Responsive Scrollable Menu

भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता 300 गीगावाट से अधिक हुई : रिपोर्ट

नई दिल्ली, 9 अगस्त (आईएएनएस)। भारत ने क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। देश की गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता 31 जुलाई, 2026 तक बढ़कर 300 गीगावाट से अधिक हो गई है। यह देश में स्थापित कुल ऊर्जा क्षमता 552 गीगावाट का करीब 54 प्रतिशत है। यह जानकारी नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से रविवार को दी गई।

केंद्र सरकार ने कहा कि क्लीन एनर्जी के उत्पादन में बढ़ोतरी कई सेक्टर के योगदान से हुई है। सोलर एनर्जी, रिन्यूएनबल एनर्जी में विकास का मुख्य इंजन बनी हुई है। 2014 में इसकी क्षमता सिर्फ 2.8 गीगावाट थी जो अब बढ़कर लगभग 165 गीगावाट हो गई है। साथ ही, विंड एनर्जी सेक्टर में भी तेजी आई है और इसकी क्षमता 2014 के 21 गीगावाट से बढ़कर 58 गीगावाट से ज्यादा हो गई है।

साल 2025-26 के दौरान, देश में गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा उत्पादन की रिकॉर्ड 55.29 गीगावाट क्षमता स्थापित की गई, जिसमें 44.6 गीगावाट सोलर पावर और 6 गीगावाट विंड पावर का मुख्य योगदान रहा।

भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता हासिल करने के लक्ष्य का 60 प्रतिशत पहले ही पूरा कर लिया है।

रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में हुई बढ़ोतरी देश में रिन्यूएबल एनर्जी के उत्पादन में भी दिखती है, जो 2014-15 में 190.96 बिलियन यूनिट (बीयू) से बढ़कर 2025-26 में 477.79 बीयू हो गया है।

भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट क्षमता हासिल करने के लक्ष्य का 60 प्रतिशत पहले ही पूरा कर लिया है, क्योंकि देश एक आत्मनिर्भर ऊर्जा इकोसिस्टम बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

इस तेजी से हो रहे विस्तार को सहारा देने और सप्लाई चेन में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए, भारत ने अपनी घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में बदलाव किया है।

देश में ज्यादा क्षमता वाले और घरेलू स्तर पर बने मॉड्यूल के साथ सोलर इंस्टॉलेशन पर ध्यान केंद्रित करने वाली प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम की वजह से, सोलर पीवी मॉड्यूल के लिए अप्रूव्ड लिस्ट ऑफ मॉडल्स एंड मैन्युफैक्चरर्स (एएलएमएम) के तहत रजिस्टर्ड क्षमता 2014 में सिर्फ 2.3 गीगावाट से बढ़कर ऐतिहासिक 200 गीगावाट के आंकड़े को पार कर गई है।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को लागू करके बड़े पैमाने पर औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन को भी बढ़ावा दे रहा है। इससे भारत ग्रीन हाइड्रोजन और उससे बनने वाले उत्पादों के उत्पादन, इस्तेमाल और निर्यात के लिए एक ग्लोबल हब बनने की स्थिति में आ रहा है।

--आईएएनएस

एबीएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

ऊंचाई वाले इलाकों में सीआरपीएफ जवानों के लिए ठंड के विशेष कपड़ों, उपकरणों को लेकर कोष मंजूर

ऊंचाई वाले इलाकों में सीआरपीएफ जवानों के लिए ठंड के विशेष कपड़ों, उपकरणों को लेकर कोष मंजूर

Continue reading on the app

  Sports

क्विंटन डी कॉक नंबर वन, धोनी तीसरे नंबर पर, टी20 के 5 सबसे सफल विकेटकीपर, जिन्होंने सबसे ज्यादा बल्लेबाजों के किए शिकार

5 Most successful wicket keeper in history of T20I: इंटरनेशनल टी-20 क्रिकेट में विकेट के पीछे सबसे ज्यादा शिकार करने का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के क्विंटन डी कॉक के नाम दर्ज है. इंग्लैंड के जोस बटलर दूसरे स्थान पर हैं, जबकि भारत के दिग्गज एमएस धोनी तीसरे पायदान पर मौजूद हैं. केन्या के इरफान करीम और रवांडा के डिडिएर नदिकुबविमाना भी इस लिस्ट का हिस्सा हैं. इस फॉर्मेट में 5 सबसे सफल विकेटकीपर के बारे में आइए जानते हैं. Sun, 9 Aug 2026 18:00:42 +0530

  Videos
See all

Attack On Mamata | Agnimitra Paul: 'मारना, जूता-चप्पल फेंकना..' अग्निमित्रा पॉल क्या बोल गईं ? #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-09T12:45:20+00:00

UP Election 2027: अखिलेश का 'PDA' बदला? अयोध्या से पवन पांडे को टिकट देकर खेला बड़ा ब्राह्मण दांव! #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-09T12:45:08+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers