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भारत की सबसे लंबी दूरी तय करने वाली बस, 37 घंटे में पूरा करती है सफर, हर पल होता है रोमांच से भरा!

भारत में एक ऐसा बस रूट भी है, जिसे पूरा करने में पूरे 37 घंटे लगते हैं और दूरी करीब 1950 किलोमीटर है. यह लंबा सफर रोमांच, नए अनुभव और शानदार नजारों से भरपूर है.

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सम्राट को सुशासन का हस्तांतरण

लम्बे संघर्ष और राजनैतिक उतार-चढ़ाव के बाद भारतीय जनता पार्टी को बिहार में पहली बार अपना मुख्यमंत्री बनाने का अवसर मिल गया है। यह अवसर राजग गठबंधन के माध्यम से आया है। अभी तक बिहार में भाजपा जद (यू) के साथ छोटे भाई की भूमिका मे थी अब बड़े भाई की भूमिका में आ गई है। जब बिहार से विधायक नितिन नवीन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए तभी से बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की रणनीति पर काम चल रहा था। बिहार के निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना मन बनाया और राज्यसभा जाने के लिए तैयार हो गए। नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने से लेकर सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण तक सारी प्रक्रिया बहुत ही सधी हुई रही जिससे न तो विरोधी दलों को कोई अवसर मिला और न ही पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थक नाराज होकर कोई गठबंधन विरोधी कार्य कर सके। बिहार में नीतीश कुमार के युग का नयी पीढ़ी के सम्राट को हस्तांतरण हो गया है। यह निश्चित है कि बिहार में केवल मुख्यमंत्री का केवल चेहरा बदला है सरकार नीतीश कुमार जी के निर्देशन व उनके किए गए कार्यों के आधार पर ही चलने वाली है। 

सम्राट चौधरी के साथ जदयू के दो नेताओं विजय चौधरी और विजेंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। मंत्रिमंडल विस्तार बाद में किया जाएगा। अभी तक भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में गठबंधन की राजनीति में ऐसा सत्ता परिवर्तन किसी भी राज्य में कहीं भी नहीं देखा गया है। यह नेतृत्व परिवर्तन  भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास लिख रहा है। मुख्यमंत्री के पद पर सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण के बाद भाजपा नेताओं ने दावा किया कि जैसे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने बिहार की जनता की 18 वर्षों से भी अधिक समय तक सेवा की वैसे ही अब सम्राट चौधरी भी 20 वर्षों तक बिहार की सेवा करने वाले हैं।  

इसे भी पढ़ें: बिहार में विकास सम्बन्धी चुनौतियों को अवसरों में बदलना होगा नए सम्राट को!

कौन हैं सम्राट चौधरी- सम्राट चौधरी बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बने हैं और राजनीतिक दृष्टिकोण से युवा हैं। सम्राट चौधरी ओबीसी के कोइरी समुदाय से आते हैं। सम्राट चौधरी को बिहार के सवर्ण समाज मे भी पसंद किया जाता है। सवर्णों के मुद्दों पर भी वह मुखर रहे हैं। सम्राट की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत 1990 में हुई और वे लालू यादव की राजद से वर्ष 2000 में परबत्ता विधानसभा सीट से विधायक और लालू यादव की सरकार में मंत्री बने। 2014 में वो नीतीश कुमार जी के साथ आ गए किन्तु जदयू के साथ उनकी मित्रता अधिक दिनों तक नहीं चली और वह 2017 में बीजेपी में शामिल हुए। वर्ष 2023 में बिहार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाए गये। जनवरी 2024 में वह नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री बने और कई महत्वपूर्ण विभागों वित्त, स्वास्थ्य, शहरी विकास, पंचायती राज को संभाला। मात्र आठ से नौ वर्षों मे ही उनकी भाजपा मे तेज तरक्की पार्टी की ओबीसी राजनीति और रणनीति का अहम हिस्सा है। भाजपा ने सम्राट चौधरी का चयन काफी सोच समझ कर किया है ताकि पिछड़ों-दलितों-महादलितों की सियासत में कोई नया खालीपन न पैदा हो। 

सम्राट चौधरी को भले ही भाजपा में बाहर से आया नेता बताया जा रहा हो किंतु वह काफी दमदार हैं और उनकी शैली आक्रामक है। वह लालू यादव के समीकरण को ध्वस्त करने की क्षमता रखते हैं क्योकि उनकी राजनीति का सफर लालू यादव की राजद से ही प्रारंभ हुआ था और फिर वह नीतीश की पार्टी में भी गए और उसके बाद जीतनराम मांझी के साथ रहे। सम्राट के माध्यम से भाजपा ने पश्चिम बंगाल के ओबीसी समाज को एक बहुत बड़ा राजनैतिक संदेश भेजा है। बंगाल में ओबीसी समाज का मतदता बड़ी संख्या में है। वर्ष 2027 की शुरूआत मे ही उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में विधानसभा चुनाव होंगे उसको भी ध्यान में रखा गया है। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि जातीय जनगणना की उथल पुथल के बीच बीजेपी को एक कद्दावर ओबीसी नेता की तलाश थी जो सम्राट चौधरी पूरी कर रहे हैं। 

- मृत्युंजय दीक्षित

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  Sports

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने रचा इतिहास, आईपीएल में ऐसा करने वाली पहली टीम बनी

आईपीएल 2026 का 26वां मुकाबला आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जा रहा है। ये मैच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जा रहा है। दोपहर के मैच में आरसीबी की टीम पहले बल्लेबाज कर रही है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ी फील्डिंग और गेंदबाजी करते नजर आ रहे हैं। 

आज के मैच में उतरते ही विराट कोहली के स्टारडम वाली आरसीबी ने इतिहास रच दिया है। वे आईपीएल के इतिहास में किसी एक वेन्यू पर 100 मैच खेलने वाली पहली टीम बन गई है। चेन्नास्वामी के मैदान पर आरसीबी का ये 100वां मुकाबला है। इससे पहले किसी भी आईपीएल फ्रेंचाइजी ने एक वेन्यू पर 100 मैच नहीं खेले हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम एक वेन्यू पर सबसे ज्यादा खेलने वाली आरसीबी के बाद दूसरी टीम है। इस टीम ने अपने होम ग्राउंड ईडन गार्डन्स पर अब तक 98 मैच खेले हैं। 

बता दें कि, दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में आरसीबी के खिलाड़ी हरी जर्सी पहनकर मैदान पर उतरे हैं। ग्रीन जर्सी आरसीबी की ग्रीन इनिशिएटिव का अहम हिस्सा है। ये जर्सी वेस्ट मटेरियल को रीसाइकिल करके बनाई जाती है। आरसीबी 2011 से हर सीजन 1 मैच में हरी जर्सी पहनकर मैदान में उतरती है। बता दें कि, आरसीबी का रिकॉर्ड ग्रीन जर्सी में अच्छा नहीं रहा है। 1 बार की चैंपियन टीम ने साल 2011 से अब तक ग्रीन जर्सी में कुल 15 मुकाबले खेले हैं जिनमें से सिर्फ 5 मैच में ही जीत हासिल कर सकी है, जबकि 9 मुकाबलों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। एक मैच बेनतीजा रहा है।
Sat, 18 Apr 2026 17:35:01 +0530

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