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धर्मेंद्र प्रधान ने बताया उन्होंने शिक्षा मंत्री पद से क्यों दिया था इस्तीफ़ा

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा देने के दो हफ़्ते बाद पहली बार इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है.

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रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर पर चार्जशीट दाखिल:4 NHAI रोड प्रोजेक्ट्स से ₹187 करोड़ की हेराफेरी का आरोप, फर्जी बिल और डायमंड इम्पोर्ट के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, उसके पूर्व डायरेक्टर सतीश सेठ और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम PMLA के तहत चार्जशीट दाखिल की है। यह कार्रवाई नई दिल्ली के द्वारका जिला अदालत स्थित विशेष PMLA कोर्ट में 8 अगस्त को की गई। ED ने इस मामले में रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर पर आरोप लगाया है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI की चार रोड प्रोजेक्ट्स के सार्वजनिक पैसों का इस्तेमाल सड़क निर्माण में करने के बजाय फर्जी कंपनियों के नेटवर्क के जरिए कहीं और ट्रांसफर कर दिया गया। फर्जी बिल और डायमंड इम्पोर्ट के बहाने मनी लॉन्ड्रिंग इस मामले की नींव मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा 11 फरवरी 2026 को दर्ज की गई FIR (सं. 172/2026) पर टिकी है। EOW की जांच में सामने आया था कि फर्जी दस्तावेजों और बैंक खातों की मदद से कई शेल कंपनियां बनाई गईं। इन शेल कंपनियों का इस्तेमाल जाली इनवॉइस यानी फर्जी बिल और अत्यधिक कीमत पर हीरे इम्पोर्ट दिखाने के बहाने फंड की आवाजाही और विदेश पैसे भेजने के लिए किया जा रहा था। इसी FIR के आधार पर ED ने PMLA के तहत मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। 4 हाईवे प्रोजेक्ट्स के पैसों का हुआ डायवर्जन ED की जांच के अनुसार, NHAI द्वारा अलॉट की गई चार प्रमुख टोल-रोड परियोजनाओं में जनता और बैंकों का पैसा लगा हुआ था। ये चार प्रोजेक्ट्स निम्नलिखित हैं: इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए NHAI से अनुदान और बैंकों व अन्य वित्तीय संस्थानों से लोन लिया गया था। जांच में सामने आया कि सितंबर से अक्टूबर 2010 के बीच लगभग ₹187 करोड़ की रकम बैक-डेटेड यानी पुराने समय की संविदाओं और फर्जी सब-कॉन्ट्रैक्टिंग व्यवस्थाओं के जरिए कंपनी से बाहर निकाली गई। कैसे घुमाया गया फंड: कंस्ट्रक्शन से डायमंड ट्रेडर्स तक मनी ट्रेल ₹187 करोड़ की संपत्ति अटैच, सतीश सेठ जेल में जांच एजेंसी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 3 अगस्त को ₹187 करोड़ मूल्य की संपत्तियों को प्रोविजनली यानी अस्थायी रूप से अटैच कर लिया था। अटैच की गई संपत्तियों में अचल संपत्तियां, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के पास मौजूद रिलायंस पावर लिमिटेड के इक्विटी शेयर और क्षीराब्ध कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड की जमीन शामिल है। मामले में आरोपी सतीश सेठ को ED ने 12 जून को गिरफ्तार किया था और वे फिलहाल न्यायिक हिरासत (जेल) में हैं। आगे की कार्रवाई: अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी ED का कहना है कि इस मामले में अन्य व्यक्तियों, अधिकारियों और सहयोगियों की भूमिका की आगे जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्षों के आधार पर पूरक (सप्लीमेंट्री) चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है। क्या होती है शेल कंपनी? शेल कंपनियां कागज पर होती हैं। छोटे-छोटे लोगों को उनका डायरेक्टर बनाकर कारोबार किया जाता है। एंट्री द्वारा ब्लैक मनी को व्हाइट करने का खेल खेला जाता है।

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  Sports

Sarfaraz Khan: टीम इंडिया में 18 महीने बाद लौटे सरफराज खान, फिर भी मैच में नहीं मिलेगा मौका? जानिए वजह

India vs Sri Lanka: सरफराज खान ने अपना पिछला टेस्ट मैच नवंबर 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था, जबकि जनवरी 2025 में ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद से ही वो टीम इंडिया से बाहर थे. Sun, 09 Aug 2026 20:29:46 +0530

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