Ranchi में प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहुंचे Piyush Mishra, 'इक बगल' और 'आरंभ है प्रचंड' गाकर बढ़ाया हौसला
झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के खिलाफ चल रहे आंदोलन को बड़ा समर्थन मिला है। मशहूर एक्टर और सिंगर पीयूष मिश्रा रविवार को आंदोलन स्थल पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बैठकर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने अपना बेहद लोकप्रिय गाना 'इक बगल' गाकर युवाओं में नया जोश भर दिया।
बिना किसी राजनीतिक एजेंडे के आंदोलन का समर्थन
इससे पहले शनिवार को भी पीयूष मिश्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे थे, जहां छात्र पिछले दो हफ्तों से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह इस आंदोलन का दिल से समर्थन करते हैं, क्योंकि छात्र बिना किसी राजनीतिक फायदे या भागीदारी के अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि उनकी इवेंट मैनेजमेंट कंपनी और उनकी तरफ से जितना भी संभव होगा, वे इस आंदोलन को पूरा सहयोग देंगे। उन्होंने राज्य सरकार से छात्रों की वाजिब मांगों पर जल्द से जल्द फैसला लेने की अपील की।
#WATCH | Actor and Singer Piyush Mishra sings his famous song 'Ik Bagal' at the JPSC-JSCC aspirants' protest at the Jaipal Singh Munda Stadium in Ranchi, Jharkhand. pic.twitter.com/07KocPIrz2
— ANI (@ANI) August 9, 2026
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'आरंभ है प्रचंड' से गूंजा स्टेडियम
शनिवार को भी पीयूष मिश्रा ने छात्रों के बीच अपना मशहूर गीत 'आरंभ है प्रचंड' गाया था। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर के आंदोलन और रांची के इस प्रदर्शन को अलग-अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए। झारखंड भी देश का हिस्सा है और हर किसी को छात्रों की इस समस्या पर खुलकर बात करनी चाहिए। आंदोलनकारियों के नेता ने बताया कि बॉलीवुड से पीयूष मिश्रा के आने और उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तारीफ करने से सभी छात्रों को एक नई ऊर्जा मिली है। इसे भी पढ़ें: Awarapan 2 में अरिजीत सिंह के साथ काम करने पर Amaal Mallik ने कही बड़ी बात
10 अगस्त को विधानसभा मार्च की चेतावनी
राज्य सरकार और पांच छात्र संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत होने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। आंदोलन को चलते हुए 15 दिन से ज्यादा का समय हो चुका है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर उनकी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया गया, तो वे 10 अगस्त को राज्य भर से एकजुट होकर 'विधानसभा घेराव' करेंगे।
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया, क्या बदलेगा राखी बांधने का मुहूर्त?
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना करती हैं, जबकि भाई बहन की रक्षा और सम्मान का संकल्प लेते हैं।
साल 2026 का रक्षाबंधन कुछ खास संयोग लेकर आ रहा है। 28 अगस्त, शुक्रवार को रक्षाबंधन मनाया जाएगा और इसी दिन आंशिक चंद्र ग्रहण भी पड़ेगा। ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ग्रहण के कारण राखी बांधने का शुभ समय बदल जाएगा और क्या त्योहार पर सूतक काल प्रभावी होगा?
28 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन
पंचांग के अनुसार, 2026 में रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन श्रावण पूर्णिमा तिथि रहेगी। दी गई जानकारी के मुताबिक पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। रक्षाबंधन के दिन भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त होने की बात कही गई है। ऐसे में भद्रा के कारण राखी बांधने में बाधा की स्थिति नहीं रहेगी।
रक्षाबंधन के दिन कब लगेगा चंद्र ग्रहण?
28 अगस्त 2026 को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण बताया जा रहा है। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। दी गई खगोलीय गणना के अनुसार इसकी आंशिक अवस्था भारतीय समय के मुताबिक सुबह करीब 8 बजकर 3 मिनट से शुरू होकर 11 बजकर 22 मिनट तक रह सकती है। ग्रहण का चरम करीब 9 बजकर 43 मिनट पर बताया गया है। हालांकि, इस ग्रहण की सबसे अहम बात यह है कि यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
क्या चंद्र ग्रहण से बदलेगा राखी बांधने का मुहूर्त?
ग्रहण को लेकर सबसे ज्यादा चिंता राखी बांधने के समय को लेकर होती है। चूंकि 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए दी गई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां इसके कारण रक्षाबंधन की राखी बांधने की परंपरा पर कोई विशेष रोक नहीं होगी।
यानी बहनें निर्धारित शुभ समय में भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। केवल ग्रहण की खबर सुनकर राखी बांधने का समय बदलने की जरूरत नहीं होगी।
क्या रक्षाबंधन पर लगेगा सूतक काल?
चंद्र ग्रहण से पहले सूतक काल की धार्मिक मान्यता है। हालांकि, सूतक को लेकर परंपराओं में ग्रहण के भारत में दिखाई देने या न दिखाई देने को भी महत्व दिया जाता है।
चूंकि यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होने की बात कही जा रही है। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन भारत में पूजा-पाठ और राखी बांधने की परंपरा सामान्य रूप से निभाई जा सकती है।
इन देशों में दिखाई दे सकता है चंद्र ग्रहण
28 अगस्त का आंशिक चंद्र ग्रहण भारत के अलावा दुनिया के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। इसकी दृश्यता मुख्य रूप से उत्तर और दक्षिण अमेरिका के कई क्षेत्रों में रहने की संभावना बताई गई है। ग्रहण के दौरान पृथ्वी की छाया चंद्रमा के एक हिस्से पर पड़ेगी, जिसके कारण यह आंशिक चंद्र ग्रहण के रूप में नजर आएगा।
रक्षाबंधन पर ऐसे बांधें भाई को राखी
रक्षाबंधन के दिन बहन सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा की थाली तैयार करें। थाली में राखी, रोली, अक्षत, दीपक और मिठाई रखी जा सकती है।
सबसे पहले भगवान का पूजन करें। इसके बाद भाई को तिलक लगाकर उसकी कलाई पर राखी बांधें। राखी बांधने के बाद भाई को मिठाई खिलाएं और उसके सुखी जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को उपहार देकर उसके सम्मान, सुरक्षा और खुशियों का हमेशा ध्यान रखने का संकल्प लेता है।
रक्षाबंधन और चंद्र ग्रहण का संयोग क्यों खास?
2026 में रक्षाबंधन और चंद्र ग्रहण का एक ही दिन पड़ना खगोलीय दृष्टि से खास संयोग है। हालांकि भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण यहां रहने वाले लोगों के लिए रक्षाबंधन की सामान्य धार्मिक परंपराओं में किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं बताई जा रही है।
फिर भी अलग-अलग पंचांग और स्थानीय धार्मिक परंपराओं में मुहूर्त को लेकर अंतर हो सकता है। इसलिए राखी बांधने के सटीक शुभ समय के लिए अपने क्षेत्र के पंचांग या स्थानीय ज्योतिषाचार्य से पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
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