Responsive Scrollable Menu

परीसीमन में क्या है नॉर्थ-साउथ का फैक्टर, जहां फंस रहा है पेंच; आसान भाषा में जानें

संसद के विशेष सत्र की शुरुआत हो गई है. सत्र के पहले दिन ही केंद्र सरकार ने गुरुवार को तीन नए बिल लोकसभा में पेश किए, जिसमें एक विधेयक परिसीमन से जुड़ा हुआ है. इसी परिसीमन बिल को लेकर देश भर में ससंद से लेकर सड़कों तक विवाद हो रहा है. दक्षिण भारतीय राज्य इस बिल का कड़ा विरोध कर रहे हैं. आइये आज जानते हैं, क्या है परिसीमन विधेयक 2026, जिस वजह से दक्षिण और उत्तर भारत में मचा हुआ रार…

इन वजहों से बिल का विरोध कर रही है दक्षिण भारतीय दल

डेमोग्राफिक पेनाल्टी 

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों ने दशकों से परिवार नियोजन और जनसंख्या नियंत्रण की राष्ट्रीय नीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया था. दक्षिणी राज्यों का तर्क है कि अगर जनसंख्या के आधार पर ही सीटें बढ़ाई जाती हैं तो लोकसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद उनको कम राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलेगा.  

राजनीतिक शक्ति का असंतुलन 

अनुमानों के अनुसार, परिसीमन के बाद उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे उत्तर भारतीय राज्यों की सीटों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है. क्योंकि इन राज्यों में जनसंख्या की वृद्धि दर अधिक रही है. दक्षिण भारत के राज्यों का कुल सीटों में हिस्सा कम हो जाएगा. दक्षिणी राज्यों को डर है कि इस परिसीमन के बाद केंद्र सरकार बनाने में उनकी भूमिका न के बराबर हो जाएगी, जिससे देश में दक्षिण भारतीय राज्यों का बोलबाला हो जाएगा.

संघीय ढांचे पर खतरा

विपक्षी नेताओं और क्षेत्रीय दलों का कहना है कि ये परिसीमन भारत के संघीय ढांचे के खिलाफ है. राज्यों को विकास और शिक्षा में सुधार की सजा नहीं मिलनी चाहिए.

वित्तीय नुकसान की चिंता

वित्त आयोग द्वारा होने वाला टैक्स का बंटवारा भी काफी हद तक जनसंख्या के आधार पर ही होता है. जनसंख्या कम होने की वजह से दक्षिणी राज्यों को डर है कि उनकी वित्तीय सौदेबाजी भी कमजोर हो जाएगी.  

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संसद से पास होकर अगर परिसीमन विधेयक 2026 कानून बन जाता है तो देश में 543 लोकसभा सीटों बढ़कर 850 हो जाएंगी. लोकसभा में 307 नई सीटों जोड़ी जाएंगी. पूरे देश में सीटों का बंटवारा जनसंख्या के आधार पर होगा, जिससे एक व्यक्ति, एक वोट और एक मूल्य का सिद्धांत लागू हो पाए.

पी चिदंबरम ने किया विधेयक का विरोध

दावा किया जा रहा है कि तमिलनाडु की लोकसभा सीटें 39 से बढ़कर 58 हो सकती है. इस दावे पर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम का कहना है कि जरूरी नहीं है कि सीटें बढ़कर 58 ही हो, तमिलनाडु की लोकसभा सीटें 46 भी रह सकती है. कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इसी जगह उत्तर प्रदेश की लोकसभा सीटें 80 से बढ़कर 120 या फिर 140 तक पहुंच सकती है. चिदंबरम ने दावा किया कि वर्तमान में दक्षिण भारतीय राज्यों का संसद में 24.3 प्रतिशत प्रतिनिधित्व है. वहीं, परिसीमन के बाद हमारा प्रतिनिधित्व 20.7 प्रतिशत रह सकता है. 

तेलंगाना सीएम ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

तमिलनाडु सीएम ने गुरुवार को बिल से जुड़ी एक कॉपी जला दी थी. इस दौरान, उन्होंने काले कपड़े पहने हुए थे. इसके अलावा, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है. उन्होंने पत्र में कहा कि जनसंख्या के आधार पर सीटें बढ़ाने से संघीय ढांचे को नुकसान होगा. दक्षिणी राज्यों के साथ ये अन्याय है. 

NDA सहयोगी TDP का समर्थन

खास बात है कि एक ओर जहां दक्षिण भारतीय राज्य परिसीमन बिल का विरोध कर रहे हैं तो वहीं आंध्र प्रदेश का सत्तारूढ़ दल टीडीपी इस बिल का समर्थन कर रहा है. तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के सांसद जी एम हरीश बालयोगी ने इंडिया टुडे से परिसीमन के मुद्दे पर बात की. उन्होंने कहा कि हर एक राज्य में लोकसभा सीटों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 50 फीसद वृद्धि को इस प्रकार से डिजाइन किया गया है, जिससे न तो दक्षिणी राज्यों की राजनीतिक आवाज कमजोर हो और न उत्तर में बढ़ती जनसंख्या के साथ अन्याय हो. 

