सूनी पड़ी पत्र पेटिकाएं, जो कभी कहती थीं दिल की दास्तां, अब कोई नहीं करता इस्तेमाल, जाने
Post Card : पुराने समय में डाक से एक पोस्ट कार्ड मिलता था. जिस पर बकायदा अपना नाम लिखा जाता था. पता लिखा जाता था. पिन कोड डाला जाता था, इसके साथ ही तीन पेजों पर अपने दिल की बातें लिखी जाती थी. पोस्ट कार्ड पर 50 पैसे का टिकट भी होता था. इसे डाक के माध्यम से अपने करीबियों तक भेजा जाता था.
काशी के इस मंदिर में फूल माला नहीं चढ़ाएं ताला, जेल से मिलेगी मुक्ति, त्रेतायुग से जुड़ी है दिलचस्प कहानी
Varanasi Bandi Devi Temple: मंदिर के प्रधान पुजारी सुधाकर दुबे ने बताया कि बंदी देवी पाताल लोक की देवी है. त्रेतायुग में भगवान राम को जब अहिरावण ने बंधक बनाया था, उस समय प्रभु श्री राम ने बंदी देवी का ध्यान करके उनके इस बंधन से मुक्ति की कामना की थी. जिसके बाद प्रभु श्रीराम अहिरावण के कैद से मुक्त हुए.ऐसी मान्यता है कि बंदी देवी के दरबार में 'ताला' चढ़ाने से झूठे मुकदमे में कारावास या जेल में रह रहे लोगो को इससे मुक्ति मिलती है
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18




















