बेहतर कार्यक्षमता का सबसे आसान तरीका है 'आराम', व्यस्त दिनचर्या में ऐसे रखें खुद का ख्याल
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर अपने आराम और विश्राम को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका हेल्थ पर काफी नेगेटिव असर पड़ता है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि व्यस्त दिनचर्या में खुद का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इससे न केवल कार्यक्षमता बेहतर होती है बल्कि मन भी तनाव मुक्त रहता है।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, पर्याप्त आराम करना कार्यक्षमता बनाए रखने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। लगातार काम करते रहने से शारीरिक और मानसिक थकान होना स्वाभाविक है, लेकिन हम समय पर आराम न करें तो हमारी उत्पादकता और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर काम करने के लिए सिर्फ मेहनत ही काफी नहीं है, बल्कि नियमित विश्राम भी जरूरी है। जब हम अच्छे से आराम करते हैं तो हमारा शरीर और दिमाग दोनों तरोताजा हो जाते हैं। इससे एकाग्रता बढ़ती है, फैसले लेने की क्षमता सुधरती है और काम में गलतियां कम होती हैं।
एनएचएम के अनुसार, “खुद का ख्याल रखना आपकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। थका हुआ शरीर और दिमाग न तो अच्छा काम कर सकता है और न ही लंबे समय तक टिक सकता है। ऐसे में काम और जीवन के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। अगर खुद को स्वस्थ और खुश रखेंगे, तभी हम अपने परिवार और काम को अच्छे से संभाल पाएंगे। ऐसे में विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर दिन कम से कम 30-45 मिनट का समय खुद के लिए निकालें। छोटे-छोटे ब्रेक लें, ज्यादा देर तक लगातार काम न करें। सप्ताह में एक दिन पूरी तरह से आराम करें। स्वास्थ्य और कार्यक्षमता दोनों को बनाए रखने के लिए आराम को अपनी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाएं।
हेल्थ एक्सपर्ट कुछ टिप्स देते हैं, जिसके अनुसार घर लौटकर पर्याप्त विश्राम लें, काम के बाद घर पहुंचते ही मोबाइल और लैपटॉप बंद कर दें। अच्छी नींद लें। रात में कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी है। मनपसंद गतिविधियों में समय बिताएं, इसके लिए अपने शौक को समय दें। किताब पढ़ना, संगीत सुनना, बागवानी करना, दोस्तों से बात करना या कोई खेल खेलना—ये छोटी-छोटी गतिविधियां मन को तरोताजा रखती हैं और तनाव कम करती हैं।
मानसिक संतुलन बनाए रखें। इसके लिए रोज कुछ समय खुद के साथ बिताएं। ध्यान, योग, सांस की एक्सरसाइज या बस चुपचाप बैठकर पॉजिटिव सोचना भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। इससे चिंता और तनाव कम होता है।
--आईएएनएस
एमटी/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
लेबनान-इजरायल संघर्ष में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान, दस दिन के युद्धविराम का किया दावा
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान और इजरायल के बीच दस दिनों के युद्धविराम पर सहमति का दावा किया। ट्रंप ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बातचीत की। ट्रंप ने कहा, दुनिया भर में नौ युद्धों को सुलझाना मेरे लिए एक सम्मान की बात रही है। यह मेरा 10वां प्रयास है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बातचीत के बाद संघर्षविराम और स्थायी शांति की दिशा में बड़ी पहल का दावा किया है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच दस दिनों के युद्धविराम पर सहमति बनी है।
ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन में हुई हालिया बैठकों के बाद शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि संघर्षविराम स्थायी शांति की दिशा में बड़ा कदम है।
ट्रंप ने कहा कि सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ सोशल पर बताया, अभी-अभी मेरी लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ बहुत ही बेहतरीन बातचीत हुई। इन दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई है कि अपने देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए वे ईएसटी समय के अनुसार शाम पांच बजे से औपचारिक रूप से दस दिनों के सीजफायर (युद्धविराम) की शुरुआत करेंगे।
ट्रंप ने पोस्ट में कहा, 34 वर्षों में पहली बार, इन दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने यहां वाशिंगटन डीसी में हमारे महान विदेश मंत्री, मार्को रुबियो के साथ मुलाकात की। मैंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री रुबियो को जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन डैन रेजिन केन के साथ मिलकर, इजरायल और लेबनान के साथ काम करते हुए एक स्थायी शांति स्थापित करने का निर्देश दिया है। दुनिया भर में नौ युद्धों को सुलझाना मेरे लिए एक सम्मान की बात रही है, और यह मेरा 10वां प्रयास होगा। तो चलिए, इसे पूरा करके दिखाते हैं।
उन्होंने पोस्ट में आगे कहा, मैं इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन को व्हाइट हाउस में आमंत्रित करूंगा। यह 1983 के बाद से इजरायल और लेबनान के बीच पहली सार्थक बातचीत होगी। दोनों पक्ष शांति चाहते हैं, और मेरा मानना है कि ऐसा होगा और वह भी बहुत जल्द।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
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