 

Continue reading on the app

'भारत की जीडीपी में गुजरात का योगदान 8.3 प्रतिशत', व्यापार प्रदर्शनी के उद्घाटन पर सीएम पटेल

गांधीनगर, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को राज्य की राजधानी में तीन-दिवसीय व्यापार मेले का उद्घाटन करने के बाद कहा कि गुजरात भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 8.3 प्रतिशत का योगदान देता है, साथ ही देश के औद्योगिक उत्पादन में 18 प्रतिशत और निर्यात में 31 प्रतिशत का भी योगदान देता है।

गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (जीसीसीआई) द्वारा आयोजित गुजरात एडवांस्ड टेक्नोलॉजी एंड इकोनॉमी एक्सपो (जीएटीई) 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पटेल ने कहा, राज्य का आर्थिक प्रदर्शन एक ऐसे विकास मॉडल को दर्शाता है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में व्यापार और परंपरा, वाणिज्य और संस्कृति, तथा उद्योग और उद्यमिता के मेल पर आधारित है।

यह कार्यक्रम 16 से 18 अप्रैल तक गांधीनगर के एक प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित किया जा रहा है। यह 18,000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला है और इसमें 16 से अधिक क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स और कपड़ा उद्योग प्रमुख हैं। इस एक्सपो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है।

मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि गुजरात विजन - ग्लोबल एम्बिशन (गुजरात का सपना - वैश्विक महत्वाकांक्षा) की थीम पर आधारित इस एक्सपो से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और युवा उद्यमियों को स्थानीय बाजारों से आगे बढ़कर वैश्विक अवसरों तक पहुंचने के लिए एक मंच मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल राज्य के औद्योगिक परिवेश को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी।

वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि इसकी निरंतर सफलता ने गुजरात को भविष्य के लिए एक वैश्विक प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने आगे कहा कि जीसीसीआई जैसे औद्योगिक संगठन जमीनी स्तर की प्रतिक्रिया (फीडबैक) प्रदान करके नीति-निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं, और उन्होंने इस तरह की पहलों की योजना बनाने और उन्हें क्रियान्वित करने, दोनों ही कार्यों में राज्य सरकार के साथ मिलकर समन्वय से काम किया है।

उन्होंने कहा, गुजरात मेक इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड (भारत में बनाओ, दुनिया के लिए बनाओ) के राष्ट्रीय उद्देश्य के अनुरूप हरित विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री पटेल ने यह भी बताया कि गुजरात पहला ऐसा राज्य है जिसने अच्छी कमाई, बेहतर जीवन के सिद्धांत पर आधारित विकसित गुजरात 2047 का एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है, जिसका उद्देश्य एक विकसित भारत के व्यापक लक्ष्य में अपना योगदान देना है।

जीसीसीआई के अध्यक्ष संदीप इंजीनियर ने कहा कि यह आयोजन गुजरात में औद्योगिक विकास को सुदृढ़ बनाने और विकसित गुजरात से विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने बताया, इस एक्सपो के लिए लगभग 610 प्रदर्शकों ने पंजीकरण कराया है, और 30,000 से अधिक आगंतुक पहले ही अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। उम्मीद है कि यह संख्या बढ़कर 50,000 तक पहुंच जाएगी।

--आईएएनएस

एससीएच

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

French Open 2026 Prize Money: 677 करोड़ रुपये के इनाम का ऐलान, 2 खिलाड़ियों को मिलेगी 30 करोड़ से ज्यादा रकम

फ्रेंच ओपन की प्राइज मनी का ऐलान. पहली बार खिलाड़ी फिटनेस जांचने वाले उपकरण पहनकर खेल पाएंगे. पुरुषों का डबल्स फाइनल महिलाओं के सिंगल्स फाइनल से पहले खेला जाएगा Thu, 16 Apr 2026 18:16:00 +0530

  Videos
See all

ChakraView | Sumit Awasthi: ट्रंप और एप्सटीन पर बढ़ा तनाव #trump #epsteinfiles #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-16T13:15:00+00:00

Pakistan News Live : अभी-अभी पाकिस्तान से आई बड़ी खबर | Shehbaz Sharif | Munir | Trump | PM Modi #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-16T13:13:53+00:00

Poochta Hai Bharat LIVE: 815 हुई Lok Sabha Seats? | PM Modi | Women Reservation Bill | Delimitation #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-16T13:13:19+00:00

Prahar: ईरान ने मचा दी US में तबाही! | Iran US Israel Ceasefire | Trump Vs Xi Jinping | PM Modi #tmktech #vivo #v29pro
2026-04-16T13:14:37+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers