IPO Next Week: आईपीओ मार्केट में फिर मचेगी धूम! अगले हफ्ते खुलेंगे ₹7,700 करोड़ के 9 नए IPO, 8 कंपनियों की होगी लिस्टिंग
IPO Action Next Week: अगले हफ्ते आने वाले इन 9 नए आईपीओ में से 5 मेनबोर्ड सेगमेंट के बड़े आईपीओ हैं, जो मिलकर ₹7,479 करोड़ जुटाएंगे। वहीं बाकी के 4 आईपीओ एसएमई सेगमेंट के हैं, जिनकी कुल वैल्यू ₹203 करोड़ है। जानिए किस दिन कौन सा आईपीओ खुलेगा और क्या हैं उनके प्राइस बैंड।
Iran के साथ युद्ध के बीच America का बड़ा कदम, डिफेंस कंपनियों को हथियारों का प्रोडक्शन बढ़ाने के निर्देश
द वॉशिंगटन पोस्ट को मिले एक मेमो के अनुसार, अमेरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने देश की डिफेंस कंपनियों को हथियारों के प्रोडक्शन और डिलीवरी में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण अमेरिका के पास जरूरी गोला-बारूद और मिसाइलों का स्टॉक तेजी से कम हो रहा है, जिसे फिर से भरने का दबाव बढ़ रहा है। डिप्टी डिफेंस सेक्रेटरी स्टीव फीनबर्ग ने डिफेंस कंपनियों को पत्र लिखकर 21 दिनों के भीतर प्रोडक्शन बढ़ाने और तेजी से डिलीवरी का प्लान जमा करने को कहा है।
सालों लंबे डेवलपमेंट शेड्यूल अब मंजूर नहीं
फीनबर्ग ने अपने पत्र में साफ लिखा कि सालों तक चलने वाले डेवलपमेंट टाइमलाइन अब स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपनी प्रोडक्शन क्षमता तुरंत बढ़ानी होगी। हालांकि, पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने इस मेमो की पुष्टि की, लेकिन अधिकारियों ने इन खबरों का खंडन किया कि सेना के पास हथियार पूरी तरह खत्म हो गए हैं। डिफेंस इनोवेशन यूनिट के प्रिंसिपल डिप्टी डायरेक्टर जैरेड कॉनली ने कहा कि अमेरिका के पास मौजूदा युद्ध लड़ने के लिए पर्याप्त गोला-बारूद मौजूद है। इसे भी पढ़ें: इजरायली मीडिया के दावों के बाद Mojtaba Khamenei का वीडियो आया सामने
मिसाइल इंटरसेप्टर और गोला-बारूद पर बढ़ा दबाव
अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचने के लिए पैट्रियट और थाड जैसे महंगे और एडवांस एयर-डिफेंस सिस्टम का बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया है। महीनों से चल रहे इस मिलिट्री ऑपरेशन की वजह से अमरीकी सेना के पास एडवांस्ड मिसाइलों का स्टॉक युद्ध से पहले के स्तर से काफी कम हो गया है। जानकारों का मानना है कि अमेरिका के पास अभी के लिए भले ही हथियार हों, लेकिन इस्तेमाल हो चुकी मिसाइलों की जगह नई मिसाइलें बनाने में कई साल लग सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Iran ने US के सामने रखीं सख्त शर्तें, बर्ताव बदलने तक बंद रहेगा Hormuz Strait
अमेरिका की चिंता
थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज ने चेतावनी दी है कि मिसाइल स्टॉक कम होने से अमेरिका और उसके मध्य-पूर्वी सहयोगियों के लिए आने वाले ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकना मुश्किल हो सकता है। स्टॉक बचाने के लिए सेना को कम इंटरसेप्टर मिसाइलें दागनी पड़ सकती हैं, जिससे दुश्मनों के हमले सफल होने का रिस्क बढ़ जाएगा। इसके अलावा, अमरीकी रक्षा योजनाकार इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि अगर ईरान युद्ध के बाद कोई दूसरा बड़ा वैश्विक संकट खड़ा होता है, तो अमेरिका के पास उससे निपटने के लिए पर्याप्त बैकअप स्टॉक रहेगा या नहीं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Moneycontrol
prabhasakshi










