हाइड्रोथेरेपी: पानी से उपचार का बेहतरीन तरीका, माइग्रेन से जोड़ों के दर्द तक में कारगर
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। जल ही जीवन है... ये तो हम सब जानते हैं, लेकिन जल से कई शारीरिक व मानसिक रोगों का इलाज भी संभव है, क्या ये आप जानते हैं? पानी से उपचार का प्राकृतिक और प्रभावी तरीका है हाइड्रोथेरेपी या जल चिकित्सा।
आयुष मंत्रालय द्वारा प्रोत्साहित यह प्राचीन विधि विभिन्न तापमान वाले पानी का उपयोग करके कई शारीरिक या मानसिक समस्याओं का उपचार होता है।
यह उपचार दवाओं के साइड इफेक्ट्स से बचना चाहने वालों के लिए सुरक्षित और प्रभावी विकल्प है। हाइड्रोथेरेपी शरीर की अपनी हीलिंग क्षमता को सक्रिय करती है। विशेषज्ञों की सलाह से इसे अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। पानी से होने वाला यह उपचार सस्ता, आसान और प्रकृति के करीब है, जो आधुनिक जीवनशैली की कई समस्याओं में राहत प्रदान करता है।
हाइड्रोथेरेपी न केवल माइग्रेन बल्कि शरीर के दर्द, सूजन और तनाव में भी राहत देने में कारगर है। जोड़ों के दर्द, पीठ दर्द और कई अन्य शारीरिक व मानसिक रोगों में भी कारगर साबित हुई है। हाइड्रोथेरेपी शरीर की प्राकृतिक जीवन शक्ति को बढ़ाकर रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करती है। जब नींद, खान-पान, व्यायाम जैसी आदतें बिगड़ती हैं, तो शरीर कमजोर पड़ जाता है। हाइड्रोथेरेपी पानी के जरिए शरीर को डिटॉक्स करती है, रक्त संचार सुधारती है, मांसपेशियों को आराम देती है और सूजन कम करती है।
इस थेरेपी में गर्म पानी में स्नान, ठंडे पानी के पैक, स्टीम बाथ, पूल में व्यायाम या सिर पर बर्फ की मालिश जैसी विधियां शामिल हैं। एक अध्ययन में पुराने माइग्रेन के मरीजों पर हाइड्रोथेरेपी का असर देखा गया। 40 मरीजों को दो समूहों में बांटा गया। एक समूह को दवाओं के साथ हाइड्रोथेरेपी (गर्म पानी में हाथ-पैर डुबोना और सिर पर बर्फ की मालिश) दी गई, जबकि दूसरे को सिर्फ दवाएं। 45 दिनों बाद हाइड्रोथेरेपी वाले समूह में सिरदर्द की आवृत्ति, तीव्रता और प्रभाव में काफी कमी आई। साथ ही हार्ट रेट वेरिएबिलिटी में सुधार हुआ, जिससे ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम बेहतर हुआ।
हाइड्रोथेरेपी माइग्रेन के साथ ही जोड़ों के दर्द, गठिया, फाइब्रोमायल्जिया, पीठ दर्द, तनाव, चिंता, अस्थमा, मोटापा और सर्जरी के बाद रिकवरी में भी बहुत फायदेमंद है। गर्म पानी मांसपेशियों को ढीला करता है और तनाव हार्मोन कम करता है, जबकि ठंडा पानी सूजन घटाता है।
--आईएएनएस
एमटी/डीकेपी
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लेडी सिंघम का जलवा! पंजाब में महिला अधिकारियों ने गैंगस्टरों की नाक में किया दम
पंजाब पुलिस की महिला अधिकारी महत्वपूर्ण ऑपरेशनों का नेतृत्व करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार के अपराध और गैंगस्टर मुक्त पंजाब के निरंतर प्रयासों को मजबूती प्रदान कर रही हैं. ये महिला अधिकारी आधुनिक पुलिसिंग की अग्रिम पंक्ति में एक निर्णायक शक्ति के रूप में उभर रही हैं. गैंगस्टर विरोधी अभियानों की निगरानी से लेकर समुदाय केंद्रित पहलों को आगे बढ़ाने तक, ये अधिकारी न केवल आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त कर रही हैं, बल्कि पुलिस बल में नेतृत्व की अपनी नई परिभाषा भी गढ़ रही हैं. नेतृत्व के पदों पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ने पंजाब पुलिस को देश की सबसे प्रगतिशील पुलिस बलों में शामिल कर दिया है.
प्रमुख अभियानों का नेतृत्व कर रही हैं महिलाएं
महिला अधिकारी ‘गैंग्स्ट्रां ते वार’ और ‘ऑपरेशन प्रहार’ जैसे प्रमुख अभियानों की निगरानी कर रही हैं. ये अधिकारी न केवल राज्य को अपराध से सुरक्षित कर रही हैं, बल्कि नई पीढ़ी की युवतियों को भी पुलिस सेवा में आने के लिए प्रेरित कर रही हैं. पंजाब सरकार के सहयोग से वर्तमान में कुल 79 महिला अधिकारी विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं, जिनमें स्पेशल डीजीपी से लेकर डीएसपी तक के पद शामिल हैं. पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, इन महिला अधिकारियों में 4 डीजीपी, 1 एडीजीपी, 2 आईजीपी, 2 डीआईजी, 18 एसएसपी और एआईजी, 23 एसपी, 1 एएसपी और 28 डीएसपी शामिल हैं. कुल 79 में से 5 अधिकारी सीधे तौर पर फील्ड पदों का नेतृत्व कर रही हैं, जहां वे खतरनाक अभियानों की निगरानी और भागीदारी करती हैं.
ग्राउंड लेवल पर मिल रही है बड़ी सफलता
फरीदकोट की एसएसपी प्रज्ञा जैन ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग का आधार लिंग नहीं, बल्कि क्षमता और तालमेल है. उन्होंने बताया कि एक विशेष मामले में देर रात के ऑपरेशन के दौरान महिला पीसीआर टीम ने स्थानीय महिलाओं से महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई, जिससे अगली सुबह सीधे गिरफ्तारियां संभव हो सकीं. वहीं फरीदकोट रेंज की आईजीपी निलांबरी जगदाले का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आपराधिक नेटवर्क को जड़ से खत्म करना और जनता में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है. उनके अनुसार, महिला अधिकारी अपराधियों से एक कदम आगे रहकर आधुनिक तकनीक और इंटेलिजेंस का बेहतरीन उपयोग कर रही हैं.
आंकड़ों में पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई
‘गैंग्स्ट्रां ते वार’ के तहत पंजाब पुलिस की कार्रवाई में अब तक काफी बड़े परिणाम सामने आए हैं. अभियान की शुरुआत से अब तक पुलिस बल ने राज्य भर में गैंगस्टरों के सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर 59,015 छापेमारी की है. इस दौरान कुल 21,154 गिरफ्तारियां की गई हैं और 888 घोषित अपराधियों को भी पकड़ा गया है.
एसएसपी खन्ना डॉ. दर्पण अहलूवालिया ने बताया कि पुलिस 'घर-घर संपर्क मुहिम' के जरिए सिविल कपड़ों में सीधे नागरिकों से जुड़ रही है और मानवीय खुफिया जानकारी एकत्र कर रही है. ऑपरेशन प्रहार के तहत अपराधियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उनकी कड़ी निगरानी की जा रही है ताकि पंजाब को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके. पंजाब को राष्ट्र के सबसे सुरक्षित राज्यों में से एक बनाने का लक्ष्य अब साफ नजर आ रहा है.
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