भारत, चीन पर निर्भरता कम करने के लिए पॉलीसिलिकॉन मैन्युफैक्चरिंग में पीएलआई स्कीम लाने की कर रहा तैयार
नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस) भारत पॉलीसिलिकॉन के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) लाने की तैयार कर रहा है। पॉलीसिलिकॉन सोलर फोटोवोल्टिक पैनलों में इस्तेमाल होने वाला एक प्रमुख कच्चा माल है। सरकार का उद्देश्य देश की स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और चीन से होने वाले आयात पर निर्भरता कम करना है।
राष्ट्रीय राजधानी में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के एक कार्यक्रम में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने कहा कि प्रस्तावित प्रोत्साहन कार्यक्रम भारत के विनिर्माण अभियान को सौर मूल्य श्रृंखला में और आगे ले जाएगा। साथ ही, देश की दीर्घकालिक नवीकरणीय ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देगा।
फिलहाल भारत अपनी पॉलीसिलिकॉन जरूरतों के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर है। सोलर पैनल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले इस महत्वपूर्ण कच्चे माल के वैश्विक उत्पादन में चीन का दबदबा है।
नई योजना से घरेलू उत्पादन क्षमता में निवेश को प्रोत्साहन मिलने और अधिक एकीकृत सौर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सारंगी ने कहा, “आगामी प्रोत्साहन कार्यक्रम 10 गीगावाट से अधिक पॉलीसिलिकॉन उत्पादन क्षमता को समर्थन दे सकता है, हालांकि वित्तीय सहायता की राशि से जुड़ी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।”
यह कदम मॉड्यूल, सेल, वेफर, इंगॉट और पॉलीसिलिकॉन को कवर करने वाली व्यापक सौर विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला तैयार करने की सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
देशभर में सौर ऊर्जा संयंत्रों की गति बढ़ने और उपकरणों की मांग लगातार बढ़ने के साथ नीति निर्माता स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने पर तेजी से ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
भारत पहले ही सौर सेल और मॉड्यूल उत्पादन के लिए 24,000 करोड़ रुपए के विनिर्माण से जुड़े प्रोत्साहन प्रदान कर चुका है।
नवीनतम प्रस्ताव का उद्देश्य घरेलू सौर विनिर्माण श्रृंखला में मौजूद शेष प्रमुख कमियों में से एक को दूर करना और आयातित कच्चे माल पर निर्भरता कम करना है।
देश ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने में सौर ऊर्जा की केंद्रीय भूमिका रहने की उम्मीद है।
सारंगी ने बताया, “भारत ने 200 गीगावाट से अधिक सौर मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता और 32 गीगावाट से अधिक सौर सेल विनिर्माण क्षमता स्थापित कर ली है। अगले एक वर्ष के भीतर अतिरिक्त 100 गीगावाट सौर सेल विनिर्माण क्षमता के चालू होने की उम्मीद है।”
--आईएएनएस
एबीएस
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'जो खेलेगा, वो खिलेगा, कॉमनवेल्थ गेम्स एथलीट से मिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इंस्टाग्राम पर शेयर की वीडियो
PM Narendra Modi met the Indian Athletes: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मेडल जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाले एथलीटों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 9 अगस्त को अपने आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात की. इस बार ये खेल भारत के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक रहे. पहली बार भारत ने बॉक्सिंग में 7 गोल्ड मेडल जीतने का कारनामा किया. भारत इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 39 मेडल जीतकर चौथे नंबर पर रहा, जिनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं.
कॉमनवेल्थ गेम्स पदक विजेताओं से मिले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर मुलाकात की और इंस्टाग्राम पर एक खास रील शेयर की. इस दौरान उन्होंने देश के युवाओं को खेलों के लिए प्रेरित करते हुए कहा, 'जो खेलेगा वो खिलेगा. 'भारत माता की जय', उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'हमेशा भारत के लिए चीयर करो.'
#WATCH | Delhi: In his reel with the Indian athletes who won medals at the Commonwealth Games 2026, Prime Minister Narendra Modi says, "Jo khelega woh khilega. Always cheer for Bharat..."
— ANI (@ANI) August 9, 2026
(Source: Narendra Modi/'X') https://t.co/0V33lAHuU4 pic.twitter.com/vfFPUUwwlG
भारत के लिए ऐतिहासिक रहा ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल बॉक्सिंग में जीते. बॉक्सिंग में भारत को 10 मेडल मिले, जिसमें 7 गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल शामिल रहा. वहीं जूडो में भारत को पहली बार गोल्ड मेडल मिला. इस खेल में देश को पहला गोल्ड अस्मिता डे ने दिलाया. जबकि हर्ष सिंह भी गोल्ड जीतने में कामयाब रहे. जूडो में भारत ने कुल 4 मेडल अपने नाम किए.
