अयोध्या में राम मंदिर अब तक क्यों नहीं गए बृजभूषण, बोले- जहां इज्जत नहीं, वहां मैं जाने वाला नहीं
अयोध्या के राम मंदिर नहीं जाने के सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जहां इज्जत नहीं है, वहां वे नहीं जाते। उन्होंने बताया कि उन्हें अतीत में हुए राम मंदिर से जुड़े कार्यक्रमों में नहीं बुलाया गया।
घर में दीपक जलाने की सही दिशा क्या है? जानें इससे जुड़े धार्मिक नियम और मान्यताएं
Diya jalane ki disha niyam: हिंदू धर्म में किसी भी पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत दीपक जलाए बिना अधूरी मानी जाती है। मान्यता है कि दीपक की लौ न सिर्फ अंधकार को दूर करती है, बल्कि यह ज्ञान, सकारात्मकता और ईश्वर की उपस्थिति का भी प्रतीक मानी जाती है। यही कारण है कि सुबह-शाम पूजा के समय हर हिंदू घर में दीपक जलाने की परंपरा सदियों से निभाई जा रही है।
दीपक जलाने की सही दिशा को लेकर मान्यता
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, दीपक जलाते समय उसकी दिशा का खास ध्यान रखा जाता है। मान्यता है कि घी का दीपक जलाते समय उसकी बाती को पूर्व दिशा की ओर रखना शुभ माना जाता है, क्योंकि पूर्व दिशा को सूर्योदय और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। वहीं तेल के दीपक की बाती को दक्षिण दिशा की ओर रखने की परंपरा है, जिसे यमराज की दिशा से जोड़कर देखा जाता है और इसे नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा से जोड़ा जाता है।
हालांकि यह भी मान्यता है कि दीपक की बाती कभी भी उत्तर दिशा की ओर नहीं रखनी चाहिए, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है।
घी और तेल के दीपक का अलग-अलग महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, घी के दीपक को देवी-देवताओं की पूजा में विशेष रूप से शुभ माना जाता है और इसे सुख-समृद्धि लाने वाला बताया गया है। वहीं तेल के दीपक को शनि देव और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा से जोड़कर देखा जाता है। यही कारण है कि शनिवार के दिन तेल का दीपक जलाना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
दीपक जलाते समय रखें इन बातों का ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपक जलाने से पहले दीपक के स्थान और आसपास की जगह को स्वच्छ रखना बेहद जरूरी माना जाता है। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि दीपक जलाते समय मन में भगवान का ध्यान करना चाहिए और दीपक को कभी भी बुझने नहीं देना चाहिए, क्योंकि बीच में दीपक का बुझ जाना अशुभ संकेत माना जाता है।
एक अन्य मान्यता के अनुसार, टूटे-फूटे या चटके हुए दीपक का इस्तेमाल पूजा में नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है।
सुबह-शाम दीपक जलाने की परंपरा का महत्व
हिंदू परंपरा में सुबह और शाम दोनों समय दीपक जलाने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि सुबह दीपक जलाने से दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा के साथ होती है, जबकि शाम के समय दीपक जलाने से घर में सुख-शांति का वास होता है। खासतौर पर संध्या के समय दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसी समय को देवी-देवताओं के जागरण का समय माना जाता है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक ग्रंथों और लोक-परंपराओं पर आधारित है। Haribhoomi.com इनकी किसी भी तरह की सटीकता या तथ्य की पुष्टि नहीं करता है। इन्हें केवल सामान्य जानकारी के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है। किसी भी उपाय, व्रत या धार्मिक कर्मकांड को अपनाने से पहले संबंधित विषय के विद्वान या पंडित से सलाह अवश्य लें।
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