शाह ने समझाया- कैसे लोकसभा की सीटें 850 होंगी:दक्षिण के 5 राज्यों की सीटें 129 से 195 हो जाएंगी; सबसे ज्यादा फायदा यूपी, महाराष्ट्र को
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिलों पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को यह समझाया कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा की सीटें 543 से 850 कैसे होंगी। दरअसल, चर्चा के दौरान विपक्ष आरोप लगा रहा था कि परिसीमन से उत्तरी राज्यों को फायदा होगा, जबकि दशकों से जनसंख्या वृद्धि में अंतर की वजह से दक्षिणी राज्य पीछे रह जाएंगे। कांग्रेस ने कहा कि ये बिल महिला आरक्षण के लिए नहीं बल्कि यह चोर दरवाजे से परिसीमन के लिए हैं। शाह ने बताया- 850 का आंकड़ा कहां से आया शाह ने कहा, ‘मैं समझाता हूं। मान लीजिए 100 सीटें हैं और 33% महिलाओं के लिए आरक्षण देना है। यदि कुल सीटों में 50% वृद्धि कर दी जाए, तो यह 150 हो जाती हैं। और जब 150 का 33% आरक्षण लागू होता है, तो यह लगभग 100 सीटों के बराबर हो जाता है।’ ‘अभी लोकसभा में 543 सदस्य हैं। परिसीमन के बाद सीटों में 50% वृद्धि की जाएगी और कुल संख्या 816 हो जाएगी। इसमें से 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। 850 एक राउंड फिगर है, वास्तविक संख्या 816 होगी।’ तमिलनाडु की सीटें 39 से 59 हो जाएंगी दक्षिण के पांच राज्यों की कुल लोकसभा सीटें 129 से बढ़कर 195 हो जाएंगी। उनका प्रतिशत 23.76 से बढ़कर 23.87 हो जाएगा। इस तरह प्रस्तावित 50% सीट वृद्धि से दक्षिण भारत के हर राज्य को अधिक सीटें मिलेंगी। तमिलनाडु को 20, केरल को 10, तेलंगाना को 9 और आंध्र प्रदेश को 13 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी। उत्तर प्रदेश के बाद लोकसभा में दूसरे सबसे अधिक सांसदों वाला राज्य महाराष्ट्र है, जिसे 24 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी। शाह बोले- परिसीमन कानून में कोई बदलाव नहीं शाह ने कहा कि परिसीमन आयोग का कानून पूरी तरह मौजूदा कानून पर है। इसमें कोई बदलाव नहीं है। इसका चल रहे चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। परिसीमन विधेयक के अनुसार: इन विधेयकों के जरिए संविधान के 7 अनुच्छेदों- 55, 81, 82, 170, 330, 332 और 334 (ए) में संशोधन किया जाएगा। संसद में 4 विपक्षी नेताओं के बयान --------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- विपक्ष क्रेडिट ले, ब्लैंक चेक देने को तैयार:प्रियंका का जवाब- महिलाएं बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को पहचान लेती हैं, सावधान हो जाएं पीएम मोदी ने गुरुवार को महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर कहा कि परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। यह मोदी की गारंटी है और वादा है। विपक्ष इसका क्रेडिट ले सकता है। मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं। पूरी खबर पढ़ें…
महिला आरक्षण-परिसीमन पर शाह आज लोकसभा में जवाब देंगे:प्रियंका का आरोप- असम की तरह देश की सीटों की काट-छांट होगी; शाम 4 बजे वोटिंग
महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े तीन बिलों पर आज लोकसभा में दूसरे दिन चर्चा होगी। अमित शाह इस पर जवाब देंगे। गुरुवार को उन्होंने कहा था कि परिसीमन को लेकर विपक्ष के जितने भी सवाल हैं। वे केजी के बच्चों की तरह उन्हें समझाएंगे। शाम 4 बजे तीनों बिल पर वोटिंग कराई जाएगी। लोकसभा स्पीकर ने बिलों पर चर्चा के लिए 15 घंटे का समय तय किया। गुरुवार को करीब 12 घंटे तक पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने अपनी बात रखी। कांग्रेस की तरफ से प्रियंका गांधी, गौरव गोगोई, वेणुगोपाल ने बिल के विरोध में अपनी बातें कहीं। प्रियंका ने कहा कि असम की तरह देशभर की सीटों की काट-छांट की जाएगी। पीएम ने भी करीब 35 मिनट का भाषण दिया। उन्होंने कहा कि परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। यह मोदी की गारंटी है और वादा है। विपक्ष इसका क्रेडिट ले सकता है। 16 अप्रैल: संसद के विशेष सत्र का पहला दिन; किसने क्या कहा पीएम मोदी बोले- मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा। अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नहीं होगा। फिर अलग पहलू हो जाता है। हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं। सबकी फोटो छपवा देंगे। ले लो जी क्रेडिट। