पिता को परिवार की मजबूत ढाल माना जाता है, जो हर मुश्किल में चुपचाप साथ निभाते हैं. शैलेंद्र की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिन्होंने संघर्षों के बीच मेहनत कर अमेजन में SDE-2 की नौकरी हासिल की. जब उनके पिता ने ऑफर लेटर पढ़ा, तो उनकी आंखें खुशी और गर्व से भर आईं. किसान परिवार से आने वाले शैलेंद्र के लिए यह सफलता आसान नहीं थी. उनके पिता ने उनकी पढ़ाई के लिए कई त्याग किए.
ललित मोदी जो कि कई बड़े मामलों में वॉन्टेड हैं उन्हें भारत और ऑस्ट्रेलिया के 2 खिलाड़ियों ने अपना वर्ल्ड कप 2023 मेडल दे दिया. ये चौंकाने वाला खुलासा एक पॉडकास्ट में हुआ है.