बॉक्सिंग (मुक्केबाजी) – कुल 10 मेडल (7 गोल्ड, 3 सिल्वर)
गोल्ड मेडल: प्रीति पंवार (महिला 54 किग्रा)
गोल्ड मेडल: जैस्मिन लेम्बोरिया (महिला 57 किग्रा)
गोल्ड मेडल: साक्षी चौधरी (महिला 51 किग्रा)
गोल्ड मेडल: प्रिया घनघस (महिला 60 किग्रा)
गोल्ड मेडल: अरुंधति चौधरी (महिला 70 किग्रा)
गोल्ड मेडल: सचिन सिवाच (पुरुष 60 किग्रा)
गोल्ड मेडल: अंकुश पंघाल (पुरुष 80 किग्रा)
सिल्वर मेडल: जदुमानी सिंह (पुरुष 55 किग्रा)
सिल्वर मेडल: लवलीना बोरगोहेन (महिला 75 किग्रा)
सिल्वर मेडल: नरेंद्र बेरवाल (पुरुष +90 किग्रा)
वेटलिफ्टिंग (भारोत्तोलन) - कुल 7 मेडल (1 गोल्ड, 5 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज)
गोल्ड मेडल: मीराबाई चानू (महिला 48 किग्रा)
सिल्वर मेडल: ऋषिकांत सिंह (पुरुष 60 किग्रा)
सिल्वर मेडल: राजा मुथुपंदी (पुरुष 65 किग्रा)
सिल्वर मेडल: वल्लुरी अजय बाबू (पुरुष 79 किग्रा)
सिल्वर मेडल: ज्ञानेश्वरी यादव (महिला 53 किग्रा)
सिल्वर मेडल: हरजिंदर कौर (महिला 69 किग्रा)
ब्रॉन्ज मेडल: बिंदियारानी देवी (महिला 58 किग्रा)
एथलेटिक्स - कुल 6 मेडल (3 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज)
सिल्वर मेडल: नीरज चोपड़ा (पुरुष भाला फेंक / Javelin Throw)
सिल्वर मेडल: मुरली श्रीशंकर (पुरुष लंबी कूद / Long Jump)
सिल्वर मेडल: प्रवीन चित्रवेल (पुरुष ट्रिपल जंप)
ब्रॉन्ज मेडल: यश वीर सिंह (पुरुष भाला फेंक / Javelin Throw)
ब्रॉन्ज मेडल: तेजस्विन शंकर (पुरुष डेकाथलॉन – इस स्पर्धा में भारत का पहला पदक)
ब्रॉन्ज मेडल: सेल्वा प्रभु थिरुमारन (पुरुष ट्रिपल जंप)
ट्रैक रनिंग (एथलेटिक्स) – कुल 2 मेडल (1 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज)
सिल्वर मेडल: गुलवीर सिंह (पुरुष 10,000 मीटर दौड़)
ब्रॉन्ज मेडल: गुलवीर सिंह (पुरुष 5,000 मीटर दौड़) - गुलवीर इस सीजन में दो व्यक्तिगत मेडल जीतने वाले इकलौते भारतीय ट्रैक खिलाड़ी बने
जूडो - कुल 5 मेडल (2 गोल्ड, 1 सिल्वर, 2 ब्रॉन्ज)
गोल्ड मेडल: अस्मिता डे (महिला 48 किग्रा)
गोल्ड मेडल: हर्ष सिंह (पुरुष 60 किग्रा)
सिल्वर मेडल: यामिनी मौर्य (महिला 57 किग्रा)
ब्रॉन्ज मेडल: उन्नति शर्मा (महिला 63 किग्रा)
ब्रॉन्ज मेडल: (एक अन्य खिलाड़ी, आधिकारिक अंतिम विवरणानुसार)
पैरा-एथलेटिक्स – कुल 6 मेडल (3 गोल्ड, 2 silver, 1 ब्रॉन्ज)
गोल्ड मेडल: शर्मिला धनखड़ (महिला शॉट पुट F57)
गोल्ड मेडल: दिलीप गावित (पुरुष 100 मीटर T47)
गोल्ड मेडल: सोमन राणा (पुरुष शॉट पुट F57)
सिल्वर मेडल: मोहम्मद बासित (पुरुष 100 मीटर T47)
सिल्वर मेडल: शुभम जुयाल (पुरुष shot put F57)
ब्रॉन्ज मेडल: शिल्पा शायला (महिला शॉट पुट F57)
फील्ड इवेंट्स (एथलेटिक्स) - कुल 2 मेडल (1 सिल्वर, 1 ब्रॉन्ज)
सिल्वर मेडल: सर्वेश कुशारे (पुरुष ऊंची कूद / High Jump)
ब्रॉन्ज मेडल: सीमा कालिरामना (महिला डिस्कस थ्रो
पैरा-पावरलिफ्टिंग - कुल 1 मेडल (1 ब्रॉन्ज)
ब्रॉन्ज मेडल: झंडू कुमार (पुरुष हैवीवेट श्रेणी)
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