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं। प्रियंका बोलीं- महिलाएं बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को पहचान लेती प्रियंका गांधी ने कहा, पीएम के खोखले आश्वासनों के बावजूद संसद में राज्यों की मौजूदगी बदल जाएगी। जिस तरह असम में उन्होंने मनचाही सीटों को काटा, नई सीमाएं बनाएं उसी तरह यह देश में करेंगे। मौजूदा सरकार जनता की आंखों में धूल झोंक रही है। ये ओबीसी वर्ग का हक छीन रहे हैं, ताकि कुछ प्रदेशों की ताकत को कम किया जा सके। शाह जी हंस रहे हैं, पूरी प्लानिंग बना रखी है। चाणक्य आज जिंदा होते तो वो भी चौंक जाते। अखिलेश बोले- हम चाहते हैं कि पहले जनगणना हो अखिलेश ने कहा- ये लोग पिछड़े वर्ग की 33 प्रतिशत महिलाओं को उनका हक नहीं देना चाहते हैं। जब परिसीमन की बारी आई तो इन लोगों ने पूरी रणनीति बनाई, कि कैसे क्षेत्र बनाए जाएं कि इसका फायदा इन लोगों को ही मिले। इसलिए हम चहते हैं कि पहले जनगणना हो, जब आंकड़े आ जाएं तभी परिसीमन हो। इसलिए हमारी मांग है कि आधी आबादी में पिछड़ी और मुस्लिम महिलाओं को जोड़कर भी जनगणना हो। कंगना रनोट बोलीं- कुछ अच्छा होता है, तो कांग्रेस के पेट में चूहे दौड़ने लगते हैं बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने लोकसभा में कहा कि जब भी कुछ अच्छा होने लगता है तो कांग्रेस के पेट में चूहे दौड़ने लगते है। एक तरफ प्रधानमंत्री जी की नीति है, तो दूसरे तरफ विपक्ष के लोग। मुलायम सिंह यादव जी ने कहा था कि अगर ये बिल आएगा तो सिर्फ शहरी महिलाएं ही सदन में आएगी। ये है विपक्ष की सोच। अब जानिए संसद में किन तीन बिलों पर चर्चा हो रही है परिसीमन में क्या होगा: सरकार कानून बनाकर तय करेगी अभी तक सीटों का आधार 1971 की जनगणना थी, जो 2026 तक के लिए मान्य थी। परिसीमन कब होगा और किस जनगणना (जैसे 2011 या 2027) के आधार पर होगा, यह संविधान की जगह संसद एक साधारण कानून बनाकर तय कर सकेगी। सरकार इसमें बदलाव कर रही है। इसके लिए जनसंख्या (आबादी) की परिभाषा को बदला जाएगा है। इससे संसद को यह तय करने का अधिकार मिलता है कि सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए किस डेटा को आधार बनाया जाए। इसके लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात कही गई है। संविधान में संशोधन कर सरकार परिसीमन आयोग बनाएगी। अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या पूर्व जज होंगे। आयोग सभी निर्वाचन क्षेत्र (लोकसभा सीटें) दोबारा तय करेगा। आयोग का निर्णय अंतिम होगा। इसके फैसले को कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकते। क्या सरकार लोकसभा में बिल पास करा पाएगी संविधान संशोधन पारित कराने के लिए सरकार को बैक-चैनल बातचीत करनी होगी। भारतीय संविधान के ऑर्टिकल 368 के तहत, संविधान में संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होता है। कुल सदस्यों का बहुमत (50% से अधिक) और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत। लोकसभा की वर्तमान संख्या 540 (कुल 543 में से) है। 3 सीटें खाली हैं। यदि सभी सांसद उपस्थित होकर मतदान करते हैं, तो कम से कम 360 सांसदों (दो तिहाई) को इसके पक्ष में वोट देना होगा। वर्तमान में, भाजपा-नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के पास 292 सांसद हैं, जबकि INDIA (विपक्ष) के पास 233 सांसद हैं। 15 सांसद किसी गठबंधन के साथ नहीं हैं। तीन दशक से पेंडिंग था महिला आरक्षण बिल संसद में महिलाओं के आरक्षण का प्रस्ताव करीब 3 दशक से पेंडिंग है। यह मुद्दा पहली बार 1974 में महिलाओं की स्थिति का आकलन करने वाली समिति ने उठाया था। 2010 में मनमोहन सरकार ने राज्यसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण बिल को बहुमत से पारित करा लिया था। तब सपा और राजद ने बिल का विरोध करते हुए तत्कालीन UPA सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दी थी। इसके बाद बिल को लोकसभा में पेश नहीं किया गया। तभी से महिला आरक्षण बिल पेंडिंग है। 2023 में मोदी सरकार ने महिला आरक्षण बिल को पास कराया। यह कानून बना, अब इसमें संसोधन के जरिए बदलाव किया जा रहा है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… PM ने दोस्त कहा तो अखिलेश ने हाथ जोड़ लिए; संसद के टॉप-8 मोमेंट्स केंद्र सरकार ने गुरुवार को संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधन बिल पेश किए। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी स्पीच के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को अपना दोस्त कहा। इस पर अखिलेश ने हंसते हुए हाथ जोड़ लिए। प्रियंका गांधी ने शाह को देखते हुए कहा- अगर चाणक्य जिंदा होते तो आपको देखकर चौंक जाते। शाह मुस्कुराने लगे। पूरी खबर पढ़े…
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