सोने की चमक बढ़ी, चांदी का दाम 2.55 लाख रुपए हुआ
मुंबई, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। सोने और चांदी की कीमत में गुरुवार को उछाल देखने को मिला, जिससे दोनों की कीमती धातुओं की कीमत क्रमश: करीब 1.55 रुपए प्रति 10 ग्राम और 2.55 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 10:45 पर सोने का कॉन्ट्रैक्ट (5 जून 2026) 1,016 रुपए या 0.66 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,54,964 रुपए पर था।
अब तक के कारोबार में सोने ने 1,54,501 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,54,990 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है।
चांदी का कॉन्ट्रैक्ट (5 मई 2026) 3,258 रुपए या 1.29 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,55,000 रुपए पर था। अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,54,074 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,55,735 रुपए का उच्चतम स्तर बनाया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। सोना 0.70 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,856 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 80 डॉलर प्रति औंस पर थी।
जानकारों के मुताबिक, अमेरिका के उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) के उम्मीद से कमजोर आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट होने से सोने की कीमतों में तेजी आई। इससे मुद्रास्फीति संबंधी तात्कालिक चिंताएं कम हुईं और बाजार का समग्र माहौल बेहतर हुआ। आंकड़ों से पता चला कि पीपीआई में मामूली वृद्धि हुई, जो उम्मीदों से कम रही। इससे संकेत मिलता है कि मुद्रास्फीति का दबाव मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान संघर्ष जैसे बाहरी झटकों से प्रेरित है।
उन्होंने आगे बताया कि इससे डॉलर की सुरक्षित निवेश के रूप में मांग कम हुई और सोने की कीमतों में वृद्धि हुई, क्योंकि डॉलर के कमजोर होने से विदेशी खरीदारों के लिए सोना अधिक आकर्षक हो जाता है।
दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 97.80 पर पहुंच गया है, जो कि कुछ दिनों पहले 99 पर था।
--आईएएनएस
एबीएस/
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Naagin 7 की इस एक्ट्रेस के साथ 'भाई' ने की थी गंदी हरकत, अबॉर्शन के लिए खाया था पपीता
Kanika Mann Face Harassment At Home: टीवी इंडस्ट्री का पॉपुलर शो नागिन 7 (Naagin 7) इन दिनों काफी चर्चा में बना हुआ है. शो के इस सीजन में एक्ट्रेस कनिका मान (Kanika Mann) ने अपने दमदार किरदार से दर्शकों का ध्यान खींच लिया है. खास तौर पर उनका 'ड्रैगन' अवतार सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और लोग उनके लुक और परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ कर रहे हैं. दिलचस्प बात ये है कि शो की विलेन होने के बावजूद कनिका को दर्शकों का उतना ही, बल्कि कई बार उससे भी ज्यादा प्यार मिल रहा है जितना लीड एक्ट्रेस प्रियंका चेहर चौधरी (Priyanka Chahar Choudhary) को.
लेकिन हाल ही में कनिका मान ने अपने एक इंटरव्यू में अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है. चलिए हम आपको इसके बारे में सब कुछ डिटेल में बताते हैं.
बचपन की घटना ने छोड़ा गहरा असर
कनिका मान ने हॉटेररफ्ली को दिए इंटरव्यू में बताया कि लड़कियों की सुरक्षा सिर्फ बाहर ही नहीं, बल्कि कई बार घर के अंदर भी खतरे में होती है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों, खासकर लड़कियों को “गुड टच” और “बैड टच” के बारे में सही समय पर जानकारी देना बेहद जरूरी है. एक्ट्रेस ने कहा कि कई बार अगर गलत हरकत करने वाला कोई करीबी रिश्तेदार, कजिन या पड़ोसी हो तो बच्चे समझ ही नहीं पाते कि वो किससे शिकायत करें. घरवालों को बताने में डर लगता है, क्योंकि अक्सर ऐसे मामलों पर विश्वास करना परिवार के लिए मुश्किल होता है.
'मेरे साथ पानीपत में हुआ था…'
कनिका ने अपनी जिंदगी का दर्दनाक अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके साथ बचपन में ऐसी ही एक घटना हुई थी. उन्होंने कहा कि यह घटना उनके होमटाउन पानीपत में हुई थी और इसमें उनका एक बड़ा कजिन शामिल था, जिसने उन्हें गलत तरीके से छुआ था. उस वक्त कनिका बहुत छोटी थीं और उन्हें इस तरह की बातों की कोई समझ नहीं थी. उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद वह बेहद डर गई थीं और उन्हें यह तक लगने लगा था कि शायद वह प्रेग्नेंट हो गई हैं.
मासूमियत में किया अजीब कदम
कनिका ने बताया कि उस समय वह चौथी क्लास में पढ़ती थीं और उन्हें प्रेग्नेंसी के बारे में अधूरी जानकारी थी. उन्होंने घर में सुना था कि पपीता खाने से अबॉर्शन हो सकता है. इसी वजह से डर और गलतफहमी में उन्होंने ज्यादा मात्रा में पपीता खाना शुरू कर दिया, ताकि अगर कुछ हुआ हो तो उससे छुटकारा मिल सके. ये बात सुनकर साफ होता है कि बच्चों को सही जानकारी न मिलने पर वो कितनी गलत धारणाएं बना लेते हैं और किस हद तक डर और भ्रम में जीते हैं.
बच्चों को जागरूक करना क्यों जरूरी
कनिका मान ने अपने अनुभव के जरिए ये समझाने की कोशिश की कि बच्चों को छोटी उम्र से ही अपने शरीर, सीमाओं और सुरक्षा के बारे में सिखाना बहुत जरूरी है. “गुड टच” और “बैड टच” की जानकारी न सिर्फ उन्हें सतर्क बनाती है, बल्कि गलत स्थिति में आवाज उठाने का हौसला भी देती है.
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