Noida Violence Case को लेकर CM Yogi सख्त, उपद्रवियों की फोटों चौराहे पर लगाने के दिए निर्देश
नोएडा बवाल को लेकर जांच पड़ताल जारी है और इसी बीच श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी एक्शन में हैं. बुधवार को अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने सख्त निर्देश दिए. सीएम योगी ने कहा कि जो श्रमिक नहीं है और इस बवाल में जो लोग शामिल थे उनके पोस्टर्स सार्वजनिक जगहों पर लगाए जाए. साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में श्रमिकों के अधिकारों, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और उनके हितों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
सीएम योगी के सख्त निर्देश
बुधवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश की औद्योगिक स्थिति की समीक्षा करते हुए सीएम ने गौतम बुध नगर के घटनाक्रम पर विशेष रूप से संज्ञान लिया. उन्होंने निर्देश दिए कि जो व्यक्ति वास्तविक श्रमिक नहीं है किंतु औद्योगिक अशांति फैलाने और उपद्रव करने और साथ ही अव्यवस्था उत्पन्न करने में संलिप्त पाए जाते हैं उनकी तत्काल पहचान सुनिश्चित कर उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कारवाई की जाए. ऐसे तत्वों को बेनकाब करते हुए आवश्यकता अनुसार सार्वजनिक जगहों पर उनकी तस्वीर लगाई जाए. तो वहीं उच्च स्तरीय सूत्रों के मुताबिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए हैं.
उपद्रवियों में 45 लोग वास्तविक श्रमिक ही नहीं
कुल गिरफ्तारियों में से 45 लोग ऐसे हैं जो कि वास्तविक तौर पर श्रमिक ही नहीं थे. आगजनी की घटना में चिन्हित 17 में से 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया. जिनमें आठ गैर श्रमिक हैं. तो वहीं भड़काने के आरोप में 32 लोगों की पहचान हुई है। जिनमें से लोगों को अभी तक गिरफ्तार किया गया है. तो नोएडा बवाल को लेकर एक तरफ जांच पड़ताल तेज है तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सख्त नजर आ रहे हैं कि बीते दिन उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की थी और गौतम बुध नगर की स्थिति पर उन्होंने अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए सख्त और कड़ी कारवाई करने के निर्देश दिए हैं.
अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
सीएम योगी ने कहा कि जो लोग श्रमिक नहीं है लेकिन अव्यवस्था फैलाने में शामिल थे उनके खिलाफ सख्त से सख्त कारवाई की जाए और जो भी माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं सबसे पहले उनको चिन्हित किया जाए तो बड़ा खुलासा भी हुआ है. देखिए हिंसा में शामिल ज्यादातर लोग श्रमिक नहीं है. क्योंकि जितने गिरफ्तार किए गए हैं उनमें से ज्यादातर लोग श्रमिक नहीं है.
आगजनी पथराव में 17 की पहचान हुई है. जबकि 11 की गिरफ्तारी हुई है. जो गिरफ्तार 11 लोग हैं उनमें से आठ श्रमिक ही नहीं है. भड़काने के मामले में 32 लोगों की पहचान की गई है. जबकि 19 लोगों को अरेस्ट किया गया है. चार आरोपी साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं.
इसके अलावा कई आरोपी मजदूर बिगुल से जुड़े थे. यानी एक तौर से संगठन से वह जुड़े हुए थे. गैर श्रमिक उपद्रवियों की भूमिका पर प्रशासन की ओर से अधिकारियों की ओर से ज्यादा फोकस है और सोशल मीडिया पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.
चौराहों पर लगाए जाएंगे आरोपियों के पोस्टर
उपद्रवियों की पहचान कर तस्वीरें सार्वजनिक करने के निर्देश सीएम योगी के ओर से बीते दिन दिए गए. तो हिंसा में जितने लोग शामिल हैं उसमें से ज्यादातर लोग श्रमिक ही नहीं है या तो वो भड़काने की वजह से लोगों को यहां पर शामिल होते हुए नजर आए थे और या तो उनकी पूरी मंशा ही थी कि व्यवस्था को यहां पर अस्थिर करना है.
