परेशान करे, लेकिन यह लिवर को डिटॉक्स करने और मजबूत बनाने में बेहद प्रभावी है। आयुर्वेद में नीम को ‘अमृत’ कहा जाता है और इसे लिवर के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करने वाला प्राकृतिक उपाय माना जाता है। नीम न सिर्फ लिवर को स्वस्थ रखता है, बल्कि कई अन्य बीमारियों से भी बचाव करता है।
सदियों से आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल होता आ रहा है। नीम की पत्तियां, फूल, टहनी और फल सभी भाग बेहद लाभदायक हैं। नीम की पत्तियां लिवर को डिटॉक्स करने में अचूक हैं। रोजाना नीम की 5-7 पत्तियां चबाने या उनका रस पीने से लिवर में जमा विषैले पदार्थ निकलते हैं। इससे लिवर का कार्य सुचारू रूप से चलता है, पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। थकान और सुस्ती जैसी समस्याएं भी दूर होती हैं।
नीम के अन्य स्वास्थ्य लाभ भी हैं। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण धमनियों में जमा गंदगी को साफ करते हैं। इससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है और रक्त संचार बेहतर बनता है। त्वचा की समस्याओं के लिए भी नीम रामबाण है। मुंहासे, दाग-धब्बे और कील-मुंहासों से परेशान लोगों के लिए नीम की पत्तियों का पेस्ट चेहरे पर लगाना या नीम का रस पीना बहुत फायदेमंद है। नीम में मौजूद एजाडिरेक्टिन नामक तत्व बैक्टीरिया को मारता है और त्वचा को साफ-सुथरा रखता है। नीम के पानी से रोजाना चेहरा धोने से त्वचा में निखार आता है।
नीम को अपनी दिनचर्या में आसानी से शामिल किया जा सकता है। नीम की पत्तियों को उबालकर काढ़ा बनाकर पीया जा सकता है। गर्मियों में नीम के फूलों से बना शर्बत या भूजिया भी स्वास्थ्यवर्धक होता है। सुबह खाली पेट नीम का सेवन पूरे शरीर का डिटॉक्स करता है। यह सर्दी, गर्मी और बरसात हर मौसम में फायदेमंद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नीम जैसी जड़ी-बूटियों को अपनाकर हम लिवर को मजबूत बना सकते हैं और कई बीमारियों से बचाव कर सकते हैं। नीम की कड़वाहट भले ही कड़वी लगे, लेकिन स्वास्थ्य के लिए यह मीठा परिणाम देती है। यह सस्ता, सुरक्षित और पूरी तरह प्राकृतिक उपचार है। हालांकि किसी भी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी का सेवन शुरू करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
--आईएएनएस
एमटी/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation

















.jpg)





