Responsive Scrollable Menu

Hardik Pandya Reaction: क्या हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह में हुई लड़ाई? फील्डिंग सेट करते हुए भड़क गए मुंबई इंडियंस के कप्तान

Hardik Pandya-Jasprit Bumrah argument Video: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए कुछ भी सही नहीं हो रहा है. एक के बाद एक हार से मुंबई के कप्तान हार्दिक पांड्या पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में काफी परेशान दिखे. मैच के दौरान उनका और जसप्रीत बुमराह के बीच एक गरमागरम बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

Continue reading on the app

मेंटल हेल्थ– भीड़ में भी अकेली हूं:कोई मुझे समझता नहीं, किसी को मेरी परवाह नहीं, सब हैं, लेकिन दिल का साथी कोई नहीं, क्या करूं?

सवाल– मेरी उम्र 23 साल है। मैं रांची में रहती हूं और होटल मैनेजमेंट का कोर्स कर रही हूं। हमारी जॉइंट फैमिली है। कॉलेज में भी ढेर सारे दोस्त हैं। फिर भी मुझे हर वक्त एक अजीब सा अकेलापन महसूस होता है। हर वक्त मेरे चारों ओर लोग होते हैं और मैं उन सबसे भागकर अकेली होना चाहती हूं। मुझे लगता है कि कोई मेरा अपना नहीं है। चाहे दोस्त हों या फैमिली, कोई मुझे समझता नहीं है। मैं बाहर से खुश दिखती हूं, लेकिन अंदर-ही-अंदर दुखी रहती हूं। क्या सब लोग ऐसा ही फील करते हैं? क्या ये फीलिंग नॉर्मल है या मेरे अंदर ही कोई प्रॉब्लम है। एक्सपर्ट– डॉ. द्रोण शर्मा, कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट, आयरलैंड, यूके। यूके, आयरिश और जिब्राल्टर मेडिकल काउंसिल के मेंबर। सवाल पूछने के लिए बहुत शुक्रिया। इमोशनल लोनलीनेस (भावनात्मक अकेलापन) आज मेंटल हेल्थ डिसकशन का एक महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। पहली नजर में यह साधारण 'अकेलेपन' जैसा लगता है, लेकिन मनोविज्ञान इसे कहीं अधिक गहराई से समझता है। इमोशनल लोनलीनेस क्या है ? आधुनिक मनोविज्ञान में इस विषय पर रॉबर्ट वाइस का काम आधारभूत माना जाता है। उन्होंने 1973 में यह बताया कि लोनलीनेस कोई एक अनुभव नहीं है। इसके अलग-अलग प्रकार होते हैं। हर व्यक्ति के लिए यह अनुभव अलग हो सकता है। वाइस के अनुसार, अकेलेपन का एक रूप वह है, जब व्यक्ति के पास कोई ऐसा घनिष्ठ, भरोसेमंद और भावनात्मक रूप से सुरक्षित रिश्ता नहीं होता, जिसमें वह खुलकर अपनी बात कह सके। इसे ही इमोशनल लोनलीनेस कहते हैं। दूसरा रूप वह है, जब व्यक्ति के पास व्यापक सामाजिक दायरा, जैसे परिवार, दोस्त, परिचित या कम्युनिटी नहीं होती है। इसे सोशल लोनलीनेस कहते हैं। भीड़ में अकेलापन आगे चलकर न्यूजीलैंड के दो प्रसिद्ध समाजशास्त्रियों जेनी डे योंग हीरफेल्ड और थियो वान टिलबुर्ख ने इस अंतर को और साफ किया और इसे मापने के लिए कई वैज्ञानिक उपकरण विकसित किए। आज इमोशनल लोनलीनेस सिर्फ 'अकेले रहना' नहीं है। इमोशनल लोनलीनेस का मतलब है, लोगों से घिरे होने और भीड़ में रहने के बावजूद यह महसूस करना कि- इसी संदर्भ में इमोशनल लोनलीनेस और सोशल लोनलीनेस के बीच अंतर समझना जरूरी है। कई बार व्यक्ति के पास परिवार होता है, दोस्त होते हैं, और वह सामाजिक रूप से सक्रिय भी रहता है। उदाहरण के तौर पर, कोई व्यक्ति संयुक्त परिवार में रह सकता है, कॉलेज में उसके कई दोस्त हो सकते हैं और वह अक्सर लोगों से घिरा रह सकता है। इसके बावजूद यदि उसके भीतर लगातार खालीपन, दूरी या “कोई मुझे समझता नहीं” जैसी भावना बनी रहती है, तो यह इमोशनल लोनलीनेस का संकेत है। सोशल लोनलीनेस में व्यक्ति की मुख्य शिकायत होती है—“मेरे पास लोग नहीं हैं।” इसके विपरीत, इमोशनल लोनलीनेस