सैन्य टकराव से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता : प्रधानमंत्री मोदी
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि सैन्य टकराव से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता। यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम एक स्थिर, टिकाऊ और स्थायी शांति का समर्थन करते हैं।
पीएम मोदी में कहा, चांसलर स्टॉकर, आपकी पहली भारत यात्रा पर मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूं। हमें बहुत खुशी है कि आपने यूरोप के बाहर अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना। ये आपके विजन और भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। चार दशकों के बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर की भारत यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्ष 2026 के ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के बाद भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों में एक नए सुनहरे अध्याय की शुरुआत हुई है। चांसलर स्टॉकर की इस यात्रा से भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को भी एक नए कालखंड में ले जाया जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि अवसंरचना, नवाचार और स्थिरता में भारत और ऑस्ट्रिया भरोसेमंद साझेदार रहे हैं। दिल्ली मेट्रो हो या हिमालय पर 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बना अटल टनल, ऑस्ट्रिया की सुरंग निर्माण विशेषज्ञता ने अपनी मजबूत छाप छोड़ी है। इतना ही नहीं, रेलवे प्रोजेक्ट्स से लेकर गुजरात के गिरनार रोपवे तक, क्लीन एनर्जी से लेकर अर्बन डेवलपमेंट तक, भारत के कई इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स में ऑस्ट्रियन कंपनियां सक्रिय भागीदार रही हैं।
उन्होंने कहा कि चांसलर स्टॉकर की यह यात्रा ट्रेड और इनवेस्टमेंट में नई ऊर्जा लाएगी। मुझे खुशी है कि वे बड़े विजन और एक बड़े बिजनेस डेलिगेशन के साथ भारत आए हैं। भारत की स्पीड और स्केल को जोड़कर पूरी दुनिया के लिए विश्वसनीय तकनीक और सप्लाई चेन सुनिश्चित करेंगे। हम डिफेंस, सेमीकंडक्टर, क्वांटम और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में भी अपनी साझेदारी को सुदृढ़ करेंगे। साथ ही, हम इंजीनियरिंग और टेक्निकल एजुकेशन सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। आईआईटी दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मोंटान यूनिवर्सिटी के बीच आज साइन किया जा रहा एमओयू इस नॉलेज एक्सचेंज का एक उज्ज्वल उदाहरण है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का टैलेंट, ऑस्ट्रिया की इनोवेशन और प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने की क्षमता रखता है। 2023 में हमने ऑस्ट्रिया के साथ एक व्यापक माइग्रेशन एंड मोबिलिटी एग्रीमेंट किया था। अब इस एग्रीमेंट के अंतर्गत, हम नर्सिंग सेक्टर में भी मोबिलिटी को आगे बढ़ाएंगे। हम जॉइन्ट रिसर्च और स्टार्टअप सहयोग को भी और मजबूत करेंगे। यूथ एक्सचेंज को प्रमोट करने के लिए, हम आज भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम भी लॉन्च कर रहे हैं।
बता दें कि एक ऐसा समझौता है जिसके तहत भारत और ऑस्ट्रिया के युवा एक-दूसरे के देश में कुछ समय के लिए रहकर काम और यात्रा दोनों कर सकते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरा विश्व एक बहुत ही गंभीर और तनावपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है और इसका प्रभाव हम सभी पर पड़ रहा है। ऐसे तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में, भारत और ऑस्ट्रिया हम एकमत हैं कि सैन्य टकराव से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता। यूक्रेन हो या वेस्ट एशिया, हम एक स्टेबेल, सस्टेनबल और स्थायी शांति का समर्थन करते हैं। हम इस बात पर भी एकमत हैं कि बढ़ते ग्लोबल चुनौतियों के समाधान के लिए ग्लोबल इंस्टीट्यूशन का रिफॉर्म अनिवार्य है और आतंकवाद को जड़ से मिटाना हमारी साझी प्रतिबद्धता है। 2024 में मेरी ऑस्ट्रिया की यात्रा भी चार दशकों बाद हुई थी। उस विजिट के बाद आज ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर का भारत में स्वागत करना हमारे लिए बहुत गर्व और खुशी की बात है।
--आईएएनएस
एसके/वीसी
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