श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए सरफराज खान की हुई टीम इंडिया में एंट्री, साई सुदर्शन को किया रिप्लेस
IND vs SL: श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए सरफराज खान को टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल किया गया है. उन्होंने साई सुदर्शन को रिप्लेस किया है.
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— BCCI (@BCCI) August 9, 2026
Sai Sudharsan ruled out of the #SLvIND Test series; Sarfaraz Khan named replacement.
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'वोकल फॉर लोकल' को नई उड़ान: सहसपुर की महिलाओं का हैंडमेड तिरंगा बनेगा 'हर घर तिरंगा' अभियान की शान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' के आह्वान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को सहसपुर ब्लॉक की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं साकार कर रही है. ग्रामीण महिलाओं के हाथों से तैयार हो रहा सूती कपड़े का हैंडमेड तिरंगा इस बार 'हर घर तिरंगा' अभियान को नई गति प्रदान कर रहा है.
प्रतिभा दिखाने का एक सुनहरा अवसर
सहसपुर ब्लॉक के शंकरपुर स्थित सिलाई यूनिट में समूह की महिलाओं ने अब तक 5,000 से अधिक तिरंगे तैयार कर लिए हैं. रीप ( ग्रामीण उद्यमिता एवं आजीविका परियोजना) और एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के माध्यम से तिरंगों की लगातार बढ़ती मांग से महिलाओं के हुनर और अपनी प्रतिभा दिखाने का एक सुनहरा अवसर भी मिल रहा है.
'वोकल फॉर लोकल' के आह्वान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को सहसपुर ब्लॉक की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं साकार कर रही हैं. pic.twitter.com/g50osucuBW
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1 लाख रुपये की बचत अर्जित की
आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन की ओर से हर वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी के लिए बड़ी संख्या में राष्ट्रीय ध्वज तैयार करता है. स्कूलों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न राजनीतिक दलों से भी इन हैंडमेड तिरंगों की अच्छी मांग रहती है. हैंडमेड तिरंगा निर्माण ने ग्रामीण महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं दिया, बल्कि आत्मसम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की नई पहचान भी दिलाई है. बीते 26 जनवरी के अवसर पर तिरंगा निर्माण एवं बिक्री से समूह की महिलाओं ने लगभग 1 लाख रुपये की बचत अर्जित की.
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यूनिट बनी स्वरोजगार का साधन
शंकरपुर स्थित सिलाई यूनिट का सफल संचालन कर रही जयमाला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं को ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक साधन बताया. जयमाला ने बताया कि इस यूनिट के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं रोजगार के लिए सशक्त हुई है. साथ ही उन्हें विभाग की मदद से कई राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने के ऑर्डर भी मिलते हैं. जिससे उन्हें मार्केट में अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर भी मिल रहा है. उन्होंने बताया कि घर के पास ही काम मिलने से महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ आय भी अर्जित कर रही हैं.
15 अगस्त और 26 जनवरी में रहती है अधिक डिमांड
आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन के अंतर्गत चांदनी स्वयं सहायता समूह की सदस्य कविता ने बताया कि 15 अगस्त और 26 जनवरी में हमें राष्ट्रीय ध्वज बनाने की अधिक डिमांड आती है. कविता ने बताया कि शंकरपुर में स्थापित इस सिलाई यूनिट के माध्यम से हम सभी समूह की महिलाएं अपना रोजगार चल रही हैं. उन्होंने बताया कि समय-समय पर सरकारी विभाग, ब्लॉक कार्यालय, स्कूल कॉलेज,राजनीतिक पार्टियों और लोकल मार्केट से अच्छा व्यापार मिलता है. कविता ने जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि सिलाई यूनिट की पहल से न केवल उन्हें रोजगार मिला, बल्कि उन्हें अपनी अलग पहचान दिखाने का अवसर भी प्राप्त हो रहा है.
विभाग भी खरीद रहा महिलाओं के हैंडमेड तिरंगे
जिला परियोजना प्रबंधक रीप सोनम गुप्ता ने बताया कि रीप परियोजना के तहत सहसपुर ब्लॉक में सिलाई यूनिट की स्थापना की थी. इसी यूनिट में आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन की महिलाएं राष्ट्रीय ध्वज बनाने का कार्य कर रही है. उन्होंने बताया कि पूर्व में भी 15 अगस्त और 26 जनवरी के लिए यह महिलाएं राष्ट्रीय ध्वज बनाती आ रही है. यूनिट के स्थापित होने से इस बार महिलाएं बड़े स्तर पर झंडे बनाने का कार्य कर रही हैं. सोनम ने बताया कि इस यूनिट में 15 से 20 महिलाएं राष्ट्रीय ध्वज बनाने का कार्य कर रही है. हर घर तिरंगा अभियान में राष्ट्रीय ध्वज की आवश्यकता को देखते हुए समूह की महिलाओं से तिरंगे भी खरीदे जा रहे हैं.
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लोग क्लस्टर से खरीद रहे तिरंगे
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सामने बताया कि मा.मुख्यमंत्री के निर्देशन में रीप ( ग्रामीण उद्यमिता एवं आजीविका परियोजना) और एनआरएलएम ( राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ) के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की ग्रामीण महिलाएं अपने पसंदीदा क्षेत्र में बहुत अच्छा कार्य कर रही है. उन्होंने बताया कि आगामी 15 अगस्त को देखते हुए समूह की महिलाएं विभिन्न आकार के झंडे बना रही हैं. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन भी उनसे राष्ट्रीय ध्वज खरीद रहा है. साथ ही उनकी लोकल मार्केट में भी अच्छी खासी डिमांड है. मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि हर घर तिरंगा अभियान से जुड़े लोग भी समूह की महिलाओं से अच्छी क्वालिटी वाले तिरंगे खरीद रहे है. जिससे उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है. साथ ही उनके काम को भी प्रोत्साहन मिल रहा है.
अच्छा परिचय दे रही समूह की महिलाएं
जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने बताया कि रीप ( ग्रामीण उद्यमिता एवं आजीविका परियोजना) के सहयोग से ग्रामीण समूह की महिलाएं हर घर तिरंगा अभियान में हिस्सा भी ले रही है साथ ही राष्ट्रीय ध्वज बनाकर अपनी आय भी सृजित कर रही है. उन्होंने कहा कि समूह की महिलाएं न केवल स्वरोजगार स्थापित कर रही है बल्कि राष्ट्रीय उत्सव में अपनी प्रतिभा का परिचय भी पेश कर रही है.
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