में व्यक्ति कहता है—“लोग तो हैं, लेकिन कोई सच में मेरा नहीं है।” यह अंतर बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे समस्या की जड़ साफ होती है। यहां चुनौती लोगों की संख्या नहीं, बल्कि रिश्तों की गुणवत्ता है। ऐसे मामलों में व्यक्ति अक्सर यह भी महसूस करता है कि कोई ऐसा जो हमें सुने, समझे इस प्रकार, इमोशनल लोनलीनेस हमें यह समझने में मदद करती है कि केवल लोगों से घिरे रहना काफी नहीं है। मानसिक संतुलन और संतुष्टि के लिए जरूरी है कि हमारे जीवन में ऐसे रिश्ते हों, जहां हम बिना झिझक अपने असली भाव व्यक्त कर सकें और खुद को सच में समझा हुआ महसूस करें। क्या आप इमोशनली अकेले हैं? करें सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट यहां मैं आपको एक सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट दे रहा हूं। नीचे ग्राफिक्स में कुल 10 सवाल हैं। आपको इन सवालों को ध्यान से पढ़ना है और 0 से 3 के स्केल पर इसे रेट करना है। जैसेकि पहले सवाल के लिए अगर आपका जवाब 'कभी नहीं' है तो 0 नंबर दें और अगर आपका जवाब 'लगभग हर दिन' है तो 3 नंबर दें। अंत में अपने टोटल स्कोर की एनालिसिस करें। नंबर के हिसाब से उसका इंटरप्रिटेशन भी ग्राफिक में दिया है। अगर आपका टोटल स्कोर 0 से 7 के बीच है तो आप में बहुत मामूली पैटर्न है। ये नॉर्मल है लेकिन अगर आपका स्कोर 24 से 30 के बीच है तो यह बहुत स्ट्रॉन्ग इमोशनल लोनलीनेस का संकेत है। ऐसे में प्रोफेशनल हेल्प के बारे में सोचना चाहिए। डिटेल टेस्ट नीचे ग्राफिक में देखिए। कहीं ये लो मूड/डिप्रेशन तो नहीं इस एसेसमेंट टेस्ट के अलावा यह देखना भी जरूरी है कि कहीं ये लो मूड/डिप्रेशन का केस तो नहीं है। इसलिए खुद से ये दो सवाल भी पूछें– क्या इसके अलावा ये भी हो रहा है– यदि आपका उत्तर “हां” है, तो यहां पर लो मूड/डिप्रेशन को भी एक बार प्रोफेशनल लेंस से जरूर देखना चाहिए। HSE (हेल्थ एंड सेफ्टी एक्जीक्यूटिव, यूके) और NHS (नेशनल हेल्थ सर्विस, यूके), दोनों सलाह देते हैं कि अगर 2 हफ्ते से अधिक समय तक लगातार लो मूड रहे, कोप करने में कठिनाई हो, या सेल्फ हेल्प से कोई फायदा न हो तो प्रोफेशनल हेल्प लेनी चाहिए. 4 सप्ताह का CBT आधारित सेल्फ हेल्प प्लान सप्ताह 1 पहचानना और समझाना लक्ष्य: फीलिंग को नाम देना, दबाना नहीं पहले हफ्ते में आपका लक्ष्य अपनी भावनाओं को दबाना नहीं, बल्कि उन्हें पहचानना और नाम देना है। दिन में कम-से-कम एक बार एक छोटा-सा मूड लॉग भरें, जिसमें चार चीजें लिखें— उदाहरण: इसके अलावा, रोज 10 मिनट शांति से बैठकर खुद से पूछें— “मैं अभी क्या महसूस कर रही हूं?” बिना जज किए उस फीलिंग को नोट करें। सप्ताह 2 विचारों को टेस्ट करना लक्ष्य: ऑटोमैटिक नेगेटिव थॉट को मानना नहीं, जांचना इस हफ्ते आपका लक्ष्य है, अपने नेगेटिव विचारों (जो अपने आप आते हैं) को सीधे सच न मान लेना, बल्कि उन्हें चेक करना, उन्हें चुनौती देना। जैसे आपके मन में ये ऑटोमैटिक विचार आया- जब भी ऐसा ख्याल आए तो एक CBT वर्कशीट बनाएं और उसमें लिखें- पक्ष- इस विचार के सपोर्ट में क्या सबूत है? विपक्ष- इस विचार के खिलाफ क्या सबूत है? संतुलन- ज्यादा संतुलित और यथार्थ सोच क्या हो सकती है? उदाहरण: विचार: “कोई मुझे समझता नहीं।” पक्ष: मैं अपनी बातें शेयर नहीं करती। विपक्ष: एक दोस्त और पापा कई बार समझने की कोशिश करते हैं। संतुलन: “शायद हर कोई नहीं समझता, लेकिन अगर मैं ओपन होऊं तो कुछ लोग समझ सकते हैं।” सप्ताह 3 व्यवहार परीक्षण और कनेक्शन बिल्डिंग लक्ष्य: यकीन को असल जिंदगी में टेस्ट करना इस हफ्ते आपका लक्ष्य है, अपने पुराने यकीन को रियल लाइफ में टेस्ट करना। जैसेकि आपका ये यकीन—“कोई मुझे समझेगा नहीं।” इसके लिए तीन छोटे-छोटे प्रयोग करें: हर एक्सपेरिमेंट के बाद तीन बातें लिखें: सप्ताह 4 इमोशनल जरूरतें और रीलैप्स को रोकना लक्ष्य: सिर्फ अकेलापन कम करना नहीं, सेफ रिश्ते बनाना इस हफ्ते का लक्ष्य सिर्फ अकेलेपन को कम करना नहीं, बल्कि सच्चा और सुरक्षित भावनात्मक कनेक्शन बनाना है। सबसे पहले अपनी टॉप 3 इमोशनल जरूरतों को पहचानें और लिखें। जैसेकि- फिर एक छोटा-सा रिलेशनशिप मैप बनाएं, जिससे समझें कि आपके जीवन में कौन व्यक्ति किस रोल में है। इसके बाद एक आसान वीकली प्लान बनाएं: इन सबके अलावा खुद से ये वाक्य दोहराएं- “मुझमें कोई कमी नहीं है। मेरी इमोशनल जरूरतें पूरी नहीं हुई हैं।” प्रोफेशनल हेल्प कब जरूरी? नीचे ग्राफिक में दिए चार संकेतों में से कोई भी दो संकेत एक साथ दिखें तो प्रोफेशनल मदद जरूर लें। खासतौर पर खुद को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाने का ख्याल अलार्मिंग है। ऐसे में तुरंत साइकेट्रिस्ट से मिलें। अंतिम बात अकेलापन जिंदगी में सिर्फ लोगों की कमी नहीं, बल्कि सच्चे, गहरे भावनात्मक जुड़ाव की कमी है। यह आपकी कमजोरी नहीं, बल्कि एक पूरी न हुई भावनात्मक जरूरत का संकेत है। खुलेपन के साथ सही समझ और छोटे-छोटे प्रयासों से आप धीरे-धीरे सुरक्षित, गहरे और संतुलित रिश्ते बना सकती हैं। खुद के साथ भी गहराई से जुड़ सकती हैं। ……………… ये खबर भी पढ़िए मेंटल हेल्थ– मैं हर वक्त ओवरथिंकिंग करता हूं: चाहकर भी ब्रेन को कंट्रोल नहीं कर पाता, परेशान रहता हूं, इससे बाहर कैसे निकलूं ओवरथिंकिंग एक ऐसा मेंटल प्रोसेस है, जिसमें व्यक्ति छोटी-छोटी घटनाओं के बारे में भी जरूरत से ज्यादा सोचता है और उसे बहुत बड़ा बना देता है। यह आदत धीरे-धीरे एंग्जाइटी और इनसिक्योरिटी को बढ़ाती है। इससे सेल्फ डाउट पैदा होता है। व्यक्ति फैक्ट और उस फैक्ट के अपने इंटरप्रिटेशन में फर्क नहीं कर पाता। इसका असर इमोशंस और व्यवहार, दोनों पर पड़ता है। आगे पढ़िए…

Continue reading on the app

  Sports

Hardik Pandya Reaction: क्या हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह में हुई लड़ाई? फील्डिंग सेट करते हुए भड़क गए मुंबई इंडियंस के कप्तान

Hardik Pandya-Jasprit Bumrah argument Video: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए कुछ भी सही नहीं हो रहा है. एक के बाद एक हार से मुंबई के कप्तान हार्दिक पांड्या पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच में काफी परेशान दिखे. मैच के दौरान उनका और जसप्रीत बुमराह के बीच एक गरमागरम बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. Fri, 17 Apr 2026 06:05:25 +0530

  Videos
See all

AAJTAK 2 | AMERICA ने HORMUZ पर लगाई नाकाबंदी, CHINA ने चली अपनी चाल! | AT2 #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-17T01:45:03+00:00

Parliament Special Session: Women's Reservation और Delimitation का Owaisi ने किया विरोध, क्या कहा? #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-17T01:38:05+00:00

Top Headlines Of The Today: Women's Reservation Bill | Delimitation Bill | Parliament | US-Iran #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-17T01:42:01+00:00

Iran Vs US Conflict LIVE Updates: ईरान के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद जा सकते हैं ट्रंप | Aaj Tak #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-17T01:36:19+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers